27 अगस्त 2026
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नेपाल के टिमुरे से 21 भारतीयों को बचाया गया, सभी तमिलनाडु के; 288 से अभी भी संपर्क नहीं

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नेपाल के टिमुरे से 21 भारतीयों को बचाया गया, सभी तमिलनाडु के; 288 से अभी भी संपर्क नहीं

सारांश

नेपाल के टिमुरे में आई भीषण बाढ़ के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने 21 भारतीय नागरिकों के बचाव की पुष्टि की — सभी तमिलनाडु के कैलाश मानसरोवर यात्री। लेकिन 288 भारतीयों से अभी भी संपर्क नहीं, और बाढ़ में मृतकों का आँकड़ा 270 पहुँच गया है।

मुख्य बातें

विदेश मंत्रालय ने 27 अगस्त 2026 को पुष्टि की कि नेपाल के टिमुरे से 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाया गया।
बचाए गए सभी 21 नागरिक तमिलनाडु के निवासी हैं और कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे।
नेपाल में अभी भी 288 भारतीयों से संपर्क नहीं; इनमें 73 त्रिशूली-1 पावर प्रोजेक्ट कर्मचारी शामिल।
तिब्बत में फंसे करीब 200 भारतीयों से संपर्क के प्रयास जारी।
नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़ में मृतकों की संख्या 270 तक पहुँची।
PM मोदी ने नेपाल के PM से फोन पर बात कर हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया; भारत राहत सामग्री और बेली ब्रिज भेज रहा है।

विदेश मंत्रालय (MEA) ने 27 अगस्त 2026 को पुष्टि की कि नेपाल के टिमुरे में फंसे 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। ये सभी नागरिक तमिलनाडु के निवासी हैं और कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे। नेपाल-तिब्बत सीमा पर बुधवार सुबह आई विनाशकारी बाढ़ के बाद यह पहली बड़ी राहत खबर है।

बचाए गए भारतीयों की सूची

विदेश मंत्रालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर बचाए गए 21 नागरिकों के नाम जारी किए। इनमें शामिल हैं — शिवरंजनी मुथुनाथन, कर्पगम राजमोहन, मारन गोविंदासामी, शांति मारन, मुथुकुमारेसन रामलिंगम, नवु कबीरदास, विजयभुवनेश्वरी विश्वनाथन, मैथिली मुथुकुमारेसन, त्यागराजन रथिनम, किरुबागरी बालासुब्रमण्यम, वल्लीनायकी शिवकुमार, साथिया जयारमन, थिरुमावलवन गोविंदरासु, कनागासाबाई नतेसापिल्लई, राधाई कनागासाबाई, रथिनाकुमार कुंचिथपथम, पुंगुझाली पोन्नम्बलम, पझानियाप्पन मैकापेरुमल, कलैमथी पझानियाप्पन, रघुनाथन मुनिराज और कनागासाबाई नतेसा पिल्लई। मंत्रालय के अनुसार यह सूची 27 अगस्त 2026 दोपहर 1 बजे IST तक की है।

288 भारतीयों से अभी भी संपर्क नहीं

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार की मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि नेपाल में अभी भी 288 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पाया है। इनमें से 73 लोग त्रिशूली-1 पावर प्रोजेक्ट में कार्यरत हैं। इसके अलावा, तिब्बत में फंसे करीब 200 भारतीयों से भी लगातार संपर्क स्थापित करने के प्रयास जारी हैं।

भारत की राहत कार्रवाई

जायसवाल ने बताया कि भारत नेपाल की माँग के आधार पर राहत सामग्री और बेली ब्रिज भेज रहा है। विदेश मंत्रालय ने 24 घंटे सक्रिय एक कंट्रोल रूम स्थापित किया है। काठमांडू और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावासों में भी 24 घंटे की हेल्पलाइन चालू कर दी गई है।

प्रवक्ता ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से फोन पर बात कर संवेदना व्यक्त की और हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।

बाढ़ की तबाही: 270 से अधिक मौतें

नेपाल-तिब्बत सीमा पर बुधवार सुबह आई अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) में मृतकों की संख्या 270 तक पहुँच गई है। नेपाल पुलिस ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से इस आँकड़े की पुष्टि की है। यह आपदा कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर स्थित टिमुरे क्षेत्र को सबसे अधिक प्रभावित किया है, जिससे तीर्थयात्रियों और स्थानीय मजदूरों दोनों की जान खतरे में पड़ गई।

आगे क्या

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि राहत और बचाव अभियान जारी रहेगा। जब तक शेष 288 भारतीयों का पता नहीं चल जाता, कंट्रोल रूम और दूतावास हेल्पलाइन चौबीसों घंटे सक्रिय रहेंगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारत और नेपाल के बीच राजनयिक समन्वय तेज़ किया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली संकट की परत अभी भी गहरी है — 288 भारतीयों का अता-पता नहीं और तिब्बत में 200 और फंसे हैं। यह सवाल उठता है कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए मौसम-आधारित जोखिम मूल्यांकन और आपातकालीन संचार तंत्र कितने पर्याप्त हैं। त्रिशूली-1 जैसे बड़े अवसंरचना प्रोजेक्ट्स में भारतीय श्रमिकों की तैनाती और उनकी सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर पुनर्विचार जरूरी है। बेली ब्रिज और राहत सामग्री भेजना तात्कालिक कदम है, लेकिन दीर्घकालिक सवाल यह है कि क्या भारत के पास ऐसी आपदाओं के लिए पड़ोसी देशों में रहने वाले अपने नागरिकों की रियल-टाइम ट्रैकिंग की कोई ठोस प्रणाली है।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल के टिमुरे से कितने भारतीयों को बचाया गया और वे कौन हैं?
विदेश मंत्रालय के अनुसार 27 अगस्त 2026 तक कुल 21 भारतीय नागरिकों को नेपाल के टिमुरे से सुरक्षित बचाया गया है। ये सभी तमिलनाडु के निवासी हैं और कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे।
नेपाल में कितने भारतीयों से अभी भी संपर्क नहीं हो पाया है?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार नेपाल में 288 भारतीयों से संपर्क नहीं हो पाया है, जिनमें 73 त्रिशूली-1 पावर प्रोजेक्ट में कार्यरत हैं। तिब्बत में फंसे करीब 200 भारतीयों से भी संपर्क के प्रयास जारी हैं।
नेपाल-तिब्बत बाढ़ में कितनी मौतें हुई हैं?
नेपाल पुलिस के अनुसार नेपाल-तिब्बत सीमा पर बुधवार सुबह आई फ्लैश फ्लड में मृतकों की संख्या 270 तक पहुँच गई है। यह आँकड़ा बढ़ सकता है क्योंकि बचाव अभियान अभी जारी है।
भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों के लिए क्या कर रही है?
भारत ने 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया है और काठमांडू व बीजिंग दूतावासों में हेल्पलाइन चालू की है। नेपाल की माँग पर राहत सामग्री और बेली ब्रिज भेजे जा रहे हैं, और PM मोदी ने नेपाल के PM से बात कर पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए भारतीय इस बाढ़ में कैसे फंसे?
तमिलनाडु के ये 21 नागरिक कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान नेपाल के टिमुरे क्षेत्र में थे, जब नेपाल-तिब्बत सीमा पर अचानक बाढ़ आई। यह यात्रा मार्ग टिमुरे से होकर गुज़रता है, जो बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से एक रहा।
राष्ट्र प्रेस
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