राहुल गांधी की भाषा पर BJP का पलटवार: मनोज तिवारी बोले — मानसिक स्वास्थ्य जाँच ज़रूरी
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री को लेकर की गई टिप्पणियों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने 14 अगस्त को तीखी प्रतिक्रिया दी। BJP नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी की भाषा और आचरण लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा के अनुकूल नहीं है।
मनोज तिवारी का बयान
BJP सांसद मनोज तिवारी ने कहा, 'राहुल गांधी इस समय बहुत ज़्यादा हताशा में हैं और मुझे लगता है कि उन्हें इस समय मानसिक स्वास्थ्य की जाँच की ज़रूरत है। संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के लिए वे जिस तरह की अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, वैसी भाषा की उम्मीद विपक्ष के नेता के पद पर बैठे किसी व्यक्ति से नहीं की जा सकती। उन्होंने संसद की गरिमा को शर्मसार किया है।'
तिवारी ने आगे कहा, 'मैंने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि मुझे लगता है कि वे इतने हताश हैं कि कहीं खुद को नुकसान न पहुँचा बैठें। राहुल गांधी संसद के अंदर अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर सकते हैं, तो बाहर क्या करेंगे?'
उत्तर प्रदेश के डिप्टी CM का हमला
उत्तर प्रदेश के डिप्टी मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस नेता लगातार ऐसे बयान दे रहे हैं और ऐसी हरकतें कर रहे हैं जिनसे देश की छवि खराब होती है। कांग्रेस पार्टी को आत्ममंथन करने की ज़रूरत है।'
शाहनवाज हुसैन ने माफी की माँग की
BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा, 'राहुल गांधी ने मर्यादा की सारी हदें पार कर दी हैं। पिछले 75 सालों में विपक्ष का कोई भी नेता ऐसा नहीं हुआ जिसने संसदीय मर्यादा का इस हद तक उल्लंघन किया हो।' उन्होंने आरोप लगाया कि संसद को चलने नहीं दिया गया और बाहर एक वैकल्पिक मंच बना लिया गया — जिसमें कथित तौर पर किसी सांसद को साधु के वेश में भेजना, बंदर लाना और नाटकीय आचरण शामिल था। हुसैन ने माँग की कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री मोदी के लिए इस्तेमाल की गई भाषा के लिए सार्वजनिक माफी माँगें।
राजनीतिक परिप्रेक्ष्य
यह ऐसे समय में आया है जब संसद का मानसून सत्र विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच लगातार तनाव का गवाह रहा है। गौरतलब है कि नेता प्रतिपक्ष के आचरण और संसदीय मर्यादा को लेकर यह पहली बार नहीं है जब BJP और कांग्रेस के बीच इस तरह का टकराव सामने आया हो। आगे संसद सत्र में दोनों पक्षों के बीच तनाव और बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।