ट्रंप का बड़ा ऐलान: पुतिन से 'बहुत जल्द' होगी बात, रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने की कोशिश तेज़
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 7 अक्टूबर 2026 को पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी फ़ोन कॉल 'बहुत जल्द' होने वाली है, और इस बातचीत के बाद वाशिंगटन से अधिक जानकारी सार्वजनिक की जा सकती है। ट्रंप ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए अभी बहुत गहरी कूटनीतिक चर्चा जारी है।
मरीन वन के बाहर क्या बोले ट्रंप
ट्रंप ने मरीन वन हेलिकॉप्टर से उतरने के तुरंत बाद पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने पुतिन से बात की है और अमेरिका का अगला कदम क्या होगा, तो ट्रंप ने कहा, 'मेरी एक कॉल तय है।' बातचीत का समय पूछे जाने पर उनका सीधा जवाब था — 'बहुत जल्द।'
जब एक पत्रकार ने यह जानना चाहा कि क्या यह कॉल इसी सप्ताह होगी और अमेरिकी खुफिया एजेंसियाँ रूस में हो रहे घटनाक्रम के बारे में क्या आकलन दे रही हैं, तो ट्रंप ने कहा, 'अभी तक, हम बहुत गहरी चर्चा में हैं। हम शायद कल इसके बारे में रिपोर्ट कर पाएंगे।'
स्पैरो पॉइंट में अलग बयान — युद्ध 'सबसे मुश्किल' निकला
सोमवार को मैरीलैंड के स्पैरो पॉइंट में अलग से बोलते हुए ट्रंप ने स्वीकार किया कि रूस-यूक्रेन संघर्ष शुरुआती अनुमान से कहीं अधिक जटिल साबित हुआ है। उन्होंने कहा, 'मैंने आठ युद्ध खत्म किए। हमने अभी तक रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म नहीं किया है। मैं उस पर काम कर रहा हूं। मुझे लगा था कि वह मेरे लिए सबसे आसान होगा, लेकिन वह भी बहुत जल्द होने वाला है।'
ट्रंप ने युद्ध में जारी जनहानि पर चिंता जताते हुए कहा, 'उस जंग में बहुत सारे लोग मारे जा रहे हैं, यह बेहद दुखद है। जो कुछ हो रहा है वह ठीक नहीं है, लेकिन यकीन मानिए, भले ही ऐसा न लग रहा हो, लेकिन हम इसके खत्म होने के करीब पहुंच रहे हैं।'
रूस की सैन्य ताकत पर ट्रंप का आकलन
ट्रंप ने रूस को पनडुब्बी विकास के क्षेत्र में दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी सैन्य शक्ति बताया, साथ ही अमेरिका की तकनीकी बढ़त का दावा किया। उन्होंने कहा, 'हमारे पास दुनिया में कहीं भी सबसे मजबूत सेना है। हमारे पास दुनिया में कहीं भी सबसे अच्छे सैन्य उपकरण हैं, और यह करीब भी नहीं है। रूस नंबर दो पर है, लेकिन पनडुब्बी विकास के मामले में हम उनसे 15 साल आगे हैं।'
कूटनीतिक पृष्ठभूमि और चुनौतियाँ
यह ऐसे समय में आया है जब यूक्रेन में रूसी सैन्य अभियान वाशिंगटन के समक्ष सबसे जटिल विदेश नीति चुनौतियों में से एक बना हुआ है। इस संघर्ष में मॉस्को के साथ अमेरिकी संबंध, यूरोपीय सहयोगियों से तालमेल और सुरक्षा प्रतिबद्धताएं सभी एक साथ दाँव पर हैं। गौरतलब है कि ट्रंप ने पदभार संभालने के बाद से पुतिन के साथ सीधे संवाद को प्राथमिकता दी है, हालाँकि आलोचकों का कहना है कि इस दृष्टिकोण से यूरोपीय सहयोगियों में बेचैनी बढ़ी है।
यूक्रेन संकट को लेकर ट्रंप-पुतिन बातचीत की संभावना अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक गलियारों में उम्मीद और संदेह दोनों पैदा कर रही है। आने वाले दिनों में इस कॉल का होना और उसके बाद वाशिंगटन की आधिकारिक प्रतिक्रिया तय करेगी कि युद्धविराम की दिशा में कोई ठोस प्रगति हो सकती है या नहीं।