25 अगस्त 2026
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सुखबीर बादल के रहते BJP-अकाली दल गठबंधन नामुमकिन: भाजपा नेता अमनजोत कौर का साफ इनकार

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सुखबीर बादल के रहते BJP-अकाली दल गठबंधन नामुमकिन: भाजपा नेता अमनजोत कौर का साफ इनकार

सारांश

पंजाब चुनाव 2027 से पहले भाजपा ने अकाली दल को दो-टूक जवाब दे दिया है। अमनजोत कौर रामू वालिया का बयान साफ है — सुखबीर बादल के रहते गठबंधन नामुमकिन। भाजपा 117 सीटों पर अकेले उतरने को तैयार है, जबकि विजय सांपला ने हाईकमान पर फैसला छोड़ा।

मुख्य बातें

भाजपा नेता अमनजोत कौर रामू वालिया ने 25 अगस्त 2026 को कहा कि सुखबीर बादल के रहते शिरोमणि अकाली दल से कोई समझौता नहीं होगा।
भाजपा ने पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर बूथ स्तर तक कैडर तैयार करने का दावा किया है।
वालिया ने आरोप लगाया कि अकाली दल के नेतृत्व ने कभी भाजपा को गाँवों में प्रवेश न देने के निर्देश दिए थे।
सुखबीर बादल की PM मोदी से हालिया मुलाकात के बाद बादल ने खुद गठबंधन वार्ता की कोई पुष्टि नहीं की।
भाजपा नेता विजय सांपला ने कहा कि गठबंधन का अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान करेगा।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नेता अमनजोत कौर रामू वालिया ने 25 अगस्त 2026 को चंडीगढ़ में स्पष्ट शब्दों में कह दिया कि जब तक सुखबीर सिंह बादल शिरोमणि अकाली दल (SAD) की कमान संभाले हुए हैं, तब तक दोनों दलों के बीच किसी भी चुनावी समझौते की संभावना शून्य है। पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर उठ रहीं गठबंधन की अटकलों को उन्होंने सिरे से खारिज किया।

भाजपा की 117 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी

अमनजोत कौर रामू वालिया ने कहा कि भाजपा ने पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अपना कैडर बूथ स्तर तक तैयार कर लिया है। उन्होंने कहा, 'हमने सभी 117 सीटों पर अपना कैडर तैयार किया है। बूथ स्तर पर हमारे पास उम्मीदवार और कार्यकर्ता मौजूद हैं। हम विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेंगे और अच्छा प्रदर्शन करेंगे।' उनके अनुसार पार्टी अपने कार्यकर्ताओं को सुनियोजित रणनीति के तहत तैयार करती है और यह प्रक्रिया पहले से ही चल रही है।

अकाली दल पर गंभीर आरोप

वालिया ने खुलासा किया कि वे स्वयं पहले शिरोमणि अकाली दल में रह चुकी हैं और भीतरी कार्यप्रणाली से भली-भाँति परिचित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अकाली दल के नेतृत्व की ओर से निर्देश दिए जाते थे कि भाजपा को गाँवों में प्रवेश न करने दिया जाए। उनके अनुसार, 'अकाली दल भाजपा को आगे बढ़ने नहीं देता था।' यह आरोप गठबंधन के दौरान दोनों दलों के बीच की आंतरिक खींचतान को उजागर करता है।

हरसिमरत और सुखबीर बादल की अपील पर पलटवार

भाजपा नेता ने स्पष्ट किया कि हरसिमरत कौर बादल और सुखबीर बादल चाहे जो भी कहें, भाजपा और अकाली दल के बीच कोई गठबंधन नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि अकाली दल के नेता गठबंधन की बात इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वे भाजपा के बिना अपनी सीटें बचाने में असमर्थ हैं। गौरतलब है कि हाल ही में सुखबीर बादल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले थे, परंतु इस मुलाकात के बाद बादल ने स्वयं गठबंधन को लेकर किसी बातचीत की पुष्टि नहीं की।

विजय सांपला का संतुलित रुख

भाजपा नेता विजय सांपला ने इस मुद्दे पर अपेक्षाकृत संतुलित रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि पार्टी शुरुआत से ही सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है, लेकिन गठबंधन का अंतिम फैसला पार्टी के हाईकमान पर निर्भर करेगा। सांपला ने कहा, 'अगर हाईकमान कहता है कि गठबंधन होगा, तो हम एक सिपाही की तरह उसी के अनुसार काम करेंगे।' यह बयान वालिया के कड़े रुख से कुछ अलग संकेत देता है।

आगे क्या होगा

पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 में अभी समय है, लेकिन दोनों दलों की रणनीति अभी से आकार लेने लगी है। भाजपा का जमीनी कैडर विस्तार और अकाली दल की गठबंधन की आस — दोनों एक साथ चल रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब शिरोमणि अकाली दल 2022 के चुनाव में करारी हार के बाद अभी तक अपनी खोई जमीन पूरी तरह वापस नहीं पा सका है। आने वाले महीनों में भाजपा हाईकमान का रुख ही तय करेगा कि पंजाब में 2027 की लड़ाई किस समीकरण के साथ लड़ी जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि सांपला ने हाईकमान पर फैसला छोड़ दिया। यह भाजपा के भीतर पंजाब रणनीति पर एकमत न होने का संकेत है। गौरतलब है कि 2022 में अकेले चुनाव लड़कर भाजपा को पंजाब में महज दो सीटें मिली थीं — इसलिए '117 सीटों पर तैयार' का दावा जमीनी हकीकत से कितना मेल खाता है, यह देखना होगा। अकाली दल की कमज़ोरी भाजपा के लिए अवसर तो है, लेकिन पंजाब में ग्रामीण और सिख मतदाताओं तक पहुँच के बिना केवल कैडर विस्तार पर्याप्त नहीं होगा।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा ने अकाली दल के साथ गठबंधन से इनकार क्यों किया?
भाजपा नेता अमनजोत कौर रामू वालिया ने कहा कि जब तक सुखबीर बादल अकाली दल में हैं, तब तक गठबंधन का कोई सवाल नहीं। उनका आरोप है कि अकाली दल ने भाजपा को पंजाब के गाँवों में पैर जमाने से रोका।
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 में भाजपा की क्या रणनीति है?
भाजपा ने पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी की है और बूथ स्तर तक कैडर तैयार करने का दावा किया है। हालांकि, नेता विजय सांपला ने कहा कि गठबंधन का अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान पर निर्भर है।
सुखबीर बादल और PM मोदी की मुलाकात का क्या नतीजा रहा?
हाल ही में सुखबीर बादल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले थे, लेकिन इस मुलाकात के बाद बादल ने स्वयं गठबंधन को लेकर किसी बातचीत की पुष्टि नहीं की। भाजपा नेताओं के अनुसार अकाली दल की ओर से केवल भ्रम फैलाया जा रहा है।
अकाली दल गठबंधन की बात क्यों कर रहा है?
भाजपा नेताओं का दावा है कि अकाली दल के नेता जानते हैं कि भाजपा के बिना वे सीटें नहीं जीत सकते और उनका कैडर भी भाजपा की ओर जा रहा है। इसीलिए अकाली दल गठबंधन की अटकलें फैलाकर अपना कैडर बचाने की कोशिश कर रहा है।
अमनजोत कौर रामू वालिया कौन हैं?
अमनजोत कौर रामू वालिया भारतीय जनता पार्टी की पंजाब इकाई की एक वरिष्ठ नेता हैं। वे पहले शिरोमणि अकाली दल में भी रह चुकी हैं, जिसके कारण वे दोनों दलों की आंतरिक कार्यप्रणाली से परिचित हैं।
राष्ट्र प्रेस
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