नेपाल बाढ़ राहत: हिंडन एयरबेस से 40 टन सहायता सामग्री रवाना, IAF बोली — 'हम हमेशा तैयार हैं'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय वायु सेना (IAF) ने 27 अगस्त 2026 को गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस से बाढ़-प्रभावित नेपाल के लिए लगभग 40 टन मानवीय सहायता सामग्री — जिसमें दवाएं, खाद्य पैकेट और डिग्निटी किट शामिल हैं — एयरलिफ्ट की। यह अभियान नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद भारत की त्वरित मानवीय प्रतिक्रिया का हिस्सा है, जो एक दिन पहले भेजी गई 10 टन प्रारंभिक खेप के बाद दूसरी और बड़ी खेप थी।
अभियान का विवरण
हिंडन एयरफोर्स स्टेशन के एयर ऑफिसर कमांडिंग (AOC) एयर कमोडोर राजीव डोभाल ने कहा, 'हम ऐसे कामों के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। हमें इसके लिए पहले ही जिम्मेदारी दी जा चुकी है। हमने पहले भी कई बार ऐसा किया है — न सिर्फ नेपाल, म्यांमार, श्रीलंका में, बल्कि वेनेजुएला में भी। जैसे ही हमें जानकारी मिली, हमने अपना काम शुरू कर दिया।'
चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर ग्रुप कैप्टन जय गणेश ने बताया कि दोपहर में सूचना मिलते ही C-130 और C-17 विमानों को स्टैंडबाय पर रखा गया। उन्होंने कहा, 'हिंडन का सिस्टम इस तरह विकसित किया गया है कि हम ऐसी आपात स्थितियों को बहुत प्रभावी ढंग से संभाल सकें।' पहली खेप पहुंचाने के लिए C-130 विमान ने बुधवार रात करीब 8:30 बजे उड़ान भरी।
दूसरी खेप और उड़ान की तैयारी
विमान के कमांडर विंग कमांडर लग्नजीत नायक ने बताया कि 26 अगस्त को रात में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) का सामान और मेडिकल सप्लाई प्राप्त हुई। उन्होंने कहा, 'हम लगभग 35 से 40 टन सामान ले जा रहे हैं, जिसमें मेडिकल राहत सामग्री, डिग्निटी किट और नेपाल के लिए अन्य ज़रूरी चीजें शामिल हैं। काठमांडू पहुंचने में लगभग 1 घंटा 15 मिनट लगेंगे।'
विंग कमांडर नायक ने स्पष्ट किया कि विमान की क्षमता 70 टन है, लेकिन जानबूझकर 40 टन सामान लादा गया, ताकि तीन से चार घंटे के भीतर वापसी उड़ान भरी जा सके और काठमांडू एयरफील्ड को जल्द खाली किया जा सके।
मौसम और वैकल्पिक योजना
नेपाल में कम ऊंचाई पर बादल छाए होने की वजह से विमान में अतिरिक्त ईंधन भरा गया, ताकि आवश्यकता पड़ने पर हवा में एक से डेढ़ घंटे तक प्रतीक्षा की जा सके। विंग कमांडर नायक ने बताया, 'अगर देरी अनिश्चित हो, तो हमारे पास भारत में दो वैकल्पिक एयरबेस तय हैं जहाँ हम ईंधन भरकर मंजूरी मिलते ही नेपाल के लिए रवाना हो सकते हैं।'
भारत-नेपाल मानवीय सहयोग का संदर्भ
गौरतलब है कि भारत और नेपाल के बीच आपदा राहत सहयोग का एक सुदृढ़ इतिहास रहा है। 2015 के विनाशकारी भूकंप के बाद भी IAF ने इसी प्रकार के बड़े पैमाने पर एयरलिफ्ट अभियान चलाए थे। हिंडन एयरबेस मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) अभियानों का एक प्रमुख केंद्र रहा है — न केवल दक्षिण एशिया में, बल्कि म्यांमार, श्रीलंका और वेनेजुएला जैसे दूरस्थ देशों में भी। यह ऑपरेशन ऐसे समय में आया है जब नेपाल में मानसून-जनित बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है और त्वरित अंतरराष्ट्रीय सहायता की आवश्यकता सर्वोच्च है।
आगे की राह
भारत सरकार की ओर से राहत अभियान जारी रहने के संकेत हैं। IAF अधिकारियों के अनुसार, ज़रूरत पड़ने पर और खेपें भेजी जा सकती हैं। हिंडन एयरबेस की तैयारी और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता एक बार फिर भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति की व्यावहारिक अभिव्यक्ति साबित हुई है।