मनुस्मृति पर राहुल गांधी की चुप्पी क्यों — हिजाब और ट्रिपल तलाक पर BJP सांसद धर्मशीला गुप्ता का तीखा सवाल
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद धर्मशीला गुप्ता ने 27 अगस्त को नई दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मनुस्मृति संबंधी बयान पर कड़ा पलटवार किया। उन्होंने राहुल गांधी पर हिंदुओं को विभाजित करने और तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि वे हिजाब और ट्रिपल तलाक पर मौन क्यों साधे हुए हैं।
मनुस्मृति विवाद पर BJP का पलटवार
धर्मशीला गुप्ता ने कहा, 'राहुल गांधी का विवेक शून्य हो रहा है। उन्हें ये ध्यान नहीं है कि अब देश संविधान से चलता है। राहुल गांधी हिंदुओं को सदन में हिंसक बताते हैं और हिंदुओं को बांटने की कोशिश करते हैं, इसलिए वो मनुस्मृति की चर्चा कर रहे हैं, उसकी बुराई कर रहे हैं।'
उन्होंने आगे सवाल उठाया, 'अगर आप इतना मनुस्मृति की बात कर रहे हैं तो मुस्लिम बहनों के हिजाब का आप क्यों नहीं विरोध करते? हिजाब का विरोध कीजिए, तीन तलाक का विरोध कीजिए।'
ट्रिपल तलाक और मुस्लिम महिलाओं का मुद्दा
BJP सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रिपल तलाक को समाप्त कर मुस्लिम महिलाओं को स्वतंत्रता और अधिकार दिए, जबकि राहुल गांधी की राजनीति हिंदुओं को बांटने तक सीमित है। उन्होंने कहा, 'विवेक और बुद्धि से बात कीजिए ताकि देश और दुनिया भी आपको नेता समझे।'
अखिलेश यादव पर निशाना
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव के महिला-केंद्रित वादों पर भी गुप्ता ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, 'अखिलेश यादव ने महसूस किया है कि उत्तर प्रदेश की जनता उन्हें नकार रही है, इसलिए वे चुनावी नारे तैयार कर रहे हैं।'
उन्होंने याद दिलाया कि 2012 से 2017 तक SP की सरकार के दौरान महिलाओं की स्थिति पर कोई ध्यान नहीं दिया गया था। BJP सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और PM मोदी की डबल इंजन सरकार में प्रदेश की महिलाएं सशक्त और आत्मनिर्भर हो रही हैं।
बिहार छात्र आंदोलन पर प्रतिक्रिया
बिहार में छात्रों के प्रदर्शन पर धर्मशीला गुप्ता ने कहा कि सरकार पूरी तत्परता से मामले का संज्ञान ले रही है। उन्होंने कहा, 'छात्र हमारे भविष्य हैं। हम अपने बच्चों और छात्रों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।' साथ ही उन्होंने छात्रों से घर लौटकर पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।
राजनीतिक संदर्भ
यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश चुनाव की सरगर्मियाँ तेज हो रही हैं और मनुस्मृति तथा सामाजिक न्याय के मुद्दे राष्ट्रीय विमर्श में केंद्र में हैं। गौरतलब है कि BJP और कांग्रेस के बीच धार्मिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर आरोप-प्रत्यारोप का यह सिलसिला नया नहीं है, लेकिन चुनाव नज़दीक आते ही इसकी तीव्रता बढ़ जाती है।