क्या शिरोमणि अकाली दल फरवरी से सभी विधानसभा क्षेत्रों में रैलियां करेगी और 2027 में सरकार बनाने का संकल्प लेगी?
सारांश
Key Takeaways
- एसएडी ने फरवरी 2026 से रैलियों की श्रृंखला शुरू करने का निर्णय लिया है।
- पार्टी का उद्देश्य पंजाब के विकास में अपनी भूमिका को उजागर करना है।
- एसएडी का लक्ष्य 2027 में सरकार बनाना है।
- पार्टी 'आप' की नीतियों के खिलाफ जन आंदोलन करेगी।
- डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने पार्टी के विकास कार्यों पर प्रकाश डाला।
चंडीगढ़, २४ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) ने पंजाब में अपनी राजनीतिक गतिविधियों को बढ़ाने का निर्णय लिया है। पार्टी ने घोषणा की है कि फरवरी 2026 से राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों में रैलियों की एक व्यापक श्रृंखला की शुरुआत की जाएगी।
इन रैलियों का उद्देश्य पंजाबियों को पार्टी की राज्य के विकास में ऐतिहासिक भूमिका के बारे में जानकारी देना और 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए उसके विजन को साझा करना है। यह निर्णय शनिवार को चंडीगढ़ में पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की अध्यक्षता में जिला अध्यक्षों और निर्वाचन क्षेत्र प्रभारियों की महत्वपूर्ण बैठक में लिया गया।
बैठक के बाद वरिष्ठ नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने प्रेस को बताया कि एसएडी की पूर्व सरकारों ने राज्य में अद्वितीय विकास कार्य किए हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पार्टी के शासनकाल में पंजाब को बिजली अधिशेष राज्य बनाया गया, सभी प्रमुख शहरों को चार लेन सड़कों से जोड़ा गया, नए थर्मल प्लांट और एयरपोर्ट स्थापित किए गए, और ग्रामीण बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण सुधार किए गए।
डॉ. चीमा ने आरोप लगाया कि पूर्व कांग्रेस सरकार और वर्तमान आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने एक भी नया बड़ा बुनियादी ढांचा नहीं बनाया, जिससे राज्य को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा, "हम पंजाब को आगे बढ़ाने के लिए विकास और बुनियादी ढांचे के नए युग की शुरुआत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
पार्टी पंजाबियों से एसएडी का समर्थन मांगेगी और 'आप' की पंजाब विरोधी नीतियों के खिलाफ एक जन आंदोलन शुरू करेगी। डॉ. चीमा ने कहा कि एसएडी राज्य को मौजूदा अराजकता से बाहर निकालेगी, शांति और सांप्रदायिक सद्भाव सुनिश्चित करेगी और युवाओं के लिए रोजगार पैदा करने हेतु पंजाब में निवेश वापस लाएगी।
बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि 10 फरवरी 2026 तक पार्टी का संपूर्ण संगठनात्मक ढांचा तैयार कर लिया जाएगा। इसमें बूथ स्तर की समितियां, यूथ अकाली दल, इस्तरी अकाली दल, अनुसूचित जाति मोर्चा, पिछड़ा वर्ग विंग और व्यापार विंग सहित सभी सहयोगी संगठनों का गठन पूरा होगा। हाल के ब्लॉक समिति और जिला परिषद चुनावों में सक्रिय रहे नेताओं को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जाएंगी।
बैठक में पंचायतों पर ट्यूबवेल कॉर्पोरेशन के बकाया बिलों के भुगतान के लिए केंद्र से मिले विकास फंड के दुरुपयोग की कड़ी निंदा की गई। डॉ. चीमा ने कहा कि सड़क, स्वच्छता, पीने का पानी और स्ट्रीट लाइटिंग के लिए निर्धारित केंद्रीय फंड को पानी बिल चुकाने में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। पार्टी ऐसी पंचायतों का समर्थन करेगी जो इन अवैध आदेशों का विरोध कर रही हैं।
इसके अलावा, 'आप' सरकार की स्वास्थ्य बीमा योजना को पब्लिसिटी स्टंट बताते हुए कहा गया कि सरकार के पास इसे लागू करने के लिए पैसे नहीं हैं और यह चुनावी डेटा इकट्ठा करने की एक चाल है। बैठक में पटना साहिब गुरुद्वारा बोर्ड चुनावों में 8 प्रतिशत गैर-सिख वोटरों के रजिस्ट्रेशन के तरीके और दिल्ली 'आप' नेता आतिशी द्वारा गुरु साहिबान के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणियों की स्वतंत्र जांच की मांग भी की गई।
इस अवसर पर अमरजीत सिंह चावला, अर्शदीप सिंह क्लेर और बिक्रम सिंह अल्लाहबख्श सहित अन्य नेता उपस्थित थे।