17 अगस्त 2026
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वंदे मातरम विवाद: भाजपा-जेडीयू का सोनिया गांधी पर हमला, राष्ट्रगीत अपमान का आरोप

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वंदे मातरम विवाद: भाजपा-जेडीयू का सोनिया गांधी पर हमला, राष्ट्रगीत अपमान का आरोप

सारांश

AICC मुख्यालय में 'वंदे मातरम' के दौरान सोनिया गांधी के कथित इशारे ने नया सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। भाजपा और जेडीयू ने इसे राष्ट्रगीत का अपमान बताते हुए कार्रवाई की माँग की — ऐसे वक्त में जब बिहार चुनाव की आहट है और राष्ट्रवाद का मुद्दा सियासी केंद्र में है।

मुख्य बातें

कथित तौर पर AICC मुख्यालय में 'वंदे मातरम' गाए जाने के दौरान सोनिया गांधी ने हाथ के इशारे से उसे रोकने की कोशिश की।
बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने इसे राष्ट्रगीत का अपमान बताया और कड़ी निंदा की।
बिहार मंत्री रामकृपाल यादव और भाजपा नेता आरपी सिंह ने सोनिया गांधी के खिलाफ कार्रवाई की माँग की।
जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि संसद द्वारा अनिवार्य किए गए राष्ट्रगीत का सम्मान सभी का दायित्व है।
केरल में भी 'वंदे मातरम' से जुड़ी एक अलग घटना इसी विवाद के साथ चर्चा में है।
कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या खंडन नहीं आया है।

कांग्रेस संसदीय दल (CPP) की अध्यक्ष सोनिया गांधी पर एनडीए नेताओं ने 17 अगस्त 2026 को तीखे आरोप लगाए — कि उन्होंने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) मुख्यालय में 'वंदे मातरम' गाए जाने के दौरान उसे रुकवाने का प्रयास किया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (यूनाइटेड) (JDU) दोनों ने इस घटना को राष्ट्रगीत का अपमान करार दिया और कांग्रेस नेतृत्व से जवाब माँगा।

मुख्य घटनाक्रम

कथित तौर पर AICC मुख्यालय में एक कार्यक्रम के दौरान जब 'वंदे मातरम' के शुरुआती दो पद गाए जा रहे थे, तब सोनिया गांधी ने हाथ के इशारे से उसे रोकने की कोशिश की। भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन के अनुसार, इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी मौजूद थे और राहुल गांधी स्पष्ट रूप से असहज दिखे। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब केरल में भी 'वंदे मातरम' से जुड़ी एक अलग घटना चर्चा में है।

भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया

बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा, 'केरल में जो घटना हुई और वंदे मातरम का जो अपमान किया गया, कांग्रेस मुख्यालय में शुरुआती दो पद गाए जाने के बाद जो दृश्य देखने को मिले — ऐसी घटनाओं की जितनी भी निंदा की जाए, कम है।' उन्होंने यह भी कहा कि वोट-बैंक की राजनीति के नाम पर राष्ट्रगीत का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा।

बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने हाथों से इशारा करके 'वंदे मातरम' को बीच में रोकने की कोशिश की। उन्होंने कहा, 'ऐसा लगा मानो वह वंदे मातरम सुनना बर्दाश्त नहीं कर पा रही थीं। जनता ने देख लिया है कि उनमें कितनी देशभक्ति है — यह निश्चित रूप से बहुत दुखद, शर्मनाक और पीड़ादायक है।'

भाजपा नेता आरपी सिंह ने कड़े शब्दों में कहा कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को समान सम्मान दिया जाता है, और जो भी इसकी अवहेलना करेगा उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। शाहनवाज हुसैन ने कहा, 'आजादी की लड़ाई में लोगों ने वंदे मातरम का नारा लगाते हुए फाँसी का फंदा चूमा था। आज कांग्रेस उसी राष्ट्रगीत का अपमान करने में लगी है।'

जेडीयू का रुख

जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन राष्ट्रगीत का सम्मान सभी को करना चाहिए। उन्होंने कहा, 'जब संसद के दोनों सदनों से कोई प्रस्ताव पारित हो जाता है और माननीय राष्ट्रपति की सहमति मिल जाती है, जिससे पूरे देश में उसे गाना अनिवार्य हो जाता है, तो हर किसी को इस कानून का सम्मान करना चाहिए। अगर कोई राजनीतिक पार्टी या नेता इससे अलग व्यवहार करता है, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है।'

व्यापक राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि 'वंदे मातरम' को लेकर विवाद नया नहीं है — यह गीत दशकों से राजनीतिक और धार्मिक संवेदनशीलता का विषय रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब 2026 के बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और राष्ट्रवाद का मुद्दा एनडीए की प्रमुख राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बना हुआ है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के विवादों का उपयोग चुनावी ध्रुवीकरण के लिए किया जाता है।

आगे क्या होगा

कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक खंडन या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। भाजपा नेताओं ने संकेत दिया है कि वे इस मुद्दे को आगामी दिनों में और तेज करेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह विवाद निकट भविष्य में संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह गूँजता रह सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या उसकी कोई और व्याख्या संभव है? मुख्यधारा की कवरेज ने कांग्रेस का पक्ष सुने बिना ही आरोपों को तथ्य की तरह पेश किया। जवाबदेही की दृष्टि से, जब तक कांग्रेस स्पष्टीकरण न दे और वीडियो साक्ष्य की स्वतंत्र पड़ताल न हो, तब तक इसे 'कथित' की श्रेणी में ही रखना पत्रकारीय ईमानदारी है।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वंदे मातरम विवाद में सोनिया गांधी पर क्या आरोप है?
एनडीए नेताओं का कथित आरोप है कि सोनिया गांधी ने AICC मुख्यालय में एक कार्यक्रम के दौरान 'वंदे मातरम' गाए जाने के बीच हाथ के इशारे से उसे रोकने की कोशिश की। भाजपा और जेडीयू ने इसे राष्ट्रगीत का अपमान करार दिया है।
भाजपा और जेडीयू ने इस विवाद पर क्या माँग की है?
भाजपा नेता आरपी सिंह ने सोनिया गांधी समेत उन सभी कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की माँग की है जिन्होंने कथित तौर पर राष्ट्रगीत की अवहेलना की। जेडीयू ने कहा कि संसद द्वारा अनिवार्य राष्ट्रगीत का सम्मान हर राजनीतिक दल का दायित्व है।
क्या कांग्रेस ने इन आरोपों का जवाब दिया है?
अभी तक कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक खंडन या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। यह विवाद फिलहाल एनडीए नेताओं के एकतरफा बयानों पर आधारित है।
केरल में वंदे मातरम से जुड़ी कौन-सी घटना चर्चा में है?
भाजपा नेताओं ने केरल में भी 'वंदे मातरम' से संबंधित एक अलग घटना का उल्लेख किया है, हालाँकि उसका विस्तृत विवरण अभी सामने नहीं आया है। दोनों घटनाओं को एनडीए नेता एक ही संदर्भ में जोड़ रहे हैं।
इस विवाद का राजनीतिक महत्व क्या है?
यह विवाद बिहार विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में उभरा है, जहाँ राष्ट्रवाद और देशभक्ति के मुद्दे एनडीए की प्रमुख चुनावी रणनीति का हिस्सा हैं। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के मुद्दों का उपयोग राजनीतिक ध्रुवीकरण के लिए किया जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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