नेपाल बाढ़ में 162 की मौत, श्री श्री रवि शंकर बोले — प्रभावित परिवारों को दें हिम्मत
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल की भोटेकोशी नदी में 27 अगस्त 2025 को आई अचानक विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें अब तक 162 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 81 से अधिक लोग विभिन्न अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। सैकड़ों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें मानसरोवर यात्रा पर गए बड़ी संख्या में भारतीय तीर्थयात्री भी शामिल हैं।
श्री श्री रवि शंकर की संवेदनाएँ
आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक और आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रवि शंकर ने इस त्रासदी पर गहरा दुख जताते हुए एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि इस समय नेपाल बड़ी आपदा का सामना कर रहा है और लापता यात्रियों तथा भारी क्षति के बीच सभी को प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने अपील की कि सब मिलकर प्रार्थना करें ताकि पीड़ितों को शक्ति मिले।
गुरुदेव ने एक वीडियो संदेश भी जारी किया जिसमें उन्होंने कहा, 'प्रकृति का प्रकोप और इतनी बड़ी आपदा से इस वक्त नेपाल जूझ रहा है। इसमें कई यात्री जो मानसरोवर के लिए गए हुए थे, वे लापता हैं और बहुत सारे जान-माल का भी नुकसान हुआ है। इस कठिन परिस्थिति में हम सब वहाँ की जनता के साथ, नेपाल सरकार के साथ खड़े हैं।'
उन्होंने आगे कहा, 'जो प्रभावित परिवार हैं, उनको हिम्मत दें और प्रार्थना करें ताकि उनको इस कष्ट की परिस्थिति से गुजरने के लिए आत्मबल और सहन करने की क्षमता मिले। हम सब लोग उनके काम आएँ और यह प्रार्थना करें कि इस क्लिष्ट परिस्थिति में इस दुख को सहने की शक्ति उनको मिले।'
आपदा का विस्तार और क्षति
अचानक जलस्तर बढ़ने से भोटेकोशी नदी के किनारे बसे अनेक गाँव, होटल और सड़कें बह गईं। मानसरोवर यात्रा पर निकले कई भारतीय तीर्थयात्री इस बाढ़ की चपेट में आ गए। दुर्गम पहाड़ी इलाका और खराब मौसम के कारण बचाव दल को राहत अभियान में गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि नेपाल में मानसून के दौरान भोटेकोशी और इससे जुड़ी नदियाँ हर वर्ष बाढ़ लाती हैं, लेकिन इस बार की तबाही असाधारण रूप से विनाशकारी बताई जा रही है।
राहत एवं बचाव अभियान
नेपाल सरकार ने इस आपदा को राष्ट्रीय संकट घोषित करते हुए सभी एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा है। लापता लोगों की तलाश के लिए हेलीकॉप्टर और ड्रोन की सहायता ली जा रही है, जबकि नेपाल सेना और प्रशासन की टीमें लगातार राहत कार्य में जुटी हैं।
भारत सरकार की सक्रियता
भारत सरकार लगातार नेपाल सरकार के संपर्क में है। भारतीय दूतावास ने फँसे हुए नागरिकों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और मानवीय सहयोग के संबंध पहले से मज़बूत हैं।
आगे की स्थिति
लापता तीर्थयात्रियों की संख्या अभी भी अनिश्चित है और बचाव अभियान जारी है। मौसम में सुधार होने पर राहत कार्यों में तेज़ी आने की उम्मीद है। प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और सहायता के लिए नेपाल सरकार की योजनाओं की घोषणा अपेक्षित है।