ग्रेटर नोएडा: दनकौर पुलिस ने मारपीट और जानलेवा धमकी मामले में तीन वांछित आरोपी दबोचे
सारांश
मुख्य बातें
दनकौर थाना पुलिस ने 27 अगस्त 2026 को मारपीट और जान से मारने की धमकी के एक मामले में तीन वांछित आरोपियों को ग्राम अच्छेजा बुजुर्ग, ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नासिर उर्फ सोनू, कासिम और अब्दुल माजिद के रूप में हुई है, जो गाजियाबाद के थाना भोजपुर क्षेत्र के ग्राम तोड़ी के निवासी हैं।
घटनाक्रम: कैसे हुई मारपीट
पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले की शुरुआत 24 अगस्त 2026 को हुई। ग्राम अच्छेजा बुजुर्ग के तीन निवासी — आरिफ पुत्र जामर अली, इरफान पुत्र जमशेद अली और नदीम पुत्र शमशाद अली — कार से दनकौर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान ग्राम डूंगरपुर रीलका के पास पीछे से आ रही एक महेन्द्रा थार कार ने उनकी गाड़ी में जोरदार टक्कर मार दी।
बताया गया है कि थार को नासिर उर्फ सोनू तेज और लापरवाही से चला रहा था। टक्कर के बाद जब इरफान ने विरोध जताया, तो कथित तौर पर नासिर, कासिम और माजिद ने इरफान और नदीम के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।
शिकायत और मुकदमा
पीड़ित पक्ष ने 26 अगस्त 2026 को थाना दनकौर में तहरीर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जाँच शुरू की। वांछित आरोपियों की तलाश के लिए दनकौर पुलिस ने स्थानीय खुफिया तंत्र और बीट पुलिसिंग की मदद ली, जिसके बाद तीनों को ग्राम अच्छेजा बुजुर्ग से दबोचा गया।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
गिरफ्तार आरोपियों में नासिर पुत्र आबिद (उम्र 30 वर्ष), कासिम पुत्र आबिद (उम्र 26 वर्ष) और अब्दुल माजिद पुत्र इकबाल (उम्र 30 वर्ष) शामिल हैं। तीनों ग्राम तोड़ी, थाना भोजपुर, जनपद गाजियाबाद के निवासी हैं।
आरोपियों का पूर्व आपराधिक इतिहास
पुलिस ने बताया कि नासिर के खिलाफ वर्ष 2019 में थाना फेस-2, गौतमबुद्धनगर में धारा 393 भारतीय दंड संहिता के तहत मुकदमा अपराध संख्या 46/19 दर्ज रहा है। कासिम के खिलाफ वर्ष 2020 में थाना भोजपुर, गाजियाबाद में धारा 323, 324, 504 और 506 भारतीय दंड संहिता के तहत मुकदमा अपराध संख्या 184/20 दर्ज था।
आगे की कार्रवाई
दनकौर पुलिस के अनुसार, तीनों अभियुक्त वर्तमान मामले में वांछित थे और उनके खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जाँच जारी है। यह मामला सड़क दुर्घटना के बाद उपजे विवाद में आपराधिक धमकी और हिंसा की बढ़ती घटनाओं की ओर ध्यान दिलाता है।