कंगना रनौत का मीडिया पर पलटवार: 'मेरे बयान का एक हिस्सा दिखाकर टारगेट किया जा रहा है'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद कंगना रनौत ने 29 जुलाई को अपने इंस्टाग्राम पर एक नया वीडियो जारी कर छात्र विरोध प्रदर्शनों पर दिए अपने बयान को लेकर उठे विवाद पर सफाई दी। उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया जानबूझकर उनके बयान का केवल एक हिस्सा प्रसारित कर उन्हें निशाना बना रही है, जबकि उन्होंने युवाओं और छात्रों की सराहना भी की थी।
क्या कहा कंगना ने वीडियो में
कंगना रनौत ने वीडियो में कहा, 'नमस्ते दोस्तों... यह रील मैं मीडिया के बंधुओं के लिए बना रही हूं, क्योंकि मैंने सड़क पर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के सामने होने वाली 'अनैतिक' और 'अश्लील' हरकतों को सामान्य मानने से इनकार किया है। इस तरह का व्यवहार समाज में स्वीकार्य नहीं है और हम अपने बच्चों को समय से पहले अश्लीलता के माहौल में धकेले जाने की अनुमति नहीं देंगे।' उनके अनुसार, उन्होंने केवल कुछ प्रदर्शनकारियों के व्यवहार पर आपत्ति जताई थी — पूरे छात्र आंदोलन की आलोचना नहीं की थी।
मीडिया पर लगाया 'गैंगअप' का आरोप
कंगना ने कहा कि टीआरपी, लाइक्स और व्यूज़ की होड़ में मीडिया उनके सकारात्मक बयानों को नज़रअंदाज़ कर रही है। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्काईरूट एयरोस्पेस की उपलब्धियों की सराहना की है, नीट के छात्रों और देश को आगे ले जाने वाली जेनरेशन-ज़ी की भी तारीफ की है — लेकिन इन बयानों को कोई जगह नहीं दी गई। उनका कहना है कि उनके रुख के बाद मीडिया एकजुट होकर उन्हें निशाना बना रही है।
स्वतंत्रता की सीमा पर कंगना का तर्क
कथित फेमिनिस्टों और एंकरों की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए कंगना ने कहा, 'आजादी का मतलब यह नहीं है कि आप सड़क पर दूसरों की भावनाओं, आस्था या मान्यताओं को ठेस पहुंचाएं। आपकी व्यक्तिगत आजादी वहीं खत्म हो जाती है, जहां दूसरे की निजता और सम्मान शुरू होता है। चाहे हमारे माता-पिता हों, हमारे आराध्य देव हों या प्रधानमंत्री जी, जिनसे बच्चों की भावनाएं जुड़ी हैं, आप सार्वजनिक रूप से किसी का अपमान नहीं कर सकते।' उन्होंने इसे 'कूल' बनने की कोशिश नहीं, बल्कि 'बुनियादी समझ' करार दिया।
मर्यादा और विकास पर संदेश
कंगना ने कहा कि समाज या कार्यस्थल पर मर्यादा का उल्लंघन करने पर व्यक्ति को बाहर कर दिया जाएगा और उसका भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। उन्होंने कहा, 'विज्ञान और शास्त्र दोनों यही सिखाते हैं कि मानव जीवन का उद्देश्य विकसित होना है, न कि अनियंत्रित होकर ऐसे रास्ते पर चलना, जो अंततः जेल तक पहुंचा दे।' वीडियो का समापन उन्होंने गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाओं के साथ किया।
विवाद की पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में छात्र विरोध प्रदर्शनों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज़ है। गौरतलब है कि कंगना रनौत पहले भी अपने विवादित बयानों के कारण चर्चा में रही हैं, और यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने मीडिया पर 'चुनिंदा कवरेज' का आरोप लगाया हो। उनका यह वीडियो आने वाले दिनों में राजनीतिक और मनोरंजन जगत — दोनों में बहस का केंद्र बना रहेगा।