सीएम योगी आदित्यनाथ ने नई दिल्ली में PM मोदी और BJP अध्यक्ष नितिन नवीन से की मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 8 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इसके अतिरिक्त उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से भी भेंट की। मुख्यमंत्री ने इन मुलाकातों की जानकारी एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की।
प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, 'नए भारत के स्वप्नद्रष्टा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नई दिल्ली में आत्मीय भेंट की। आपका मार्गदर्शन मुझे सुशासन के पथ पर अविराम गतिशील रहने की प्रेरणा देता है। बहुमूल्य समय प्रदान करने के लिए हार्दिक आभार प्रधानमंत्री।'
इस मुलाकात को राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालाँकि, बैठक के एजेंडे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई।
BJP अध्यक्ष नितिन नवीन से शिष्टाचार भेंट
प्रधानमंत्री से मुलाकात के अतिरिक्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से भी मुलाकात की। उन्होंने इस भेंट को शिष्टाचार भेंट बताया।
मेरठ में कांवड़ यात्रियों का स्वागत
दिल्ली रवाना होने से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दौरे पर थे। मेरठ पहुँचकर उन्होंने सावन माह में जलाभिषेक के लिए निकले कांवड़ यात्रियों पर पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया।
इस अवसर पर एक्स पर उन्होंने लिखा, 'शिवो भूत्वा शिवं यजेत्। भगवान भोलेनाथ की आराधना-उपासना के पवित्र श्रावण माह के पावन अवसर पर जलाभिषेक करने निकले श्रद्धालुओं एवं कांवड़ियों पर जनपद मेरठ में पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया।'
सामाजिक एकता का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि भक्ति, अनुशासन और समर्पण के साथ सैकड़ों किलोमीटर की पदयात्रा कर रहे शिवभक्त जाति, पंथ, प्रांत और क्षेत्र की सीमाओं से ऊपर उठकर सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का संदेश दे रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांवड़ियों की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान के लिए उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
गौरतलब है कि मेरठ कार्यक्रम के बाद शनिवार शाम मुख्यमंत्री नई दिल्ली रवाना हुए, जहाँ उन्होंने प्रधानमंत्री और BJP अध्यक्ष से क्रमशः मुलाकातें कीं। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब उत्तर प्रदेश में राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियाँ तेज़ हैं।