LPU में छात्र प्रदर्शन हिंसक: तीन पुलिस वाहन जलाए, कई पुलिसकर्मी घायल
सारांश
मुख्य बातें
फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में 27 सितंबर 2026 की शाम को छात्र प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने कम से कम तीन पुलिस एसयूवी को आग लगा दी और कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। यह हिंसा विश्वविद्यालय परिसर में एक छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म और उसके बाद उसकी आत्महत्या की सोशल मीडिया पर फैली अपुष्ट खबरों के विरोध में हुए बड़े प्रदर्शन के कुछ घंटों बाद भड़की।
मुख्य घटनाक्रम
रविवार शाम को फगवाड़ा में स्थिति तब बिगड़ी जब प्रदर्शनकारी छात्रों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया और एक पुलिस वाहन में आग लगा दी। इसके जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इससे पहले हुए प्रदर्शनों में विश्वविद्यालय की संपत्ति को व्यापक नुकसान पहुँचाया गया था — खिड़कियाँ तोड़ी गईं, परिसर के कुछ हिस्सों में आग लगाई गई और जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध कर यातायात ठप कर दिया गया।
हिंसा के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। अधिकारी कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों के साथ-साथ आगजनी, तोड़फोड़ और पुलिस वाहनों पर हमलों की भी जाँच कर रहे हैं।
पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच
कपूरथला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव तोरा ने बताया कि छात्रों द्वारा पत्थरबाजी और एक पुलिस वाहन में आग लगाने के बाद स्थिति और बिगड़ गई। उन्होंने कहा कि पुलिस ने जाँच में पारदर्शिता बनाए रखने के प्रयास किए हैं और छात्रों के साथ सीसीटीवी फुटेज सहित संबंधित सामग्री साझा की है।
शुरू में पुलिस अधिकारियों ने कहा कि उन्हें कथित दुष्कर्म की पुष्टि करने वाली कोई शिकायत या सबूत नहीं मिला। हालाँकि, बाद में छात्रों के बयानों के आधार पर एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म का एफआईआर दर्ज किया गया और आरोपों की पुष्टि के लिए एक विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया गया।
विश्वविद्यालय का रुख
LPU ने छात्रों और अन्य लोगों से अपुष्ट जानकारी न फैलाने का आग्रह किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी तक कथित घटना पर विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कथित यौन उत्पीड़न की निंदा करते हुए इस स्थिति के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि आरोपियों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, लेकिन पुलिस की निष्क्रियता ने स्थिति को और बिगाड़ा। मजीठिया ने यह भी आरोप लगाया — हालाँकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है — कि अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री भगवंत मान और मनीष सिसोदिया कथित तौर पर LPU के कुलाधिपति अशोक मित्तल के AAP छोड़कर BJP में शामिल होने के बाद विश्वविद्यालय को बंद करवाना चाहते हैं। AAP की ओर से इन आरोपों पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
आगे क्या होगा
गठित SIT के जल्द जाँच शुरू करने की उम्मीद है। यह घटना ऐसे समय में आई है जब देशभर में उच्च शिक्षण संस्थानों में परिसर सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि हिंसा में शामिल लोगों की पहचान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की जाएगी।