निकाय चुनाव 2025: सुखबीर बादल की अपील — 'पंजाब बचाना है तो हर चुनाव में अकाली दल को जिताएं'
सारांश
मुख्य बातें
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने 23 मई 2025 को पंजाब की जनता से सीधी अपील करते हुए कहा कि 26 मई को होने वाले निकाय चुनावों में अकाली दल को जिताना राज्य की भविष्य की सरकार के लिए ज़रूरी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि क्षेत्रीय पार्टी की जड़ें मज़बूत किए बिना राज्य में स्थायी विकास संभव नहीं।
मुख्य घटनाक्रम
बादल ने अपने वीडियो संदेश में कहा, 'सभी जानते हैं कि वर्तमान सरकार का कार्यकाल खत्म होने में महज 5 महीने बचे हैं। कानून व्यवस्था से लेकर गुंडागर्दी और ड्रग्स तक पिछले 10 साल पंजाब के लिए मुश्किल भरे रहे।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि शिरोमणि अकाली दल की सरकार पंजाब में 19 साल रही और उस दौरान राज्य में शांति का वातावरण बना रहा।
कांग्रेस और AAP पर निशाना
बादल ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और आम आदमी पार्टी (AAP) — दोनों पर एक साथ हमला बोला। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस की सरकार रही या आम आदमी पार्टी की, कोई पंजाब की बात नहीं करता। इनकी सोच अपने हाईकमान की बात मानने की रही है।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब AAP सरकार के खिलाफ राज्य में कई मोर्चों पर विपक्ष सक्रिय है।
निकाय चुनाव और विधानसभा की कड़ी
बादल ने स्पष्ट किया कि निकाय चुनाव और 5 महीने बाद संभावित विधानसभा चुनाव आपस में जुड़े हैं। उनके अनुसार, 'अगर सरकार अकाली दल की बनी और निकाय चुनावों में किसी दूसरी पार्टी की जीत हुई, तो काम नहीं हो पाएगा। दूसरी पार्टियाँ जानबूझकर काम को खराब करेंगी और पूरे 5 साल बर्बाद हो सकते हैं।' गौरतलब है कि यह तर्क क्षेत्रीय राजनीति में 'एकरूपता' की माँग का परिचित पैटर्न है जो चुनावी मौसम में अक्सर उभरता है।
चुनाव का दायरा और तारीखें
पंजाब में 8 नगर निगमों, 71 नगर काउंसिलों और 21 नगर पंचायतों के लिए 26 मई 2025 को मतदान होना है। इन निकाय चुनावों के नतीजे 29 मई 2025 को घोषित किए जाएंगे। यह चुनाव पंजाब की राजनीतिक दिशा का एक महत्वपूर्ण संकेतक माने जा रहे हैं।
आगे क्या
निकाय चुनावों के नतीजे 29 मई को आने के बाद सभी प्रमुख दलों की स्थिति स्पष्ट होगी। विश्लेषकों के अनुसार, ये परिणाम पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति को सीधे प्रभावित करेंगे। शिरोमणि अकाली दल के लिए यह चुनाव संगठनात्मक पुनरुत्थान की कसौटी भी है।