27 अगस्त 2026
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भारत-वियतनाम कोस्ट गार्ड का 'सहयोग हॉप-टैक' अभ्यास चेन्नई तट पर सम्पन्न, 8 जहाज और 6 विमान रहे शामिल

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भारत-वियतनाम कोस्ट गार्ड का 'सहयोग हॉप-टैक' अभ्यास चेन्नई तट पर सम्पन्न, 8 जहाज और 6 विमान रहे शामिल

सारांश

चेन्नई तट पर 'सहयोग हॉप-टैक' का दूसरा संस्करण महज एक नौसैनिक कवायद नहीं — यह इंडो-पैसिफिक में भारत-वियतनाम की बढ़ती रणनीतिक निकटता का ठोस संकेत है। आठ ICG जहाज, छह विमान और 7वीं उच्च-स्तरीय बैठक मिलकर एक परिपक्व द्विपक्षीय समुद्री ढाँचे की तस्वीर पेश करते हैं।

मुख्य बातें

भारतीय कोस्ट गार्ड (ICG) और वियतनाम कोस्ट गार्ड (VCG) ने 27 अगस्त 2026 को चेन्नई तट के पास 'सहयोग हॉप-टैक' का दूसरा संस्करण सफलतापूर्वक संपन्न किया।
अभ्यास में ICG के 8 जहाज और 6 विमान तथा VCG का 1 जहाज शामिल रहा।
25 अगस्त 2026 को ICG महानिदेशक परमेश शिवमणि और VCG वाइस कमांडेंट मेजर जनरल लुओंग दिन्ह हंग की सह-अध्यक्षता में 7वीं उच्च-स्तरीय बैठक हुई।
अभ्यास का फोकस SAR संचालन , टैक्टिकल इंटरऑपरेबिलिटी और आपातकालीन प्रोटोकॉल के एकीकरण पर रहा।
दोनों देशों ने समुद्री प्रदूषण नियंत्रण और क्षमता निर्माण में सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।

भारतीय कोस्ट गार्ड (ICG) और वियतनाम कोस्ट गार्ड (VCG) ने 27 अगस्त 2026 को चेन्नई तट के निकट संयुक्त समुद्री अभ्यास 'सहयोग हॉप-टैक' के दूसरे संस्करण को सफलतापूर्वक संपन्न किया। इस अभ्यास में ICG के आठ जहाज और छह विमान के साथ VCG का एक जहाज भी शामिल रहा, जो दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग की बढ़ती गहराई को रेखांकित करता है।

अभ्यास का स्वरूप और उद्देश्य

यह गहन अभ्यास मुख्य रूप से टैक्टिकल इंटरऑपरेबिलिटी यानी दोनों बलों के बीच आपसी तालमेल को मजबूत करने और खोज-व-बचाव (SAR) अभियानों को अधिक सुव्यवस्थित बनाने के लिए आयोजित किया गया। इसके अंतर्गत दोनों पक्षों ने आपातकालीन प्रोटोकॉल को एकसमान बनाने और समुद्र में संयुक्त संचालन की दक्षता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया।

इन गतिविधियों की संयुक्त निगरानी भारतीय कोस्ट गार्ड के महानिदेशक और वियतनाम कोस्ट गार्ड के वाइस कमांडेंट ने की। यह अभ्यास इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा ढाँचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

7वीं उच्च-स्तरीय बैठक की पृष्ठभूमि

इस अभ्यास से दो दिन पहले, 25 अगस्त 2026 को चेन्नई में दोनों देशों के कोस्ट गार्ड के बीच 7वीं उच्च-स्तरीय बैठक आयोजित हुई थी। इस बैठक की सह-अध्यक्षता ICG के महानिदेशक परमेश शिवमणि और VCG के वाइस कमांडेंट मेजर जनरल लुओंग दिन्ह हंग ने की।

बैठक में समुद्री खोज और बचाव (SAR), समुद्री कानून प्रवर्तन, समुद्री प्रदूषण नियंत्रण और क्षमता निर्माण जैसे प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने पर सहमति बनी। दोनों पक्षों ने पेशेवर आदान-प्रदान और जहाजों के पारस्परिक दौरों सहित चल रहे सहयोग की समीक्षा भी की।

इंडो-पैसिफिक संदर्भ में महत्व

गौरतलब है कि यह अभ्यास ऐसे समय में हुआ है जब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर कई देशों के बीच सहयोग तेज़ी से बढ़ रहा है। भारत और वियतनाम, दोनों ही दक्षिण चीन सागर और हिंद महासागर में स्थिरता के प्रति सजग रहे हैं, और यह अभ्यास उस साझा रणनीतिक दृष्टिकोण को ज़मीन पर उतारने का प्रयास है।

'सहयोग हॉप-टैक' का यह दूसरा संस्करण दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे समुद्री सहयोग को नई ऊँचाई देता है और द्विपक्षीय सुरक्षा तंत्र को और अधिक परिपक्व बनाता है।

आगे की राह

दोनों कोस्ट गार्ड बलों ने इंटरऑपरेबिलिटी और आपसी क्षमता निर्माण को जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के नियमित संयुक्त अभ्यास न केवल तकनीकी दक्षता बढ़ाते हैं, बल्कि क्षेत्रीय समुद्री व्यवस्था में भारत की भूमिका को भी सुदृढ़ करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक सोची-समझी कूटनीतिक लय है। दक्षिण चीन सागर में बढ़ते तनाव के बीच भारत और वियतनाम का यह समुद्री तालमेल इंडो-पैसिफिक में भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' से आगे 'मैरीटाइम फर्स्ट' रणनीति की ओर इशारा करता है। हालाँकि, असली कसौटी यह होगी कि ये अभ्यास वास्तविक संकट में कितनी तेज़ी से संयुक्त प्रतिक्रिया दे सकते हैं — जो अब तक सिर्फ कागज़ों पर ही परखी गई है।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'सहयोग हॉप-टैक' अभ्यास क्या है?
यह भारतीय कोस्ट गार्ड (ICG) और वियतनाम कोस्ट गार्ड (VCG) के बीच आयोजित एक द्विपक्षीय संयुक्त समुद्री अभ्यास है, जिसका उद्देश्य खोज-व-बचाव अभियानों में तालमेल और टैक्टिकल इंटरऑपरेबिलिटी को बेहतर बनाना है। इसका दूसरा संस्करण 27 अगस्त 2026 को चेन्नई तट पर संपन्न हुआ।
इस अभ्यास में कितने जहाज और विमान शामिल थे?
अभ्यास में ICG के आठ जहाज और छह विमान तथा VCG का एक जहाज शामिल रहा। दोनों बलों के वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त रूप से इन गतिविधियों की निगरानी की।
भारत-वियतनाम कोस्ट गार्ड की 7वीं उच्च-स्तरीय बैठक में क्या हुआ?
25 अगस्त 2026 को चेन्नई में हुई इस बैठक की सह-अध्यक्षता ICG महानिदेशक परमेश शिवमणि और VCG वाइस कमांडेंट मेजर जनरल लुओंग दिन्ह हंग ने की। बैठक में SAR, समुद्री कानून प्रवर्तन, प्रदूषण नियंत्रण और क्षमता निर्माण पर सहयोग को और गहरा करने पर सहमति बनी।
यह अभ्यास इंडो-पैसिफिक सुरक्षा के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर बढ़ती चुनौतियों के बीच यह अभ्यास भारत और वियतनाम के बीच रणनीतिक समुद्री साझेदारी को मज़बूत करता है। यह दोनों देशों की क्षेत्रीय स्थिरता के प्रति साझा प्रतिबद्धता को ज़मीन पर उतारने का प्रयास है।
भारत और वियतनाम के कोस्ट गार्ड के बीच आगे किस तरह का सहयोग होगा?
दोनों पक्षों ने पेशेवर आदान-प्रदान, जहाजों के पारस्परिक दौरे और इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई है। नियमित संयुक्त अभ्यास और उच्च-स्तरीय बैठकें इस द्विपक्षीय ढाँचे की निरंतरता सुनिश्चित करती रहेंगी।
राष्ट्र प्रेस
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