गुजरात की आंगनबाड़ी बहनों ने भेजीं 4.50 लाख राखियाँ, बॉर्डर के जवानों को रक्षाबंधन पर मिला घर जैसा प्यार
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने रक्षाबंधन के पावन अवसर पर 'एक राखी देश के जवानों के नाम' अभियान के तहत सीमा पर तैनात सैनिकों को 4.50 लाख से अधिक राखियाँ भेजकर देशभक्ति और भाई-बहन के स्नेह का अनूठा संगम प्रस्तुत किया। गांधीनगर में आयोजित एक विशेष समारोह में उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी और महिला एवं बाल कल्याण मंत्री डॉ. मनीषाबेन वकील की उपस्थिति में सीमा पर तैनात सैनिकों के अधिकारियों को प्रतीक स्वरूप रक्षा सूत्र कलश भेंट किए गए।
अभियान की पृष्ठभूमि
गुजरात सरकार पिछले तीन वर्षों से इस अभियान को निरंतर चला रही है, जिसका उद्देश्य सीमा पर अपने परिवारों से दूर रहकर मातृभूमि की रक्षा करने वाले जवानों को यह अहसास दिलाना है कि राज्य की माताएँ और बहनें उनके साथ हैं। महिला एवं बाल कल्याण मंत्री डॉ. मनीषाबेन वकील के मार्गदर्शन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने ये राखियाँ तैयार कर सैनिकों तक पहुँचाईं।
किसे मिलीं राखियाँ
ये रक्षा सूत्र सेना, बीएसएफ (BSF), सीआरपीएफ (CRPF) के जवानों द्वारा धारण किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, गांधीनगर स्थित राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के जवानों ने भी इन राखियों को स्वीकार किया। यह पहल उन सैनिकों के लिए विशेष रूप से भावनात्मक महत्व रखती है, जो त्योहार के दिन अपने घर-परिवार से दूर देश की सेवा में तत्पर रहते हैं।
समारोह में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास सचिव राकेश शंकर, महिला एवं बाल विकास आयुक्त डॉ. रणजीत कुमार सिंह, विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण, बीएसएफ, सीआरपीएफ और एनडीआरएफ के जवान तथा बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएँ उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी की उपस्थिति ने इस पहल को राज्य सरकार का पूर्ण समर्थन प्रदर्शित किया।
सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व
यह अभियान रक्षाबंधन के पारंपरिक त्योहार को एक व्यापक राष्ट्रीय भावना से जोड़ता है। आंगनबाड़ी बहनों द्वारा बनाई गई ये राखियाँ केवल धागे नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की ओर से उन जवानों के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक हैं, जो दिन-रात सीमाओं पर पहरा देते हैं। गौरतलब है कि यह पहल गुजरात में नागरिक-सैन्य संबंधों को मज़बूत करने की दिशा में एक सतत प्रयास बन चुकी है। आने वाले वर्षों में इस अभियान के और विस्तार की संभावना जताई जा रही है।