21 जुलाई 2026
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संसद मानसून सत्र: NDA सांसदों का विपक्ष पर हमला, हंगामे को बताया लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ

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संसद मानसून सत्र: NDA सांसदों का विपक्ष पर हमला, हंगामे को बताया लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ

सारांश

मानसून सत्र में BJP सांसदों ने एकजुट होकर विपक्ष के संसदीय हंगामे को लोकतंत्र-विरोधी करार दिया। कंगना रनौत से लेकर कमलजीत सहरावत तक — सत्तापक्ष का संदेश साफ है: बहस करो, बाधा मत डालो।

मुख्य बातें

BJP सांसद कंगना रनौत ने कहा कि संसदीय कार्यवाही में बाधा डालना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है।
राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने TMC के अलग गुट को संवैधानिक अधिकार बताया, लेकिन वॉकआउट को संविधान की भावना के विपरीत कहा।
BJP नेता रेखा शर्मा ने परिसीमन को आवश्यक प्रक्रिया बताते हुए आने वाले विधेयक को व्यापक समर्थन मिलने का भरोसा जताया।
BJP सांसद कमलजीत सहरावत ने नीट विवाद में बिचौलियों को ज़िम्मेदार ठहराया और सरकार की छात्र-हित प्रतिबद्धता दोहराई।
सहरावत ने सीजेपी विरोध मार्च को अराजकता बताते हुए लोकतांत्रिक मंचों के उपयोग की अपील की।

संसद के मानसून सत्र के दौरान 20 जुलाई को राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो गई, जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई सांसदों और नेताओं ने विपक्ष के संसदीय व्यवधान, परिसीमन, नीट परीक्षा विवाद और सीजेपी के विरोध मार्च पर कड़ी प्रतिक्रियाएँ दीं। BJP नेताओं ने एकस्वर में कहा कि संसद संवाद का मंच है, टकराव का नहीं, और हंगामे की राजनीति लोकतांत्रिक परंपराओं के प्रतिकूल है।

कंगना रनौत: संसद संवाद का मंच, टकराव का नहीं

BJP सांसद कंगना रनौत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि संसद सत्र का उद्देश्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा और सरकार से जवाबदेही सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा, 'विरोध प्रदर्शन के नाम पर हंगामा करना और संसदीय कार्यवाही में बाधा डालना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।'

रनौत ने यह भी स्पष्ट किया कि जनता ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत सरकार को चुना है और यदि किसी दल को सरकार की नीतियों पर आपत्ति है, तो उसे चुनावी मैदान में जनता का समर्थन प्राप्त करना चाहिए। केवल विरोध प्रदर्शन के ज़रिए सरकारी नियुक्तियों या नीतियों पर दबाव बनाना उचित नहीं है।

अशोक मित्तल: TMC के अलग गुट पर संवैधानिक टिप्पणी

BJP के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कुछ सांसदों द्वारा अलग गुट बनाए जाने पर कहा कि संविधान के तहत सांसदों को अलग समूह बनाने का अधिकार है और इसका विरोध करने का कोई औचित्य नहीं। हालाँकि, उन्होंने वॉकआउट को भी संविधान की भावना के विपरीत बताया।

रेखा शर्मा: परिसीमन ज़रूरी, व्यापक समर्थन मिलेगा

BJP नेता रेखा शर्मा ने परिसीमन के मुद्दे पर कहा कि यह एक लंबी और आवश्यक प्रक्रिया है। उनके अनुसार, कई क्षेत्रों में जनसंख्या के अनुपात में उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल पा रहा है क्योंकि समय पर परिसीमन नहीं हुआ। उन्होंने विश्वास जताया कि इस विषय पर आने वाले विधेयक को व्यापक समर्थन प्राप्त होगा।

कमलजीत सहरावत: नीट और सीजेपी मार्च पर BJP का पक्ष

BJP सांसद कमलजीत सहरावत ने नीट परीक्षा विवाद पर कहा कि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर पूरी तरह संवेदनशील है और गड़बड़ियों के लिए ज़िम्मेदार बिचौलियों के खिलाफ आवश्यक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

सीजेपी के विरोध मार्च पर सहरावत ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने के लिए उचित मंच उपलब्ध हैं, लेकिन अराजकता फैलाना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। यह ऐसे समय में आया है जब संसद सत्र में विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। गौरतलब है कि मानसून सत्र में अब तक कई बार कार्यवाही बाधित हो चुकी है।

आगे क्या

मानसून सत्र में परिसीमन विधेयक, नीट सुधार और अन्य विधायी एजेंडे पर चर्चा अपेक्षित है। सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच यह तनातनी आने वाले दिनों में संसदीय कामकाज की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दक्षिणी राज्यों की राजनीतिक हिस्सेदारी को सीधे प्रभावित करता है, BJP 'व्यापक समर्थन' का दावा कर रही है — जबकि दक्षिण की पार्टियाँ इसे अपने लिए नुकसानदेह मानती हैं। नीट पर 'बिचौलियों' को दोष देना सरकार की ज़िम्मेदारी से ध्यान हटाने का प्रयास भी हो सकता है, क्योंकि परीक्षा प्रणाली की निगरानी केंद्र के अधीन है। मुख्यधारा की कवरेज इन बयानों को अलग-अलग रिपोर्ट करती है — लेकिन एक साथ देखें तो यह BJP का सुनियोजित 'नैरेटिव मैनेजमेंट' है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संसद मानसून सत्र में BJP सांसदों ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
BJP सांसदों ने विपक्ष पर संसदीय कार्यवाही में जानबूझकर बाधा डालने का आरोप लगाया और हंगामे की राजनीति को लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताया। कंगना रनौत ने कहा कि विपक्ष को अपने सवाल सदन के भीतर उठाने चाहिए, न कि व्यवधान के ज़रिए।
कंगना रनौत ने संसद में विरोध प्रदर्शन पर क्या कहा?
कंगना रनौत ने कहा कि संसद का उद्देश्य संवाद और बहस है, टकराव नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी दल को सरकार की नीतियों पर आपत्ति है, तो उसे चुनाव लड़कर जनता का समर्थन प्राप्त करना चाहिए।
BJP ने नीट परीक्षा विवाद पर क्या रुख अपनाया?
BJP सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि सरकार नीट मुद्दे पर पूरी तरह संवेदनशील है और गड़बड़ियों के लिए बिचौलियों को ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
परिसीमन के मुद्दे पर BJP का क्या कहना है?
BJP नेता रेखा शर्मा ने परिसीमन को एक लंबी और आवश्यक प्रक्रिया बताया। उनके अनुसार, कई क्षेत्रों में जनसंख्या के अनुपात में उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल पा रहा है और इस विषय पर आने वाले विधेयक को व्यापक समर्थन मिलेगा।
TMC के अलग गुट पर BJP सांसद अशोक मित्तल ने क्या कहा?
अशोक मित्तल ने कहा कि संविधान के तहत सांसदों को अलग समूह बनाने का अधिकार है, इसलिए TMC के कुछ सांसदों द्वारा अलग गुट बनाना उनका संवैधानिक अधिकार है। हालाँकि उन्होंने वॉकआउट को संविधान की भावना के विपरीत बताया।
राष्ट्र प्रेस
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