वंदे मातरम विवाद: तरुण चुघ का कांग्रेस पर हमला, झारखंड छात्र आंदोलन पर दोहरे मापदंड का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
भाजपा सांसद तरुण चुघ ने 17 अगस्त 2026 को चंडीगढ़ में राष्ट्रगीत वंदे मातरम विवाद को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर तीखा हमला बोला और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के आचरण को 'दुखद, शर्मनाक और चिंताजनक' करार दिया। साथ ही, उन्होंने झारखंड में जारी छात्र आंदोलन के संदर्भ में कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।
वंदे मातरम विवाद पर चुघ का आरोप
कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान वंदे मातरम को पूरा न गाने के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए चुघ ने कहा, 'राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान और राष्ट्रीय ध्वज देश का गौरव, सम्मान और शान है। देश के वीर सपूत इनके लिए बलिदान देते हैं, लेकिन दुर्भाग्य से, सोनिया गांधी सार्वजनिक रूप से भारत के आत्मसम्मान और गौरव का अपमान कर रही हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि वंदे मातरम पर यह कृत्य देशद्रोह है और देश इसे कभी माफ नहीं करेगा।
चुघ ने दंतेवाड़ा में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों की शहादत और बाटला एनकाउंटर मामले का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि सोनिया गांधी की प्राथमिकताएँ राष्ट्रीय हितों के अनुरूप नहीं रही हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि गांधी-नेहरू परिवार 'विदेश टूलकिट' के तहत काम कर रहा है — हालाँकि इस दावे का कोई स्वतंत्र सत्यापन उपलब्ध नहीं है।
राहुल गांधी पर ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में निशाना
चुघ ने ऑपरेशन सिंदूर का संदर्भ देते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी हमला बोला। उनका आरोप था कि जब भारतीय सेना पाकिस्तान के विरुद्ध कार्रवाई कर रही थी, उस दौरान राहुल गांधी ने प्रेस नोट जारी किए जो पाकिस्तानी सेना के बयानों से मेल खाते थे। चुघ ने इसे 'बहुत दुर्भाग्यपूर्ण' बताया। यह आरोप भाजपा की ओर से पहले भी लगाए जा चुके हैं; कांग्रेस इन्हें राजनीति से प्रेरित बताती रही है।
झारखंड छात्र आंदोलन पर दोहरे मापदंड का आरोप
झारखंड में छात्रों पर कथित तौर पर लाठीचार्ज की घटनाओं का उल्लेख करते हुए चुघ ने कहा कि नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन को राजनीतिक रूप से 'हाइजेक' करने की कोशिश की गई, लेकिन प्रदर्शनकारी छात्रों ने इसे नकार दिया। उन्होंने तर्क दिया कि झारखंड में कांग्रेस की गठबंधन सरकार होने के कारण पार्टी वहाँ के छात्र आंदोलन पर चुप है — जबकि दिल्ली में वह छात्र आंदोलन को समर्थन देने का दिखावा करती है।
चुघ ने इसे कांग्रेस का 'दोहरा मापदंड' बताते हुए कहा कि यह रवैया देश पहले भी देख चुका है। कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राजनीतिक संदर्भ
यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब स्वतंत्रता दिवस के बाद राष्ट्रीय प्रतीकों को लेकर राजनीतिक तापमान बढ़ा हुआ है। गौरतलब है कि वंदे मातरम विवाद नया नहीं है — यह मुद्दा भाजपा और कांग्रेस के बीच वर्षों से राजनीतिक टकराव का केंद्र रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बयान चुनावी मौसम में राष्ट्रवाद की भावना को भुनाने की रणनीति का हिस्सा होते हैं।
झारखंड छात्र आंदोलन पर आगे की स्थिति और सरकार की प्रतिक्रिया आने वाले दिनों में इस विवाद की दिशा तय करेगी।