डबल-इंजन सरकार के बिना 'खुशहाल पंजाब' असंभव: BJP प्रदेशाध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेशाध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने 4 जुलाई को स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य में एक साथ BJP की 'डबल-इंजन' सरकार के बिना पंजाब को 'खुशहाल पंजाब' बनाने का सपना पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा कि वे न खुद सोते हैं, न दूसरों को सोने देते हैं।
पंजाब मिशन: BJP का रोडमैप
ढिल्लों ने पंजाब में BJP की पहली सरकार बनने की स्थिति में पार्टी की प्राथमिकताएँ गिनाईं। उन्होंने कहा, "हम सभी 'पंजाब मिशन' के लिए काम कर रहे हैं, जिसका मकसद हमारे उद्योगों को फिर से खड़ा करना है जो बहुत मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। खेती को मजबूत करना है और ड्रग्स की तस्करी व नशीले पदार्थों के सिंडिकेट को खत्म करना है।"
ढिल्लों ने यह भी घोषणा की कि BJP सभी 117 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी — किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं होगा।
अकाली दल से गठबंधन पर साफ इनकार
प्रदेशाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि BJP अपने सबसे पुराने सहयोगी शिरोमणि अकाली दल के साथ चुनाव से पहले या बाद में कोई गठबंधन नहीं करेगी। गौरतलब है कि अकाली दल ने 1967 में जनसंघ के साथ पहली बार हाथ मिलाया था। 1997 के विधानसभा चुनावों से लेकर 2019 के संसदीय चुनावों तक दोनों दलों के बीच चुनाव-पूर्व गठबंधन रहा, जबकि 1967 से 1980 के बीच BJP चार बार अकाली नेतृत्व वाली सरकारों में चुनाव-पश्चात साझेदार रही थी।
AAP सरकार पर हमला: कर्ज और बिजली संकट
ढिल्लों ने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर राज्य पर बढ़ते कर्ज और बिजली के गंभीर संकट को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार के खिलाफ लगे गंभीर आरोपों का जवाब देने के बजाय ध्यान भटकाने वाले बयानों और नाटकीय बहानों से जनता को गुमराह करते रहे हैं।
केंद्र से पंजाब को मिली वित्तीय सहायता के आँकड़े
ढिल्लों ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल में पंजाब को टैक्स डिवोल्यूशन, ग्रांट्स-इन-एड, जीएसटी मुआवजे और केंद्रीय ऋणों के माध्यम से कुल ₹4.13 लाख करोड़ से अधिक की राशि मिली है। विस्तृत आँकड़ों के अनुसार:
टैक्स बंटवारे से ₹1.84 लाख करोड़ से अधिक, ग्रांट के रूप में ₹1.48 लाख करोड़, जीएसटी (GST) मुआवजे के तौर पर ₹39,997 करोड़ और ऋण व अग्रिम के रूप में ₹40,767 करोड़ से अधिक पंजाब को प्राप्त हुए।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में ₹43,527 करोड़, रेलवे में ₹34,488 करोड़, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) के तहत ₹6,552 करोड़, जल जीवन मिशन के अंतर्गत ₹5,773 करोड़ और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत ₹5,295 करोड़ का निवेश पंजाब में हुआ।
किसान और स्वास्थ्य योजनाओं का जिक्र
ढिल्लों के अनुसार, PM-KISAN से पंजाब के 11 लाख से अधिक किसान लाभान्वित हुए हैं, जबकि 17 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल से जल कनेक्शन मिला है। स्वास्थ्य के मोर्चे पर आयुष्मान भारत, एम्स बठिंडा, नए मेडिकल कॉलेजों और 565 से अधिक जन औषधि केंद्रों के माध्यम से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हुआ है।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर BJP सत्ता में आती है, तो हरियाणा के मॉडल की तर्ज पर पंजाब में 24 फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सुनिश्चित किया जाएगा — ताकि राज्य में उगाई जाने वाली हर फसल को MSP का सुरक्षा कवच मिले। आगामी विधानसभा चुनावों में यह मुद्दा BJP के प्रचार का केंद्र बनने की संभावना है।