हजूर साहिब में सुखबीर सिंह बादल पर हमला, दाहिना हाथ चोटिल; अकाली दल ने की कड़ी निंदा
सारांश
मुख्य बातें
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर 13 अगस्त को हजूर साहिब (नांदेड़) में मत्था टेकने के दौरान हमला किया गया। निहंग के भेष में आए एक व्यक्ति ने यह हमला करने की कोशिश की, जिसे उनके सुरक्षाकर्मियों ने नाकाम कर दिया — हालाँकि इस दौरान बादल का दाहिना हाथ चोटिल हो गया और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। शिअद नेताओं ने पुष्टि की है कि वे पूरी तरह स्वस्थ हैं।
घटनाक्रम: हजूर साहिब में क्या हुआ
शिरोमणि अकाली दल के मुख्य प्रवक्ता एडवोकेट अर्शदीप सिंह क्लेर ने बताया कि सुखबीर सिंह बादल हजूर साहिब में मत्था टेकने के बाद जैसे ही वहाँ से निकलने लगे, निहंग के वेश में एक व्यक्ति ने उन पर हमला करने का प्रयास किया। सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता से हमला पूरी तरह सफल नहीं हो पाया, लेकिन इस झड़प में बादल के दाहिने हाथ में चोट आई। उन्हें तत्काल उपचार के लिए नज़दीकी अस्पताल ले जाया गया।
क्लेर ने स्पष्ट किया, 'जो लोग सरदार सुखबीर सिंह बादल को पसंद करते हैं, उन्हें बता दूँ कि वे पूरी तरह स्वस्थ और ठीक हैं।'
पार्टी नेताओं की प्रतिक्रिया
शिअद नेता और पंजाब कोर कमेटी के सदस्य संजीव तलवार ने कहा कि यह सरकारी तंत्र की विफलता है। उन्होंने कहा, 'सुखबीर सिंह बादल पर तब हमला हुआ जब वे अपने धर्म के अनुसार शीश नवाने जा रहे थे — एक ऐसी जगह जहाँ सब बराबर हैं। यह सीधे तौर पर सिख धर्म पर हमला है।' तलवार ने यह भी कहा कि हमलावरों की पहचान और हमले में घायल अन्य लोगों की जानकारी अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है।
तलवार ने आशंका जताई कि यह उन तत्वों की साजिश हो सकती है जो पंजाब को 1984 के दौर में वापस ले जाना चाहते हैं, हालाँकि उन्होंने इसे अपनी राय बताया।
यूथ अकाली दल की माँग
यूथ अकाली दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरबजीत सिंह झिंजर ने घटना को 'बेहद दुखद और अस्वीकार्य' करार देते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से तत्काल और गहन जाँच के आदेश देने की माँग की। झिंजर ने कहा कि नांदेड़ साहिब आने वाले सिख तीर्थयात्रियों और गणमान्य व्यक्तियों की सुरक्षा बिना किसी समझौते के सुनिश्चित होनी चाहिए।
आम जनता और सिख समुदाय पर असर
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब हजूर साहिब — जो सिखों के पाँच तख्तों में से एक है — में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। किसी वरिष्ठ राजनीतिक नेता पर पवित्र स्थल पर इस तरह का हमला सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में स्थित इस धार्मिक स्थल की सुरक्षा राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।
आगे क्या होगा
अकाली दल ने महाराष्ट्र सरकार से जाँच और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की माँग की है। हमलावर की पहचान और पूरी घटना की जाँच जारी है। सुखबीर सिंह बादल के स्वास्थ्य की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।