नेपाल बाढ़: 170 से अधिक मौतें, 391 विदेशी लापता; ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड ने दिलाया मदद का भरोसा
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल में 27 अगस्त 2026 को भोटेकोशी नदी में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है — 170 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 391 विदेशी नागरिकों तथा 93 नेपाली पर्यटकों से अब तक कोई संपर्क नहीं हो पाया है। गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड और मलेशिया समेत कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।
आपदा का दायरा और लापता नागरिक
रिपोर्टों के अनुसार, बाढ़ की चपेट में आए लापता विदेशी नागरिकों में 34 ऑस्ट्रेलियाई, 24 कनाडाई, 5 न्यूजीलैंडवासी और 19 मलेशियाई नागरिक शामिल हैं। यह आपदा ऐसे समय में आई है जब नेपाल में ट्रेकिंग और पर्यटन का मौसम चरम पर होता है, जिससे प्रभावितों की संख्या और अधिक हो सकती है।
ऑस्ट्रेलिया और कनाडा की प्रतिक्रिया
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए आपदाग्रस्त क्षेत्र में मौजूद ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों से स्थानीय निर्देशों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा, 'हमें इलाके में कई ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों के होने की जानकारी है और वहां मौजूद दल उनकी सुरक्षा और संबंधित मदद के लिए तत्पर है।' अल्बनीज ने बताया कि उनकी सरकार स्थानीय अधिकारियों और टूर ऑपरेटरों के लगातार संपर्क में है तथा कांसुलर सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार है।
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी एक्स पर लिखा कि भोटेकोशी नदी में आई यह बाढ़ 'विनाशकारी' है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र में मौजूद कनाडाई नागरिकों से 'रजिस्ट्रेशन ऑफ कैनेडियन्स अब्रॉड' (ROCA) प्रणाली में तत्काल पंजीकरण कराने का आग्रह किया और कहा, 'बचाव कार्य जारी रहने के साथ ही, कनाडा मदद देने के लिए तैयार है।'
न्यूजीलैंड और मलेशिया का रुख
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने स्थिति को 'दिल तोड़ने वाला' बताते हुए कहा कि उनकी सरकार नेपाल के संबंधित विभागों के संपर्क में है। उन्होंने एक्स पर आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर +64 99 20 20 20 जारी करते हुए नागरिकों से परिवार और मित्रों को अपनी सुरक्षा की जानकारी देने की अपील की।
मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने एक्स पर लिखा कि उन्होंने काठमांडू स्थित मलेशियाई दूतावास को सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा, 'सरकार तब तक पूरी तरह से सक्रिय रहेगी जब तक कि पीड़ित मलेशियाई नागरिकों का पता नहीं चल जाता और उनके परिवारों को आवश्यक सहायता नहीं मिल जाती।'
आगे की स्थिति
नेपाल में बचाव और राहत अभियान जारी है। गौरतलब है कि हिमालयी क्षेत्र में मानसून के दौरान अचानक बाढ़ की घटनाएं नई नहीं हैं, परंतु इस बार विदेशी नागरिकों की बड़ी संख्या में लापता होने से यह आपदा अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बन गई है। कई देशों के दूतावास स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर रहे हैं और लापता नागरिकों की तलाश के प्रयास तेज किए गए हैं।