कंगना रनौत मुस्लिम समुदाय से माफी मांगें: AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान की सख्त मांग
सारांश
मुख्य बातें
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (AIMIM) के प्रवक्ता वारिस पठान ने 27 अगस्त को अभिनेत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद कंगना रनौत की एक टीवी शो में की गई टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए उनसे सार्वजनिक रूप से मुस्लिम समुदाय से माफी माँगने की माँग की। पठान ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियाँ समाज में नफरत और वैमनस्य का वातावरण बनाती हैं, जो किसी भी लोकतंत्र के लिए घातक है।
कंगना रनौत की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया
पठान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि BJP से जुड़े नेता और सांसद मुसलमानों के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं, जिससे सामाजिक ताना-बाना कमज़ोर होता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि अलग-अलग समुदायों और क्षेत्रों में सामाजिक रीति-रिवाज भिन्न होते हैं, इसलिए किसी समुदाय पर टिप्पणी करते समय तथ्यों का ध्यान रखना अनिवार्य है। पठान ने BJP नेतृत्व से भी माँग की कि वह अपने नेताओं को ऐसी भाषा से रोके जो सामाजिक माहौल को बिगाड़ती हो।
मुंबई के परेल-चिंचपोकली झड़प पर प्रतिक्रिया
मुंबई के परेल और चिंचपोकली इलाकों में ईद-ए-मिलादुन्नबी के जुलूस के दौरान हुई झड़प पर पठान ने मुंबई पुलिस की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि जुलूस का संदेश अमन, शांति और भाईचारे का था और पुलिस ने समय रहते तनाव को नियंत्रित कर लिया। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की कार्रवाई की विशेष तौर पर प्रशंसा की।
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो का हवाला देते हुए पठान ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने दो मुस्लिम युवकों को पकड़कर उनसे जबरन धार्मिक नारे लगवाए। उन्होंने पुलिस से उस वीडियो की जाँच कर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज करने और सख्त कार्रवाई करने की माँग की। पठान ने यह भी कहा कि कुछ असामाजिक तत्व मुंबई का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ऐसी कोशिशें कामयाब नहीं होनी चाहिए।
पठान ने गणपति जुलूस के दौरान अंडा फेंके जाने की घटना का भी उल्लेख किया और कहा कि उन्होंने उस घटना की भी निंदा की थी, जिसमें पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया था। उन्होंने दोहराया कि मुंबई की पहचान आपसी प्रेम और भाईचारे की है।
नेपाल बाढ़ और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा
नेपाल में आई भीषण बाढ़ पर पठान ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने दावा किया कि नेपाल में 133 से अधिक भारतीय नागरिकों के लापता होने की खबरें सामने आ रही हैं। इस पर उन्होंने केंद्र सरकार से एक विशेष सूचना डेस्क स्थापित करने की माँग की, ताकि नेपाल में फँसे भारतीयों के परिवारों को सत्यापित जानकारी मिल सके।
पठान ने कहा कि भारत सरकार को नेपाल सरकार के साथ समन्वय कर वहाँ फँसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए। उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत पैकेज देने की भी माँग की और कहा कि ऐसी त्रासदी के समय मानवता को राजनीति से ऊपर रखना ज़रूरी है।
भागवत के न्यूयॉर्क कार्यक्रम पर टिप्पणी से परहेज
न्यूयॉर्क में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम में हुए विरोध-प्रदर्शन पर सवाल पूछे जाने पर पठान ने फिलहाल कोई टिप्पणी करने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि इस विषय पर बाद में बात की जाएगी और अभी प्राथमिकता देश के भीतर चल रहे मामलों को संभालने की है।
यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब देश में सांप्रदायिक सौहार्द और राजनीतिक बयानबाजी को लेकर बहस तेज़ हो रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ और तेज़ होने की संभावना है।