27 अगस्त 2026
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पूर्वी मेदिनीपुर में पीएम मोदी और सुवेंदु अधिकारी की तस्वीरों वाली राखियों की धूम, रक्षाबंधन से पहले उमड़ी भीड़

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पूर्वी मेदिनीपुर में पीएम मोदी और सुवेंदु अधिकारी की तस्वीरों वाली राखियों की धूम, रक्षाबंधन से पहले उमड़ी भीड़

सारांश

पश्चिम बंगाल के कांथी बाज़ार में इस रक्षाबंधन पर BJP की जीत का रंग चढ़ा — पीएम मोदी, सुवेंदु अधिकारी और योगी आदित्यनाथ की तस्वीरों वाली ₹10–₹20 की राखियाँ ग्रामीण और शहरी दोनों खरीदारों की पसंद बनीं। राजनीति अब त्योहारों की थाली तक पहुँच गई है।

मुख्य बातें

पूर्वी मेदिनीपुर के कांथी बाज़ार में रक्षाबंधन 2026 से पहले पीएम मोदी , सुवेंदु अधिकारी और योगी आदित्यनाथ की तस्वीरों वाली राखियों की माँग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी।
इन राखियों की कीमत मात्र ₹10 से ₹20 के बीच, जिससे ये आम खरीदारों की पहुँच में हैं।
दुकानदार बिजन साहू के अनुसार नेपाल की बाढ़ से कुल बिक्री प्रभावित हुई, लेकिन BJP थीम राखियों की माँग बरकरार।
दुकानदार मिलन देबनाथ ने पुष्टि की कि केसरिया रंग-थीम वाली राखियों की माँग राज्य में BJP सरकार बनने के बाद से बढ़ी है।
शहरी खरीदारों के साथ-साथ आसपास की ग्राम पंचायतों और ब्लॉकों से भी खरीदार विशेष रूप से इन राखियों के लिए आ रहे हैं।

पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिले के कांथी बाज़ार में इस वर्ष रक्षाबंधन से ठीक एक दिन पहले, 27 अगस्त को, एक अनोखा नज़ारा देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के चुनाव चिह्न वाली राखियों की माँग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, राज्य विधानसभा चुनाव में BJP की जीत के बाद से इन राजनीतिक थीम वाली राखियों के प्रति लोगों का रुझान तेज़ी से बढ़ा है।

बाज़ार में क्या है नज़ारा

कांथी पोस्ट ऑफिस क्रॉसिंग के पास — जो मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के आवास के करीब है — दुकानों में ये राजनीतिक थीम वाली राखियाँ करीने से सजाई गई हैं। शहर के निवासियों के साथ-साथ आसपास की ग्राम पंचायतों और ब्लॉकों से आए खरीदार भी इन्हें बड़े उत्साह से खरीद रहे हैं। खासतौर पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की तस्वीर वाली राखियाँ सबसे अधिक पसंद की जा रही हैं।

दुकानदारों की प्रतिक्रिया

कांथी के दुकानदार बिजन साहू ने बताया कि इस वर्ष नेपाल में अचानक आई बाढ़ और अन्य कारणों से राखियों की कुल बिक्री अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही। हालाँकि उन्होंने स्पष्ट किया, 'पीएम मोदी, सीएम सुवेंदु दा, योगी जी और BJP के चुनाव चिह्न वाली राखियों की माँग लगातार बढ़ रही है।' साहू ने यह भी बताया कि इन राखियों की कीमत मात्र ₹10 से ₹20 के बीच है, जो इन्हें आम खरीदारों की पहुँच में रखती है।

एक अन्य दुकानदार मिलन देबनाथ ने भी इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि राज्य में सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने के बाद ग्राहक केसरिया रंग-थीम वाली राखियों की अधिक माँग कर रहे हैं।

राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में BJP की विधानसभा चुनाव में जीत के बाद से राजनीतिक माहौल बदला हुआ है। गौरतलब है कि रक्षाबंधन जैसे सांस्कृतिक और पारिवारिक त्योहारों में राजनीतिक प्रतीकों का इस तरह समाहित होना एक उल्लेखनीय सामाजिक बदलाव को दर्शाता है। पूर्वी मेदिनीपुर जिला, जो सुवेंदु अधिकारी का गृह क्षेत्र भी है, इस प्रवृत्ति का केंद्र बनकर उभरा है।

आम जनता पर असर

दुकानदारों ने बताया कि बिक्री के आँकड़े संतोषजनक रहे हैं। ये राखियाँ केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं हैं — कांथी के आसपास की कई ग्राम पंचायतों और ब्लॉकों से भी खरीदार विशेष रूप से इन्हें खरीदने आ रहे हैं। रंग-बिरंगी और विविध डिज़ाइन वाली ये राखियाँ बाज़ार में आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।

आगे की तस्वीर

विशेषज्ञों का मानना है कि राजनीतिक थीम वाले उत्पादों की बढ़ती माँग पश्चिम बंगाल में बदलती राजनीतिक पहचान और जन-भावना का प्रतिबिंब है। रक्षाबंधन के बाद भी यदि यह प्रवृत्ति जारी रहती है, तो यह राज्य की चुनावी राजनीति पर दीर्घकालिक प्रभाव का संकेत हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पूर्वी मेदिनीपुर जैसे संवेदनशील राजनीतिक ज़िले में इसका यह स्वरूप ध्यान देने योग्य है। सुवेंदु अधिकारी का गृह क्षेत्र होने के कारण यहाँ की माँग को व्यापक राज्य-स्तरीय प्रवृत्ति नहीं माना जा सकता — यह स्थानीय राजनीतिक उत्साह का प्रतिबिंब अधिक है। मुख्यधारा की कवरेज इस सवाल से चूक जाती है कि क्या यह माँग जमीनी स्तर पर स्वतःस्फूर्त है या संगठित प्रचार का हिस्सा — एक अंतर जो BJP की दीर्घकालिक बंगाल रणनीति को समझने के लिए ज़रूरी है।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पूर्वी मेदिनीपुर में किन नेताओं की तस्वीरों वाली राखियाँ बिक रही हैं?
कांथी के बाज़ारों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और BJP के चुनाव चिह्न वाली राखियाँ बिक रही हैं। इनमें सुवेंदु अधिकारी की तस्वीर वाली राखियाँ सबसे अधिक पसंद की जा रही हैं।
इन राजनीतिक थीम वाली राखियों की कीमत क्या है?
दुकानदार बिजन साहू के अनुसार इन राखियों की कीमत ₹10 से ₹20 के बीच है, जो इन्हें आम खरीदारों के लिए सुलभ बनाती है।
इन राखियों की माँग क्यों बढ़ी है?
स्थानीय दुकानदारों के अनुसार पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में BJP की जीत के बाद से पार्टी नेताओं से जुड़ी राखियों की माँग में उछाल आया है। राज्य में बदले राजनीतिक माहौल ने रक्षाबंधन जैसे त्योहार को भी प्रभावित किया है।
क्या इस साल राखियों की कुल बिक्री प्रभावित हुई है?
हाँ, दुकानदार बिजन साहू ने बताया कि नेपाल में अचानक आई बाढ़ और अन्य कारणों से इस साल राखियों की कुल बिक्री अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही। हालाँकि BJP थीम वाली राखियों की माँग इससे अप्रभावित रही।
ये राखियाँ कहाँ मिल रही हैं और कौन खरीद रहा है?
ये राखियाँ कांथी के बाज़ारों, विशेषकर कांथी पोस्ट ऑफिस क्रॉसिंग के पास की दुकानों में उपलब्ध हैं। शहरी निवासियों के साथ-साथ पूर्वी मेदिनीपुर की आसपास की ग्राम पंचायतों और ब्लॉकों से भी खरीदार इन्हें खरीदने आ रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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