कंगना रनौत का विपक्ष पर हमला: 'संसद का माहौल पूरी तरह खराब कर दिया'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने गुरुवार, 13 अगस्त को संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने संसद का माहौल 'पूरी तरह खराब' कर दिया है और उनके पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है।
कंगना रनौत के आरोप
कंगना रनौत ने कहा, 'यह बहुत आपत्तिजनक है। इन्होंने यहाँ का माहौल पूरी तरह से खराब कर रखा है। हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं।' उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लेते हुए कहा कि एक तरफ वे गृह मंत्रालय से सवाल पूछते हैं, दूसरी तरफ यह भी कहते हैं कि गृह मंत्री को बोलने नहीं देंगे।
उन्होंने आगे कहा, 'वे चर्चा की माँग करते हैं, लेकिन जब उन्हें चर्चा का अवसर मिलता है तो कहते हैं कि उन्हें जवाब नहीं चाहिए। इसका एक ही मतलब है — उनके पास कोई असली मुद्दा नहीं है। विकास, देश की तरक्की, अर्थव्यवस्था या रक्षा से जुड़े मुद्दे खत्म हो जाने के बाद वे यहाँ बस नखरे कर रहे हैं।'
BJP सांसद शमिक भट्टाचार्य की प्रतिक्रिया
BJP सांसद शमिक भट्टाचार्य ने भी मीडिया से बातचीत में विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'जवाब सुनने की हिम्मत होनी चाहिए, जो उनके पास नहीं है। चर्चा में भाग लेने की हिम्मत उनकी हो नहीं रही है, उनके पास कोई मुद्दा ही नहीं है।'
भट्टाचार्य ने यह भी आरोप लगाया कि देश में जो भ्रष्टाचार चल रहा है, उसकी नींव कांग्रेस पार्टी ने रखी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के साथ धोखाधड़ी कर रही है — जनता ने उन्हें चर्चा में भाग लेने और उनका दुख-दर्द सुनने के लिए चुना था।
संसद में हंगामे की पृष्ठभूमि
यह बयान ऐसे समय में आया है जब संसद के मानसून सत्र में विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच तनाव चरम पर है। कई दिनों से सदन में हंगामे के कारण कार्यवाही बाधित रही है। गौरतलब है कि विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की माँग को लेकर सदन में प्रदर्शन कर रहा है, जबकि सत्तापक्ष का कहना है कि वह हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है।
विपक्ष पर 'परजीवी' का आरोप
भट्टाचार्य ने अपने बयान में कांग्रेस को लेकर और कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी को जनता ने ठुकरा दिया है और उनके पास कहने के लिए कुछ नहीं बचा — एक 'सदियों पुरानी पार्टी परजीवी बनकर रह गई है।' इन बयानों पर विपक्ष की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
संसद सत्र के शेष दिनों में दोनों पक्षों के बीच तकरार और तेज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।