नेपाल बाढ़ में 177 की मौत, 826 लापता; टिमुरे से 21 भारतीयों समेत 116 को बचाया गया
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल की भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है — 27 अगस्त 2026 को सुबह 10 बजे तक 177 लोगों के शव बरामद किए जा चुके थे, जबकि 826 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं। यह बाढ़ चीन के तिब्बती क्षेत्र से उत्पन्न होकर सीमा पार भोटेकोशी नदी के रास्ते नेपाल में दाखिल हुई और कई जिलों में तबाही का मंजर छोड़ गई।
मुख्य घटनाक्रम
नेपाल पुलिस ने पुष्टि की कि गुरुवार सुबह 10 बजे तक 177 शव बरामद हो चुके हैं और मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। शव भोटेकोशी और त्रिशूली नदी प्रणालियों के किनारे बसे कई जिलों — रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, चितवन, गोरखा, तनहुं, नवलपरासी (पूर्व) और नवलपरासी (पश्चिम) — से बरामद किए गए। सर्वाधिक शव नेपाल के दक्षिणी मैदानी जिले चितवन से मिले हैं।
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के अनुसार, गुरुवार सुबह 11 बजे तक 826 लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा था, जिनमें से 579 पर्यटक थे। प्राधिकरण ने यह स्पष्ट नहीं किया कि ये विदेशी पर्यटक थे, घरेलू पर्यटक थे या दोनों।
भारतीय नागरिकों का बचाव
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बताया कि नेपाली सेना ने गुरुवार सुबह बचाव अभियान चलाकर बाढ़ से सबसे बुरी तरह प्रभावित क्षेत्रों में से एक, टिमुरे, से 95 नेपाली नागरिकों और 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला। इसके अलावा रसुवा और नुवाकोट जिलों में नेपाली सेना के 48 जवान, नेपाल पुलिस के 28 जवान और आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) के 13 जवान सहित 162 अन्य लोग भी लापता बताए गए।
बुनियादी ढाँचे को नुकसान
बाढ़ के कारण रिहायशी इलाकों, पनबिजली परियोजनाओं, कस्टम ऑफिस और बिजली के बुनियादी ढाँचे को भारी क्षति पहुँची है। नेपाल सरकार ने बताया कि गुरुवार सुबह से ही राहत एवं बचाव कार्य जारी है। इस आपदा ने नेपाल की पहाड़ी नदी घाटियों में बसी आबादी और पर्यटन उद्योग दोनों को गहरा झटका दिया है।
सरकार की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने बताया कि प्रधानमंत्री शाह गुरुवार सुबह नुवाकोट जिले की बाढ़ प्रभावित बिदुर नगर पालिका पहुँचे और आपदाग्रस्त इलाकों का जायजा लिया। दौरे के दौरान प्रधानमंत्री और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट मंत्री ने भौतिक नुकसान का आकलन किया और स्थानीय प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों तथा जनप्रतिनिधियों के साथ राहत, पुनर्वास और बाधित बुनियादी ढाँचा सेवाओं की बहाली पर चर्चा की। PMO के अनुसार, प्रधानमंत्री से यह भी अपेक्षा है कि वे सभी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित राहत और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढाँचे के पुनर्निर्माण में तेजी लाने के निर्देश जारी करेंगे।
आगे की स्थिति
यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल में मानसून का मौसम अपने चरम पर है और हिमालयी नदियाँ पहले से उफान पर हैं। गौरतलब है कि भोटेकोशी नदी में इससे पहले भी कई बार विनाशकारी बाढ़ आ चुकी है, क्योंकि यह चीन की ओर से आने वाले ग्लेशियल झीलों के पानी के लिए प्रमुख मार्ग है। बचाव दल लापता लोगों की तलाश जारी रखे हुए हैं और मृतकों की संख्या में और वृद्धि की आशंका बनी हुई है।