सुखबीर सिंह बादल पर कृपाण हमला: उमर अब्दुल्ला बोले — 'लोकतंत्र में ऐसे हमलों की कोई जगह नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर 13 अगस्त 2026 को अमृतसर के गुरुद्वारा माता साहिब कौर जी में कृपाण से हमला किया गया, जिसके बाद देशभर में राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का सिलसिला शुरू हो गया। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से लेकर अकाली दल के वरिष्ठ नेताओं तक, सभी ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की माँग की है।
हमले का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, जसपाल सिंह नामक व्यक्ति ने गुरुद्वारा माता साहिब कौर जी में सुखबीर सिंह बादल पर कृपाण से हमला किया। मौके पर मौजूद इंस्पेक्टर संतोष केंद्रे ने बादल को बचाने का प्रयास किया, परंतु इस दौरान वे स्वयं भी घायल हो गए। दोनों के हाथों में चोटें आईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने आरोपी जसपाल सिंह को घटनास्थल से गिरफ्तार कर लिया।
यह ऐसे समय में आया है जब सुखबीर सिंह बादल पहले भी एक जानलेवा हमले का सामना कर चुके हैं। आलोचकों का कहना है कि उस घटना के बाद भी उनकी सुरक्षा व्यवस्था में कोई ठोस सुधार नहीं किया गया।
उमर अब्दुल्ला की तीखी प्रतिक्रिया
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'मैं अपने पिता और सहयोगियों के साथ मिलकर, आज सुबह सुखबीर सिंह बादल पर हुए भयानक हमले की कड़े से कड़े शब्दों में निंदा करता हूँ। लोकतंत्र में ऐसे हमलों के लिए कोई जगह या कोई औचित्य नहीं है। हैरानी की बात यह है कि अमृतसर में सुखबीर बादल पर जानलेवा हमले की कोशिश के बाद भी, उनकी सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।'
गौरतलब है कि उमर अब्दुल्ला और सुखबीर बादल अलग-अलग राजनीतिक धाराओं का प्रतिनिधित्व करते हैं, फिर भी इस हमले की निंदा में उनका एकजुट होना लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के प्रति दलगत सहमति को दर्शाता है।
अकाली दल की माँगें
दिल्ली शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने इस घटना को 'बेहद निंदनीय' करार दिया। उन्होंने महाराष्ट्र पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच की अपील की। सरना ने कहा, 'जिस तरह से सुखबीर सिंह बादल पर हमला किया गया, वह बेहद गंभीर और चिंताजनक घटना है। दोषी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।'
अकाली दल के नेताओं ने यह भी माँग की है कि सुखबीर बादल की सुरक्षा तत्काल प्रभाव से बढ़ाई जाए। पार्टी का तर्क है कि एक वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री की सुरक्षा में इस स्तर की चूक सरकारी तंत्र की गंभीर लापरवाही को उजागर करती है।
PM मोदी ने लिया हाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हमले की जानकारी मिलने के बाद सुखबीर बादल की पत्नी और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल से फोन पर बातचीत की और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली।
आगे क्या
पुलिस ने आरोपी जसपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जाँच जारी है। राजनीतिक दलों की माँग है कि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि वरिष्ठ नेताओं पर इस तरह के हमले दोबारा न हो सकें। इस घटना के बाद पंजाब की राजनीति में उठापटक और तेज होने के आसार हैं।