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कंगना रनौत बोलीं — 'जागरूक हिंदू बनना चाहती हूं', विचारधारा बदलने के अधिकार पर उठाए सवाल

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कंगना रनौत बोलीं — 'जागरूक हिंदू बनना चाहती हूं', विचारधारा बदलने के अधिकार पर उठाए सवाल

सारांश

सांसद कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम पर साझा वीडियो में खुद को 'जागरूक हिंदू' बताया और समाज के उस दोहरे रवैये पर सवाल उठाए जो व्यक्तिगत बदलाव को अलग नज़रिए से देखता है। उनका कहना है कि संविधान हर नागरिक को विचारधारा चुनने की आज़ादी देता है।

मुख्य बातें

कंगना रनौत ने 3 अगस्त 2026 को इंस्टाग्राम पर वीडियो साझा कर खुद को 'जागरूक हिंदू' बताया।
उन्होंने कहा कि एक समय वह खुद को 'सामान्य हिंदू' मानती थीं, अब हिंदू विचारधारा के जागरूक रूप से जुड़ना चाहती हैं।
वीडियो में फिल्म इंडस्ट्री की अभिनेत्रियों के धर्म और विचारधारा पर बदलते नज़रिए का भी उल्लेख किया।
संविधान का हवाला देते हुए कहा — हर व्यक्ति को अपनी विचारधारा चुनने का अधिकार है, इस पर सवाल नहीं उठने चाहिए।
समाज के दोहरे रवैये पर सवाल — '10 साल पुरानी बातें उठाकर ताने देना बंद हो।'

बॉलीवुड अभिनेत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद कंगना रनौत ने 3 अगस्त 2026 को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने अपनी वैचारिक यात्रा, हिंदू पहचान और समाज में विचारधारा बदलने के अधिकार पर खुलकर बात की। वीडियो में उन्होंने कहा कि वह अब खुद को 'एक जागरूक हिंदू' के रूप में देखती हैं और इस बदलाव पर सवाल उठाने वाले समाज के दोहरे रवैये की आलोचना की।

क्या कहा कंगना ने

वीडियो की शुरुआत में कंगना ने कहा, 'मैं संसद जाने के लिए लेट हो रही हूं, फिर भी मैंने सोचा कि आपके साथ विचार नहीं, अपनी फीलिंग्स शेयर करूं।' उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री की युवा कलाकारों का उल्लेख करते हुए कहा कि शुरुआत में कई अभिनेत्रियाँ धर्म और राजनीति जैसे मुद्दों पर तटस्थ रहती हैं, लेकिन किसी खास रिश्ते या शादी के ज़रिए किसी अलग धर्म के संपर्क में आने के बाद उनकी सोच में बड़ा बदलाव देखने को मिलता है।

संवैधानिक अधिकार और सामाजिक प्रतिक्रिया

कंगना ने कहा कि भारत के संविधान में प्रत्येक नागरिक को अपनी पसंद की विचारधारा या धर्म अपनाने की स्वतंत्रता है। उन्होंने तर्क दिया, 'अगर किसी व्यक्ति को समय के साथ अपनी सोच बदलने या किसी नई विचारधारा को अपनाने का अधिकार है, तो उसे लेकर सवाल नहीं उठने चाहिए।' उन्होंने यह भी कहा कि समाज में ऐसे बदलावों को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएँ देखने को मिलती हैं।

अपनी वैचारिक यात्रा का जिक्र

अपने करियर के संदर्भ में कंगना ने कहा कि उन्होंने नेपोटिज्म और बड़े अभिनेताओं के खिलाफ खुलकर आवाज़ उठाई है। उन्होंने स्वीकार किया कि एक समय वह खुद को 'एक सामान्य हिंदू' मानती थीं, लेकिन अब वह 'हिंदू विचारधारा के एक जागरूक रूप' से जुड़ना चाहती हैं। यह ऐसे समय में आया है जब सार्वजनिक जीवन में धार्मिक पहचान की अभिव्यक्ति को लेकर राष्ट्रीय बहस तेज़ है।

समाज के दोहरे रवैये पर सवाल

कंगना ने कहा, 'समाज का यह दोगलापन नहीं चलेगा कि लोग मेरी 10 साल पुरानी बातें उठाकर ताने दें कि मैं पार्टी या डांस नंबर करती थी। हां, मैं करती थी, लेकिन अब बदलना चाहती हूं। मेरे लिए यह रास्ता बंद क्यों है?' उनका कहना है कि अगर कोई व्यक्ति पहले अलग तरह की ज़िंदगी जी रहा था और बाद में किसी अलग मार्ग को चुनना चाहता है, तो उसे भी समाज को स्वीकार करना चाहिए।

आगे क्या

गौरतलब है कि कंगना रनौत हिमाचल प्रदेश के मंडी से सांसद हैं और अपने बेबाक बयानों के लिए अक्सर सुर्खियों में रहती हैं। यह वीडियो सामाजिक-धार्मिक पहचान और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की बहस को एक बार फिर केंद्र में ले आया है। माना जा रहा है कि इस बयान पर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएँ आने वाले दिनों में और तेज़ हो सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

वही तर्क अन्य संदर्भों में — जैसे धर्म परिवर्तन के मामलों में — अक्सर उनकी अपनी विचारधारा के समर्थकों द्वारा चुनौती दी जाती है। यह विरोधाभास मुख्यधारा की कवरेज में प्रायः अनदेखा रह जाता है। एक निर्वाचित सांसद के रूप में उनके बयानों का दायरा निजी राय से आगे जाता है — यह संसदीय जवाबदेही का सवाल भी है।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कंगना रनौत ने 'जागरूक हिंदू' वाला बयान कब और कहाँ दिया?
कंगना रनौत ने 3 अगस्त 2026 को इंस्टाग्राम पर साझा एक वीडियो में यह बयान दिया। वीडियो में उन्होंने कहा कि वह अब खुद को हिंदू विचारधारा के एक जागरूक रूप से जोड़ना चाहती हैं।
कंगना रनौत ने विचारधारा बदलने की आज़ादी पर क्या कहा?
कंगना ने कहा कि भारत के संविधान में हर नागरिक को अपनी पसंद की विचारधारा या धर्म अपनाने की स्वतंत्रता है। उनका तर्क था कि अगर कोई समय के साथ अपनी सोच बदलना चाहता है, तो उस पर सवाल नहीं उठने चाहिए।
कंगना ने समाज के दोहरे रवैये पर क्या सवाल उठाए?
कंगना ने कहा कि लोग उनकी 10 साल पुरानी जीवनशैली — जैसे पार्टी करना या डांस नंबर — का हवाला देकर उनके मौजूदा बदलाव पर ताने देते हैं। उनका कहना था कि व्यक्तिगत बदलाव का सम्मान होना चाहिए।
कंगना रनौत ने फिल्म इंडस्ट्री की अभिनेत्रियों के बारे में क्या कहा?
कंगना ने कहा कि कई युवा अभिनेत्रियाँ शुरुआत में धर्म और राजनीति पर तटस्थ रहती हैं, लेकिन किसी खास रिश्ते या शादी के ज़रिए किसी अलग धर्म के संपर्क में आने पर उनकी सोच में बड़ा बदलाव आता है। उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया।
कंगना रनौत कौन से निर्वाचन क्षेत्र से सांसद हैं?
कंगना रनौत हिमाचल प्रदेश के मंडी लोकसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद हैं। वह बॉलीवुड की सक्रिय अभिनेत्री भी हैं और अपने बेबाक बयानों के लिए जानी जाती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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