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भारत का टैबलेट बाजार H1 2026 में 15% बढ़ा, ₹20,000+ प्रीमियम डिवाइसों की 89% हिस्सेदारी

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भारत का टैबलेट बाजार H1 2026 में 15% बढ़ा, ₹20,000+ प्रीमियम डिवाइसों की 89% हिस्सेदारी

सारांश

भारत का टैबलेट बाजार H1 2026 में 15% बढ़ा, लेकिन असली कहानी प्रीमियम सेगमेंट की है — ₹20,000+ डिवाइसों की 89% हिस्सेदारी और 12GB रैम वेरिएंट में 422% उछाल। Apple iPad 11 सीरीज़ 23% हिस्सेदारी के साथ अग्रणी। हालाँकि, CMR का अनुमान है कि पूरे 2026 में बाजार 10-12% सिकुड़ सकता है।

मुख्य बातें

भारत का टैबलेट बाजार H1 2026 में सालाना आधार पर 15 प्रतिशत बढ़ा।
₹20,000 से अधिक कीमत वाले प्रीमियम टैबलेट्स की बिक्री 74% उछली; कुल बाजार में 89% हिस्सेदारी।
10 इंच से बड़े स्क्रीन वाले टैबलेट्स की कुल शिपमेंट में 91% भागीदारी।
12GB रैम वेरिएंट में 422% की असाधारण वृद्धि; 6GB रैम में 73% उछाल।
Apple iPad 11 सीरीज़ की प्रीमियम टैबलेट शिपमेंट में 23% हिस्सेदारी।
CMR के अनुसार पूरे CY 2026 में बाजार 10-12% सिकुड़ सकता है।

भारत के टैबलेट बाजार ने 2026 की पहली छमाही (H1 2026) में सालाना आधार पर 15 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की है। साइबरमीडिया रिसर्च (CMR) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, यह उछाल मुख्य रूप से ₹20,000 से अधिक कीमत वाले प्रीमियम डिवाइसों की बढ़ती माँग, तथा कंज्यूमर, शिक्षा और एंटरप्राइज़ क्षेत्रों में निरंतर खरीदारी के कारण आई है।

प्रीमियम सेगमेंट का दबदबा

₹20,000 से अधिक मूल्य वर्ग के प्रीमियम टैबलेट्स की बिक्री सालाना आधार पर 74 प्रतिशत उछली और इस सेगमेंट ने कुल बाजार में 89 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की। CMR के आँकड़ों के अनुसार, 10 इंच से बड़े स्क्रीन वाले टैबलेट्स की कुल शिपमेंट में करीब 91 प्रतिशत भागीदारी रही। यह रुझान स्पष्ट करता है कि भारतीय उपभोक्ता अब बड़े डिस्प्ले, बेहतर परफॉर्मेंस और उच्च उत्पादकता को प्राथमिकता दे रहे हैं।

कनेक्टिविटी और कॉन्फिगरेशन का बदलता रुझान

कनेक्टिविटी के मोर्चे पर वाई-फाई टैबलेट्स की शिपमेंट 30 प्रतिशत बढ़ी, जबकि 5G टैबलेट्स में 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। इसके विपरीत, 4G टैबलेट्स की शिपमेंट में 19 प्रतिशत की गिरावट आई — जो यह संकेत देती है कि बाजार तेजी से अगली पीढ़ी की कनेक्टिविटी की ओर शिफ्ट हो रहा है।

हार्डवेयर स्पेसिफिकेशन में भी उपभोक्ता ऊँचे विकल्प चुन रहे हैं। 6GB रैम वाले टैबलेट्स की बिक्री 73 प्रतिशत बढ़ी, जबकि 12GB रैम वाले वेरिएंट्स में 422 प्रतिशत की असाधारण वृद्धि रही — जो हाई-परफॉर्मेंस डिवाइसों की तेज़ी से बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाती है।

Apple iPad की अगुवाई

प्रीमियम सेगमेंट में Apple ने अपनी पकड़ और मजबूत की। अकेले Apple iPad 11 सीरीज़ की भारत में प्रीमियम टैबलेट शिपमेंट में करीब 23 प्रतिशत हिस्सेदारी रही, जो इस सेगमेंट में Apple के प्रभुत्व को रेखांकित करती है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

CMR की वरिष्ठ विश्लेषक मेनका कुमारी ने कहा, "भारतीय टैबलेट बाजार तेजी से परिपक्व हो रहा है और इसमें ज़्यादा बेहतर स्पेसिफिकेशन वाले डिवाइसों की ओर स्पष्ट बदलाव देखने को मिल रहा है। कंपोनेंट की बढ़ती लागत के साथ-साथ बड़े स्क्रीन, ज़्यादा रैम और मजबूत वाई-फाई कनेक्टिविटी को लेकर उपभोक्ताओं की प्राथमिकता औसत बिक्री कीमतों को ऊपर ले जा रही है।"

कुमारी ने यह भी जोड़ा, "भले ही कुल बिक्री में वृद्धि की रफ्तार धीमी हो रही है, लेकिन कंटेंट क्रिएशन, शिक्षा और एंटरप्राइज़ प्रोडक्टिविटी के लिए टैबलेट अभी भी महत्वपूर्ण डिवाइस बने हुए हैं।"

दूसरी छमाही में चुनौतियाँ

CMR की रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि कैलेंडर वर्ष 2026 में भारत का टैबलेट बाजार 10 से 12 प्रतिशत तक सिकुड़ सकता है। कंपोनेंट की बढ़ती लागत, मेमोरी आपूर्ति में कमी और संस्थागत खरीद को लेकर अनिश्चितता से साल की दूसरी छमाही में बाजार के प्रदर्शन पर दबाव पड़ने की संभावना है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स की माँग में मिला-जुला रुझान देखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन CMR का यह अनुमान कि पूरे 2026 में बाजार 10-12% सिकुड़ सकता है, यह बताता है कि H1 की तेज़ी टिकाऊ नहीं थी — बल्कि संभवतः H2 की माँग को पहले खींच लिया गया। 12GB रैम में 422% की वृद्धि एक तकनीकी परिपक्वता का संकेत है, लेकिन इसका लाभ मुख्यतः Apple और कुछ प्रीमियम Android ब्रांड्स को मिल रहा है — जो बाजार के व्यापक लोकतांत्रीकरण का नहीं, बल्कि ध्रुवीकरण का संकेत है। 4G टैबलेट्स में 19% की गिरावट यह भी दर्शाती है कि बजट सेगमेंट दबाव में है, जो शिक्षा और ग्रामीण एंटरप्राइज़ पहुँच के लिए नीतिगत चिंता का विषय बन सकता है।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत का टैबलेट बाजार H1 2026 में कितना बढ़ा?
साइबरमीडिया रिसर्च (CMR) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत का टैबलेट बाजार 2026 की पहली छमाही में सालाना आधार पर 15 प्रतिशत बढ़ा। यह वृद्धि मुख्यतः ₹20,000 से अधिक कीमत वाले प्रीमियम डिवाइसों और कंज्यूमर, शिक्षा तथा एंटरप्राइज़ क्षेत्रों की माँग से प्रेरित रही।
भारत में प्रीमियम टैबलेट की बाजार हिस्सेदारी कितनी है?
CMR के आँकड़ों के अनुसार, ₹20,000 से अधिक कीमत वाले प्रीमियम टैबलेट्स ने H1 2026 में कुल बाजार का 89 प्रतिशत हिस्सा हासिल किया और इनकी बिक्री 74 प्रतिशत बढ़ी। यह दर्शाता है कि भारतीय उपभोक्ता बेहतर स्पेसिफिकेशन और बड़े डिस्प्ले के लिए अधिक खर्च करने को तैयार हैं।
Apple iPad की भारत में टैबलेट बाजार में क्या स्थिति है?
Apple iPad 11 सीरीज़ की भारत में प्रीमियम टैबलेट शिपमेंट में करीब 23 प्रतिशत हिस्सेदारी रही, जो प्रीमियम सेगमेंट में Apple की मजबूत पकड़ को दर्शाती है। CMR की रिपोर्ट के अनुसार Apple ने H1 2026 में अपनी बढ़त और मजबूत की है।
2026 की दूसरी छमाही में भारत का टैबलेट बाजार कैसा रहेगा?
CMR का अनुमान है कि कैलेंडर वर्ष 2026 में भारत का टैबलेट बाजार 10 से 12 प्रतिशत तक सिकुड़ सकता है। कंपोनेंट की बढ़ती लागत, मेमोरी आपूर्ति में कमी और संस्थागत खरीद को लेकर अनिश्चितता दूसरी छमाही में बाजार पर दबाव डाल सकती है।
भारत में 5G और वाई-फाई टैबलेट की बिक्री में क्या बदलाव आया?
H1 2026 में वाई-फाई टैबलेट्स की शिपमेंट 30 प्रतिशत बढ़ी और 5G टैबलेट्स में 8 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसके विपरीत, 4G टैबलेट्स की शिपमेंट 19 प्रतिशत घटी, जो बाजार के उच्च-गति कनेक्टिविटी की ओर स्पष्ट बदलाव का संकेत है।
राष्ट्र प्रेस
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