22 अगस्त 2026
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वंदे मातरम विवाद: कांग्रेस का आरोप — भाजपा महंगाई-बेरोजगारी से ध्यान भटकाने को राष्ट्रीय गीत को मुद्दा बना रही

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वंदे मातरम विवाद: कांग्रेस का आरोप — भाजपा महंगाई-बेरोजगारी से ध्यान भटकाने को राष्ट्रीय गीत को मुद्दा बना रही

सारांश

वंदे मातरम को लेकर छिड़ी राजनीतिक जंग में कांग्रेस ने भाजपा पर महंगाई और बेरोजगारी से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया, जबकि बिहार मंत्री श्रवण कुमार ने राष्ट्रीय गीत की आलोचना करने वालों पर कानूनी शिकंजे की माँग की — दोनों पक्षों के बीच तल्खी बढ़ रही है।

मुख्य बातें

22 अगस्त को वंदे मातरम विवाद पर राजनीतिक बयानबाजी तेज़ हुई।
कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कहा कि भाजपा महंगाई और बेरोजगारी से ध्यान भटकाने के लिए राष्ट्रीय गीत को मुद्दा बना रही है।
पुणे में कांग्रेस नेता माणिकराव ठाकरे ने कहा कि यह विवाद राजनीतिक कारणों से खड़ा किया जा रहा है।
बिहार मंत्री श्रवण कुमार ने राष्ट्रीय गीत की आलोचना करने वालों के खिलाफ कानून बनाने की माँग की।
दोनों पक्षों में वंदे मातरम की विरासत और उसके राजनीतिक उपयोग पर तीखी बहस जारी है।

नई दिल्ली, 22 अगस्तवंदे मातरम को लेकर देशभर में राजनीतिक तापमान तेज़ी से बढ़ा है। कांग्रेस नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर आरोप लगाया है कि वह राष्ट्रीय गीत को जानबूझकर विवाद का केंद्र बना रही है ताकि महंगाई और बेरोजगारी जैसे ज्वलंत मुद्दों से जनता का ध्यान हटाया जा सके। दूसरी ओर, बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने राष्ट्रीय गीत की आलोचना करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की माँग की है।

कांग्रेस की प्रतिक्रिया: 'हमारा गीत, हमारी विरासत'

नई दिल्ली में कांग्रेस नेता हरीश रावत ने स्पष्ट किया कि वंदे मातरम भारत के स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा है और कांग्रेस इससे कभी अलग नहीं हो सकती। उन्होंने कहा, 'यह गीत महात्मा गांधी के आशीर्वाद से गाया गया था, गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर और स्वतंत्रता सेनानियों ने इसे अपनी प्रेरणा बनाया था।' रावत ने भाजपा से पलटकर सवाल किया कि क्या वह खुद इस गीत से अलग होने की हिम्मत रखती है।

रावत ने यह भी कहा कि कांग्रेस की राजनीति जोड़ने की है, जबकि भाजपा विभाजन की राजनीति करती है। उनके अनुसार, जब देश की नई पीढ़ी रोजगार और महंगाई पर जवाब माँगती है, तब भावनात्मक मुद्दों को आगे कर जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश की जाती है।

पुणे से माणिकराव ठाकरे का सुर

पुणे में कांग्रेस नेता माणिकराव ठाकरे ने भी इस विवाद पर भाजपा को घेरा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उन्हीं गीतों और परंपराओं को आगे बढ़ा रही है जो महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू और डॉ. भीमराव अंबेडकर के दौर से राष्ट्रीय जीवन का हिस्सा रही हैं। ठाकरे के अनुसार, मौजूदा परिस्थितियाँ सरकार के खिलाफ हैं और इसीलिए ऐसे भावनात्मक विषयों को उठाया जा रहा है।

बिहार मंत्री की माँग: कानून बनाओ, कार्रवाई करो

वहीं, बिहार सरकार में मंत्री श्रवण कुमार ने इस पूरे विवाद पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति राष्ट्रीय गीत पर आपत्ति जताता है या उसकी आलोचना करता है, उसके मन में देश के प्रति सम्मान नहीं है। श्रवण कुमार ने माँग की कि ऐसे मामलों में कानून बनाकर कार्रवाई का प्रावधान किया जाए और राष्ट्रीय गीत के खिलाफ किसी भी टिप्पणी को गंभीरता से लिया जाए।

विवाद की पृष्ठभूमि और व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब देश में महंगाई और बेरोजगारी को लेकर युवाओं की बेचैनी सार्वजनिक विमर्श में केंद्रीय स्थान ले चुकी है। गौरतलब है कि वंदे मातरम को लेकर राजनीतिक दलों के बीच समय-समय पर तनाव उभरता रहा है — यह पहली बार नहीं है जब राष्ट्रीय प्रतीकों को राजनीतिक बहस के केंद्र में लाया गया हो। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के विवाद सत्ता पक्ष को जवाबदेही से बचने का मौका देते हैं, जबकि समर्थकों का तर्क है कि राष्ट्रीय गीत के सम्मान पर कोई समझौता नहीं होना चाहिए। आने वाले दिनों में यह बहस और तेज़ होने की संभावना है, खासकर जब विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ कई राज्यों में शुरू हो चुकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब भावनात्मक राष्ट्रवाद की आड़ में जवाबदेही की माँग को कमज़ोर करने की कोशिश होती है। दूसरी ओर, श्रवण कुमार की 'कानून बनाओ' की माँग भी एक राजनीतिक संदेश है, जो बिहार की अपनी चुनावी ज़मीन को ध्यान में रखकर दिया गया लगता है। असली सवाल यह है कि क्या कोई भी दल इस विवाद को वास्तविक नीतिगत बहस में बदलने की इच्छाशक्ति रखता है।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वंदे मातरम विवाद क्या है और यह अभी क्यों उठा?
वंदे मातरम को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज़ हुई है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा राष्ट्रीय गीत को मुद्दा बनाकर महंगाई और बेरोजगारी से जनता का ध्यान हटाना चाहती है।
हरीश रावत ने भाजपा पर क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कहा कि वंदे मातरम स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत है और कांग्रेस इससे कभी अलग नहीं हो सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा युवाओं के रोजगार और महंगाई के सवालों से ध्यान भटकाने के लिए इसे मुद्दा बना रही है।
बिहार मंत्री श्रवण कुमार ने क्या माँग की?
बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने माँग की कि राष्ट्रीय गीत की आलोचना या उस पर आपत्ति जताने वालों के विरुद्ध कानून बनाकर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया जाए। उनके अनुसार ऐसे लोगों के मन में देश के प्रति सम्मान नहीं है।
कांग्रेस और वंदे मातरम का ऐतिहासिक संबंध क्या है?
कांग्रेस नेताओं के अनुसार वंदे मातरम महात्मा गांधी, गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर और स्वतंत्रता सेनानियों से जुड़ा गीत है, जिसे कांग्रेस के अधिवेशनों में लंबे समय से गाने की परंपरा रही है। माणिकराव ठाकरे ने नेहरू और अंबेडकर के दौर से इस गीत के राष्ट्रीय महत्व का उल्लेख किया।
इस विवाद का आम जनता पर क्या असर पड़ सकता है?
आलोचकों का कहना है कि इस तरह के राजनीतिक विवाद महंगाई और बेरोजगारी जैसे असली मुद्दों को पीछे धकेल देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार चुनावी माहौल में राष्ट्रीय प्रतीकों पर बहस मतदाताओं की प्राथमिकताओं को प्रभावित कर सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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