ट्रंप का दावा: पुतिन यूक्रेन युद्ध खत्म करना चाहते हैं, जेलेंस्की ने गंवाए कई मौके
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 11 अक्टूबर 2026 को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए किसी समझौते पर पहुँचना चाहते हैं, जबकि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की पर उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने शांति वार्ता के कई अवसर गँवा दिए। ट्रंप की यह टिप्पणी शुक्रवार को पुतिन के साथ हुई उनकी टेलीफोन वार्ता के ठीक बाद सामने आई है।
ट्रंप का बयान और मुख्य आरोप
ट्रंप ने कहा, 'मुझे लगता है कि रूस समझौता करना चाहता है। इस मुद्दे पर कई बार बातचीत आगे-पीछे हुई है, लेकिन रूस समझौते के लिए तैयार है।' उन्होंने यह भी जोड़ा, 'राष्ट्रपति पुतिन वास्तव में किसी समाधान और समझौते तक पहुँचना चाहते हैं।' हालाँकि, यह ट्रंप की अपनी व्याख्या है — दोनों नेताओं के बीच हालिया वार्ता के बाद किसी औपचारिक समझौते की घोषणा नहीं हुई है।
ट्रंप ने दावा किया कि इस संघर्ष का समाधान 'कई बार' संभव हो सकता था, लेकिन जेलेंस्की ने हर बार समझौते से परहेज़ किया। उन्होंने कहा, 'अगर उन्होंने दो साल पहले समझौता कर लिया होता तो यह समझदारी भरा कदम होता — तब यूक्रेन कहीं बेहतर स्थिति में होता और उसे कहीं बेहतर शर्तें मिलतीं।'
डीज़ल निर्यात विवाद और अमेरिका-यूक्रेन मतभेद
ट्रंप ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि रूस अमेरिका और वैश्विक बाज़ारों को डीज़ल की आपूर्ति करेगा। उनका तर्क था कि यह कदम ईरान संघर्ष की वजह से पैदा हुई ईंधन की कमी और बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने में सहायक होगा।
इस निर्णय की जेलेंस्की ने कड़ी आलोचना की। उन्होंने चेतावनी दी कि ऊर्जा निर्यात से होने वाली अतिरिक्त कमाई रूस की सैन्य क्षमता को और मज़बूत करेगी तथा उसे युद्ध जारी रखने में मदद मिलेगी। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब वॉशिंगटन और कीव के बीच रूसी डीज़ल प्रतिबंधों में ढील को लेकर पहले से मतभेद बढ़े हुए हैं।
क्रेमलिन का रुख और ज़मीनी हकीकत
क्रेमलिन की ओर से भी संकेत मिले हैं कि शांति वार्ता का तत्काल पुनरारंभ अभी निश्चित नहीं है। पुतिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव के अनुसार, शुक्रवार की टेलीफोन वार्ता में रूसी राष्ट्रपति ने यूक्रेन के साथ शांति वार्ता फिर से शुरू करने की कोई स्पष्ट प्रतिबद्धता नहीं जताई। गौरतलब है कि फरवरी 2022 में शुरू हुआ यह युद्ध अब अपने चौथे वर्ष में प्रवेश कर चुका है।
ट्रंप ने रूस की सैन्य ताकत और संख्या बल का ज़िक्र करते हुए यह भी कहा कि यूक्रेन को अपनी वार्ता रणनीति पर नए सिरे से विचार करना चाहिए।
चुनाव न कराने पर जेलेंस्की की आलोचना
ट्रंप ने एक बार फिर यह आरोप दोहराया कि जेलेंस्की ने संघर्ष के दौरान राष्ट्रपति चुनाव नहीं कराए। उनका कहना था, 'मेरा मानना है कि उन्हें चुनाव कराना चाहिए था।' हालाँकि यूक्रेन का कहना है कि युद्धकाल में चुनाव आयोजित करना व्यावहारिक और कानूनी रूप से संभव नहीं है।
आगे की राह
ताज़ा घटनाक्रम यह दर्शाता है कि युद्ध समाप्त करने की शर्तों को लेकर वॉशिंगटन और कीव के बीच अब भी गहरे मतभेद बने हुए हैं। एक ओर ट्रंप प्रशासन मॉस्को के साथ कूटनीतिक संपर्क बढ़ा रहा है, वहीं दूसरी ओर वैश्विक ऊर्जा कीमतों को काबू में रखने की भी कोशिश जारी है। यूक्रेन युद्ध के कूटनीतिक समाधान की दिशा में अगले कुछ सप्ताह निर्णायक साबित हो सकते हैं।