11 अक्टूबर 2026
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ट्रंप का दावा: पुतिन यूक्रेन युद्ध खत्म करना चाहते हैं, जेलेंस्की ने गंवाए कई मौके

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ट्रंप का दावा: पुतिन यूक्रेन युद्ध खत्म करना चाहते हैं, जेलेंस्की ने गंवाए कई मौके

सारांश

ट्रंप ने पुतिन से टेलीफोन वार्ता के बाद दावा किया कि रूस युद्ध खत्म करने को तैयार है, लेकिन जेलेंस्की ने बार-बार मौके गँवाए। साथ ही रूसी डीज़ल निर्यात पर ट्रंप के फैसले ने अमेरिका-यूक्रेन के बीच मतभेद और गहरे कर दिए हैं।

मुख्य बातें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 11 अक्टूबर 2026 को दावा किया कि पुतिन यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए समझौते को तैयार हैं।
ट्रंप ने जेलेंस्की पर शांति वार्ता के 'कई मौके' गँवाने का आरोप लगाया और कहा कि दो साल पहले समझौता होता तो यूक्रेन बेहतर स्थिति में होता।
यह बयान पुतिन के साथ हुई टेलीफोन वार्ता के बाद आया, लेकिन किसी औपचारिक समझौते की घोषणा नहीं हुई।
क्रेमलिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव के अनुसार पुतिन ने शांति वार्ता पुनः शुरू करने की कोई स्पष्ट प्रतिबद्धता नहीं जताई।
रूसी डीज़ल निर्यात पर ट्रंप के फैसले की जेलेंस्की ने आलोचना की — आशंका है कि इससे रूस की सैन्य क्षमता मज़बूत होगी।
फरवरी 2022 में शुरू हुआ यूक्रेन युद्ध अपने चौथे वर्ष में है और कूटनीतिक समाधान अभी अनिश्चित बना हुआ है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 11 अक्टूबर 2026 को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए किसी समझौते पर पहुँचना चाहते हैं, जबकि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की पर उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने शांति वार्ता के कई अवसर गँवा दिए। ट्रंप की यह टिप्पणी शुक्रवार को पुतिन के साथ हुई उनकी टेलीफोन वार्ता के ठीक बाद सामने आई है।

ट्रंप का बयान और मुख्य आरोप

ट्रंप ने कहा, 'मुझे लगता है कि रूस समझौता करना चाहता है। इस मुद्दे पर कई बार बातचीत आगे-पीछे हुई है, लेकिन रूस समझौते के लिए तैयार है।' उन्होंने यह भी जोड़ा, 'राष्ट्रपति पुतिन वास्तव में किसी समाधान और समझौते तक पहुँचना चाहते हैं।' हालाँकि, यह ट्रंप की अपनी व्याख्या है — दोनों नेताओं के बीच हालिया वार्ता के बाद किसी औपचारिक समझौते की घोषणा नहीं हुई है।

ट्रंप ने दावा किया कि इस संघर्ष का समाधान 'कई बार' संभव हो सकता था, लेकिन जेलेंस्की ने हर बार समझौते से परहेज़ किया। उन्होंने कहा, 'अगर उन्होंने दो साल पहले समझौता कर लिया होता तो यह समझदारी भरा कदम होता — तब यूक्रेन कहीं बेहतर स्थिति में होता और उसे कहीं बेहतर शर्तें मिलतीं।'

डीज़ल निर्यात विवाद और अमेरिका-यूक्रेन मतभेद

ट्रंप ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि रूस अमेरिका और वैश्विक बाज़ारों को डीज़ल की आपूर्ति करेगा। उनका तर्क था कि यह कदम ईरान संघर्ष की वजह से पैदा हुई ईंधन की कमी और बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने में सहायक होगा।

इस निर्णय की जेलेंस्की ने कड़ी आलोचना की। उन्होंने चेतावनी दी कि ऊर्जा निर्यात से होने वाली अतिरिक्त कमाई रूस की सैन्य क्षमता को और मज़बूत करेगी तथा उसे युद्ध जारी रखने में मदद मिलेगी। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब वॉशिंगटन और कीव के बीच रूसी डीज़ल प्रतिबंधों में ढील को लेकर पहले से मतभेद बढ़े हुए हैं।

क्रेमलिन का रुख और ज़मीनी हकीकत

क्रेमलिन की ओर से भी संकेत मिले हैं कि शांति वार्ता का तत्काल पुनरारंभ अभी निश्चित नहीं है। पुतिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव के अनुसार, शुक्रवार की टेलीफोन वार्ता में रूसी राष्ट्रपति ने यूक्रेन के साथ शांति वार्ता फिर से शुरू करने की कोई स्पष्ट प्रतिबद्धता नहीं जताई। गौरतलब है कि फरवरी 2022 में शुरू हुआ यह युद्ध अब अपने चौथे वर्ष में प्रवेश कर चुका है।

ट्रंप ने रूस की सैन्य ताकत और संख्या बल का ज़िक्र करते हुए यह भी कहा कि यूक्रेन को अपनी वार्ता रणनीति पर नए सिरे से विचार करना चाहिए।

चुनाव न कराने पर जेलेंस्की की आलोचना

ट्रंप ने एक बार फिर यह आरोप दोहराया कि जेलेंस्की ने संघर्ष के दौरान राष्ट्रपति चुनाव नहीं कराए। उनका कहना था, 'मेरा मानना है कि उन्हें चुनाव कराना चाहिए था।' हालाँकि यूक्रेन का कहना है कि युद्धकाल में चुनाव आयोजित करना व्यावहारिक और कानूनी रूप से संभव नहीं है।

आगे की राह

ताज़ा घटनाक्रम यह दर्शाता है कि युद्ध समाप्त करने की शर्तों को लेकर वॉशिंगटन और कीव के बीच अब भी गहरे मतभेद बने हुए हैं। एक ओर ट्रंप प्रशासन मॉस्को के साथ कूटनीतिक संपर्क बढ़ा रहा है, वहीं दूसरी ओर वैश्विक ऊर्जा कीमतों को काबू में रखने की भी कोशिश जारी है। यूक्रेन युद्ध के कूटनीतिक समाधान की दिशा में अगले कुछ सप्ताह निर्णायक साबित हो सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि यूक्रेन की आर्थिक-सैन्य स्थिति को कमज़ोर करने का जोखिम उठाता है — यह विरोधाभास मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर नज़रअंदाज़ होता है। जेलेंस्की पर 'मौके गँवाने' का आरोप लगाना सुविधाजनक है, लेकिन यह नहीं बताया जाता कि 2022 की शुरुआती वार्ताएँ किन शर्तों पर टूटीं और उसमें किसकी भूमिका थी। असली सवाल यह है कि क्या वॉशिंगटन की मध्यस्थता वास्तव में निष्पक्ष है, या यह मॉस्को की शर्तों पर झुकाव का संकेत है।
RashtraPress
11 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने पुतिन और यूक्रेन युद्ध के बारे में क्या कहा?
ट्रंप ने 11 अक्टूबर 2026 को कहा कि पुतिन यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए समझौते को तैयार हैं, जबकि जेलेंस्की ने शांति वार्ता के कई अवसर गँवाए। यह बयान पुतिन के साथ उनकी टेलीफोन वार्ता के बाद आया, लेकिन किसी औपचारिक समझौते की घोषणा नहीं हुई।
क्या रूस वाकई यूक्रेन के साथ शांति वार्ता के लिए तैयार है?
क्रेमलिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव के अनुसार पुतिन ने शांति वार्ता पुनः शुरू करने की कोई स्पष्ट प्रतिबद्धता नहीं जताई। इसलिए ट्रंप का दावा उनकी अपनी व्याख्या है, जिसे रूस ने औपचारिक रूप से नहीं स्वीकारा है।
रूसी डीज़ल निर्यात विवाद क्या है और इसपर जेलेंस्की ने क्या कहा?
ट्रंप ने घोषणा की कि रूस अमेरिका और वैश्विक बाज़ारों को डीज़ल आपूर्ति करेगा, ताकि ईरान संघर्ष से पैदा हुई ईंधन कमी को दूर किया जा सके। जेलेंस्की ने इसकी आलोचना करते हुए चेतावनी दी कि इस कमाई से रूस की सैन्य ताकत और बढ़ेगी और युद्ध लंबा खिंचेगा।
ट्रंप ने जेलेंस्की पर चुनाव न कराने का आरोप क्यों लगाया?
ट्रंप ने कहा कि जेलेंस्की को संघर्ष के दौरान राष्ट्रपति चुनाव कराने चाहिए थे। यूक्रेन का पक्ष है कि युद्धकाल में चुनाव आयोजित करना व्यावहारिक और कानूनी रूप से संभव नहीं था।
यूक्रेन युद्ध में शांति की संभावना अभी कहाँ तक है?
फरवरी 2022 से जारी यह युद्ध अपने चौथे वर्ष में है और अभी तक कोई औपचारिक युद्धविराम या शांति समझौता नहीं हुआ है। वॉशिंगटन और कीव के बीच युद्ध समाप्त करने की शर्तों पर मतभेद बने हुए हैं, जिससे कूटनीतिक समाधान की राह जटिल बनी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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