18 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

वंदे मातरम विवाद: संजय निरुपम का कांग्रेस पर हमला — 'स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
वंदे मातरम विवाद: संजय निरुपम का कांग्रेस पर हमला — 'स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान'

सारांश

शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने कांग्रेस पर वंदे मातरम के अपूर्ण गायन को लेकर तीखा हमला बोला और कहा कि पार्टी स्वतंत्रता सेनानियों का भी अपमान कर रही है। साथ ही महाराष्ट्र धार्मिक स्वतंत्रता कानून और भारत निर्वाचन आयोग का बचाव किया।

मुख्य बातें

शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने 18 अगस्त को मुंबई में कांग्रेस पर वंदे मातरम के अपमान का आरोप लगाया।
गोवा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की उपस्थिति में वंदे मातरम के केवल दो अंतरे गाए जाने पर निरुपम ने आपत्ति जताई।
शिवसेना ने ऐलान किया कि पार्टी के हर कार्यक्रम में वंदे मातरम का पूर्ण गायन अनिवार्य होगा; इनकार पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी।
महाराष्ट्र धार्मिक स्वतंत्रता कानून आगामी रक्षाबंधन पर लागू होने जा रहा है; निरुपम ने इसे महिलाओं की सुरक्षा से जोड़ा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत की चुनावी व्यवस्था पर टिप्पणी को निरुपम ने भारत निर्वाचन आयोग की वैश्विक साख का प्रमाण बताया।

शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने 18 अगस्त को मुंबई में वंदे मातरम विवाद, महाराष्ट्र धार्मिक स्वतंत्रता कानून और भारत निर्वाचन आयोग पर कांग्रेस को घेरते हुए तीखा प्रहार किया। निरुपम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस न केवल राष्ट्रगीत का, बल्कि उन स्वतंत्रता सेनानियों का भी अपमान कर रही है जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया था। उन्होंने माँग की कि कांग्रेस इस मुद्दे पर देश से सार्वजनिक माफी माँगे।

वंदे मातरम विवाद और शिवसेना का रुख

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के उस बयान का समर्थन करते हुए — जिसमें उन्होंने सभी सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत वंदे मातरम से करने की बात कही थी — निरुपम ने स्पष्ट किया कि शिवसेना एक राष्ट्रवादी संगठन है। उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रत्येक कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत के पूर्ण गायन के साथ होगी, और यदि कोई व्यक्ति वंदे मातरम पूरा गाने से इनकार करता है तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

निरुपम ने गोवा में कांग्रेस के एक कार्यक्रम पर भी सवाल उठाए, जहाँ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की उपस्थिति में वंदे मातरम के केवल दो अंतरे गाए गए। उनका कहना था कि वंदे मातरम को कानूनी दर्जा प्राप्त है और इसके लिए निर्धारित नियमों का पालन अनिवार्य है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि यह गीत भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान सेनानियों का सबसे प्रमुख उद्घोष था।

महाराष्ट्र धार्मिक स्वतंत्रता कानून पर निरुपम का पक्ष

महाराष्ट्र के धार्मिक स्वतंत्रता कानून के बारे में निरुपम ने कहा कि इसका उद्देश्य जबरदस्ती, दबाव या लालच के ज़रिए धर्म परिवर्तन कराने की गतिविधियों पर रोक लगाना है। उन्होंने बताया कि यह कानून आगामी रक्षाबंधन के दिन लागू होने जा रहा है।

निरुपम ने कानून के उस प्रावधान पर विशेष ज़ोर दिया जो कथित 'लव जिहाद' से जुड़े मामलों और महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित है। उनके अनुसार, कुछ मामलों में विवाह के नाम पर महिलाओं को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन कराया जाता है और बाद में उन्हें छोड़ दिया जाता है। उन्होंने दावा किया कि कानून में विवाह से जन्मे बच्चों के धर्म से जुड़े प्रावधान भी शामिल हैं और महाराष्ट्र की बेटियों की सुरक्षा के लिए यह कानूनी व्यवस्था ज़रूरी थी।

ट्रंप की टिप्पणी और निर्वाचन आयोग का बचाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत की चुनावी व्यवस्था और मतदाता पहचान को लेकर की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए निरुपम ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि अमेरिका के राष्ट्रपति भारत निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से प्रेरणा ले रहे हैं। उन्होंने निर्वाचन आयोग को एक मज़बूत और सक्षम संवैधानिक संस्था बताया।

निरुपम ने उन विपक्षी नेताओं पर भी निशाना साधा जो चुनाव में हार के बाद निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हैं। उनका कहना था कि चुनाव आयोग पर आरोप लगाना केवल एक संस्था की आलोचना नहीं, बल्कि एक संवैधानिक संस्था के सम्मान से जुड़ा विषय है।

आगे क्या

वंदे मातरम विवाद और महाराष्ट्र धार्मिक स्वतंत्रता कानून दोनों मुद्दे राज्य की राजनीति में आने वाले दिनों में गर्म रहने की संभावना है। कांग्रेस की ओर से अभी तक निरुपम के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, और यह देखना होगा कि पार्टी इस सियासी दबाव को किस तरह संभालती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इस बहस को एकतरफा बनाती है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस तथ्य को नज़रअंदाज़ करती है कि 'लव जिहाद' जैसे शब्द न्यायालयों में विधिक मान्यता नहीं पा सके हैं।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय निरुपम ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने गोवा के एक कार्यक्रम में वंदे मातरम के केवल दो अंतरे गाकर राष्ट्रगीत का अपमान किया। उन्होंने कहा कि ऐसा करके कांग्रेस उन स्वतंत्रता सेनानियों का भी अपमान कर रही है जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए बलिदान दिया, और माँग की कि पार्टी देश से माफी माँगे।
शिवसेना ने वंदे मातरम को लेकर क्या नीति अपनाई है?
शिवसेना ने घोषणा की है कि पार्टी के हर कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम के पूर्ण गायन से होगी। निरुपम ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति वंदे मातरम पूरा गाने से इनकार करता है तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
महाराष्ट्र धार्मिक स्वतंत्रता कानून कब लागू होगा और इसका उद्देश्य क्या है?
निरुपम के अनुसार यह कानून आगामी रक्षाबंधन के दिन लागू होने जा रहा है। इसका उद्देश्य जबरदस्ती, दबाव या लालच के ज़रिए धर्म परिवर्तन कराने की गतिविधियों पर रोक लगाना और महिलाओं के अधिकारों की कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणी पर निरुपम ने क्या कहा?
संजय निरुपम ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत की चुनावी व्यवस्था पर टिप्पणी यह दर्शाती है कि भारत निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को वैश्विक स्तर पर सराहना मिल रही है। उन्होंने कहा कि यह उन विपक्षी नेताओं के आरोपों का जवाब है जो चुनाव में हार के बाद आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हैं।
वंदे मातरम को लेकर कानूनी स्थिति क्या है?
निरुपम के अनुसार वंदे मातरम को कानूनी दर्जा प्राप्त है और इसके गायन के लिए निर्धारित नियमों का पालन किया जाना चाहिए। यह गीत भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान सेनानियों का प्रमुख उद्घोष था और इसका ऐतिहासिक महत्व अत्यधिक है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 घंटे पहले
  2. 8 घंटे पहले
  3. कल
  4. 2 दिन पहले
  5. 3 दिन पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले