20 अगस्त 2026
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वंदे मातरम विवाद: भाजपा नेताओं ने CWC के फैसले पर कांग्रेस को घेरा, तुष्टीकरण और देश तोड़ने का आरोप

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वंदे मातरम विवाद: भाजपा नेताओं ने CWC के फैसले पर कांग्रेस को घेरा, तुष्टीकरण और देश तोड़ने का आरोप

सारांश

कांग्रेस कार्य समिति के वंदे मातरम के केवल दो पद गाने के फैसले ने नया राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। भाजपा नेताओं ने इसे तुष्टीकरण और देश तोड़ने की सोच का प्रतीक बताया — और जिन्ना-युग की राजनीति से सीधा जोड़ा।

मुख्य बातें

भाजपा नेताओं ने 20 अगस्त को CWC के वंदे मातरम के केवल दो पद गाने के फैसले पर कांग्रेस की कड़ी आलोचना की।
पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने इसे 'सांप्रदायिक प्रयोग' और तुष्टीकरण की राजनीति बताया।
भोपाल के भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस की सोच को जिन्ना की सोच से जोड़ा और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
मध्य प्रदेश के मंत्री विश्वास सारंग ने नेहरू से सोनिया गांधी तक सभी कांग्रेस नेताओं को इस 'पाप' में शामिल बताया।
पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि कांग्रेस के दोहरे रवैये ने ही उसे आज की स्थिति तक पहुँचाया है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं ने 20 अगस्त को कांग्रेस कार्य समिति (CWC) के राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के केवल दो पद गाने के फैसले पर कड़ी आलोचना की। भाजपा नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस ने ऐतिहासिक रूप से तुष्टीकरण की राजनीति को प्राथमिकता दी है और यह निर्णय उसी सोच की अगली कड़ी है।

मुख्य आरोप और प्रतिक्रियाएँ

पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने CWC के इस फैसले को 'तुष्टीकरण का सांप्रदायिक प्रयोग' बताया। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस पार्टी की वंदे मातरम की आपराधिक अपमान की सनक संयोग नहीं, बल्कि सांप्रदायिक प्रयोग है। यह प्रयोग एक बार फिर से कांग्रेस पार्टी का बंटाधार करेगा।' नकवी ने यह भी कहा कि मोहम्मद अली जिन्ना जैसे नेताओं को खुश करने के लिए ऐतिहासिक रूप से राष्ट्रगीत के पद काटे गए थे, और कांग्रेस आज भी उसी रुख को 'जस्टिफाई' कर रही है।

भोपाल से विधायक की तीखी प्रतिक्रिया

भोपाल से भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस पर मुस्लिम लीग जैसी राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस से हमारी विनम्र अपील है कि वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और सोनिया गांधी यह समझें कि आपकी लड़ाई भारतीय जनता पार्टी से है — राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के खिलाफ नहीं।' शर्मा ने दावा किया कि उस समय भी कांग्रेस ने जिन्ना के दबाव में वंदे मातरम के केवल दो पैरा स्वीकार किए थे और शेष हटा दिए थे। उन्होंने यह भी कहा कि अब वंदे मातरम से संबंधित विधेयक पारित होकर कानून बन चुका है और राष्ट्रगीत के अपमान पर कानूनी कार्रवाई संभव है।

पूर्व सांसद और मध्य प्रदेश मंत्री की प्रतिक्रिया

पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, 'कांग्रेस वह सब कुछ करती है, जिससे देश के बहुसंख्यक लोगों की भावनाएं आहत हों। इसी दोहरे रवैये के कारण, सबसे बड़ी और पुरानी पार्टी होने के बावजूद, आज वह इस स्थिति में पहुंच गई है।' मध्य प्रदेश के मंत्री विश्वास सारंग ने भी तीखे शब्दों में कहा कि कांग्रेस ने 'देश को भी बांटा और वंदे मातरम को भी बांटा।' उन्होंने नेहरू से लेकर सोनिया गांधी तक कांग्रेस के सभी प्रमुख नेताओं पर इस 'पाप' में शामिल होने का आरोप लगाया।

ऐतिहासिक संदर्भ

गौरतलब है कि वंदे मातरम को लेकर भारत में दशकों से राजनीतिक विवाद रहा है। स्वतंत्रता पूर्व काल में भी इसके कुछ पदों पर आपत्तियाँ उठाई गई थीं, और इसी पृष्ठभूमि में राष्ट्रगीत के रूप में केवल प्रथम दो पद को मान्यता दी गई थी। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब देश में राष्ट्रीय प्रतीकों को लेकर राजनीतिक संवेदनशीलता बढ़ी हुई है।

आगे क्या

कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह विवाद आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है, खासकर राज्यों में चुनावी माहौल को देखते हुए।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठता है कि CWC के इस फैसले का ऐतिहासिक आधार क्या था और क्या उसे ठीक से संप्रेषित किया गया। आलोचकों का कहना है कि कांग्रेस ने एक ऐसे मुद्दे पर खुद को रक्षात्मक स्थिति में डाल लिया, जिसे वह आसानी से टाल सकती थी। यह विवाद दर्शाता है कि राष्ट्रीय प्रतीकों का राजनीतिकरण अब किस हद तक चुनावी एजेंडे का हिस्सा बन चुका है।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CWC ने वंदे मातरम के केवल दो पद गाने का फैसला क्यों किया?
कांग्रेस कार्य समिति (CWC) ने अपनी बैठक में राष्ट्रगीत वंदे मातरम के केवल प्रथम दो पद गाने का निर्णय लिया। इस फैसले के पीछे की आधिकारिक वजह सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन भाजपा ने इसे तुष्टीकरण की राजनीति करार दिया है।
भाजपा ने इस फैसले पर क्या आपत्ति जताई है?
भाजपा नेताओं ने इसे राष्ट्रगीत का अपमान और तुष्टीकरण की राजनीति बताया है। मुख्तार अब्बास नकवी ने इसे 'सांप्रदायिक प्रयोग' कहा, जबकि रामेश्वर शर्मा ने इसे जिन्ना-युग की सोच से जोड़ा।
वंदे मातरम को लेकर ऐतिहासिक विवाद क्या रहा है?
स्वतंत्रता पूर्व काल से ही वंदे मातरम के कुछ पदों पर आपत्तियाँ उठती रही हैं। इसी कारण राष्ट्रगीत के रूप में केवल प्रथम दो पदों को आधिकारिक मान्यता दी गई थी। भाजपा का आरोप है कि यह परंपरा जिन्ना के दबाव में अपनाई गई थी।
क्या वंदे मातरम के अपमान पर कोई कानून है?
भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा के अनुसार, वंदे मातरम से संबंधित एक विधेयक पारित होकर कानून बन चुका है, जिसके तहत राष्ट्रगीत के अपमान पर कानूनी कार्रवाई संभव है। हालाँकि, इस दावे का स्वतंत्र सत्यापन आवश्यक है।
इस विवाद में कांग्रेस की प्रतिक्रिया क्या है?
अभी तक कांग्रेस की ओर से भाजपा के इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आने वाले दिनों में और गहरा हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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