चिटकारा यूनिवर्सिटी में 'भूत' की अफवाह से हंगामा, पुलिस वाहन में तोड़फोड़; DSP बोले — सभी छात्र सुरक्षित
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के राजपुरा स्थित चिटकारा यूनिवर्सिटी में 26 सितंबर 2026 की देर रात 'भूत' की अफवाह और दो छात्राओं के कथित लापता होने की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद सैकड़ों छात्र सड़कों पर उतर आए और कैंपस में जमकर हंगामा किया। स्थिति इतनी बिगड़ी कि प्रदर्शनकारी छात्रों ने पुलिस की एक गाड़ी में तोड़फोड़ कर दी और सुरक्षाकर्मियों से हाथापाई के आरोप भी सामने आए। पटियाला पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और डीएसपी सुखदेव सिंह ने स्पष्ट किया है कि अब तक लापता होने का दावा अफवाह प्रतीत होता है।
अफवाह की जड़ क्या थी
छात्रों के बीच यह दावा फैल गया था कि कैंपस में पहले किसी छात्रा ने आत्महत्या की थी और उसका 'भूत' अब हॉस्टल के कमरों में रहने वाले छात्रों को परेशान कर रहा है। यूनिवर्सिटी के सुरक्षा गार्डों और वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे सिरे से नकारते हुए कहा कि परिसर में ऐसी कोई आत्महत्या की घटना नहीं हुई है।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बताया कि दरअसल कुछ शरारती छात्र जानबूझकर रात के समय दूसरे छात्रों के कमरों के दरवाजे खटखटाकर भाग जाते हैं, जिससे अफवाहें और तेज़ हो गईं। इसी के साथ सोशल मीडिया पर दो लड़कियों के लापता होने की पोस्ट भी वायरल हो गई, जिसने माहौल को और भड़का दिया।
हंगामा और तोड़फोड़
स्थिति बिगड़ते देख थाना बनूड़, थाना सदर राजपुरा और थाना सिटी राजपुरा से भारी पुलिस बल मौके पर पहुँचा। आरोप है कि इसी दौरान उत्तेजित छात्रों ने पुलिस टीम से हाथापाई की और पुलिस के एक वाहन में तोड़फोड़ कर दी।
इसके अलावा, केएसएम चौकी (सिटी राजपुरा) के इंचार्ज अजय कुमार के साथ भी कथित तौर पर मारपीट किए जाने की जानकारी सामने आई। छात्रों ने आरोप लगाया कि चौकी इंचार्ज ने शराब पी रखी थी, जिसके बाद यूनिवर्सिटी की लैब में ही उनका मेडिकल परीक्षण करवाया गया।
पुलिस की प्रतिक्रिया और आश्वासन
डीएसपी सुखदेव सिंह ने कहा कि अभी तक किसी भी छात्र को यह जानकारी नहीं है कि कौन-सी दो लड़कियाँ कथित तौर पर लापता हैं और न ही किसी छात्रा का नाम या पहचान सामने आई है। उन्होंने कहा, 'प्रथम दृष्टया यह बात अफवाह के तौर पर सामने आई है।' स्थानीय एसएचओ गुरसेवक सिंह और डीएसपी बनूड़ सहित पुलिस टीम ने छात्रों से बातचीत कर उनकी शिकायतें दर्ज कीं।
पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि रात के समय दरवाजे खटखटाने की घटनाओं की सीसीटीवी फुटेज के ज़रिए बारीकी से जाँच होगी और किसी भी शरारती तत्व के खिलाफ सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
अभिभावकों से अपील
डीएसपी सुखदेव सिंह ने अभिभावकों से अपील की कि वे चिंता न करें — यूनिवर्सिटी में स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है और सभी छात्र सुरक्षित हैं। पुलिस मौके पर मौजूद है और सुरक्षा व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
आगे क्या होगा
पुलिस ने पूरे मामले की जाँच का आश्वासन दिया है। प्रत्येक छात्र से जानकारी लेकर सत्यापन किया जाएगा। यदि कोई छात्रा वास्तव में लापता पाई जाती है, तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर उजागर करती है कि सोशल मीडिया पर बिना सत्यापन के वायरल होने वाली पोस्टें किस तरह परिसरों में हिंसा और अफरातफरी को जन्म दे सकती हैं।