ट्रंप ने पुतिन को दिया धन्यवाद, रूसी तेल समझौते का किया बचाव; जेलेंस्की की आलोचना को किया खारिज
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 10 अक्टूबर 2026 को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को अमेरिका को डीजल सप्लाई करने वाले एक बड़े ऊर्जा समझौते के लिए सार्वजनिक रूप से धन्यवाद दिया। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की तीखी आलोचना के बाद भी ट्रंप इस समझौते के पक्ष में अडिग रहे।
ट्रंप का बयान: 'बड़ी मात्रा में तेल आ रहा है'
व्हाइट हाउस में पत्रकारों को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा, 'मुझे लगता है कि आपने रूस के साथ हुए तेल समझौते के बारे में सुना होगा। यह बहुत बड़ा समझौता है। हमारे देश में भारी मात्रा में तेल आ रहा है। और मैं ईमानदारी से राष्ट्रपति पुतिन को धन्यवाद देना चाहता हूँ।' उन्होंने स्पष्ट किया कि आयात किया जा रहा ईंधन डीजल है, जिसकी अमेरिका को आवश्यकता है।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि इस समझौते के कारण ऊर्जा की कीमतों में गिरावट आ रही है — हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
जेलेंस्की की आलोचना और ट्रंप का जवाब
यह बयान उस समय सामने आया जब एक पत्रकार ने जेलेंस्की की प्रतिक्रिया का उल्लेख किया। रिपोर्टों के अनुसार, जेलेंस्की ने इस समझौते को लेकर ट्रंप को 'कमजोर' बताया था। ट्रंप ने इस आलोचना को दरकिनार करते हुए अमेरिका की ऊर्जा जरूरतों को प्राथमिकता बताया।
यह ऐसे समय में आया है जब रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच पश्चिमी देशों का एक बड़ा वर्ग मास्को पर आर्थिक दबाव बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में ट्रंप का यह रुख उनके यूरोपीय सहयोगियों से अलग नज़र आता है।
ईरान पर ट्रंप का कड़ा रुख
ईरान के मुद्दे पर ट्रंप ने अतिरिक्त अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की संभावना को खारिज नहीं किया। उन्होंने ईरान को आर्थिक और सैन्य रूप से कमजोर बताते हुए कहा, 'उनकी सेना हार चुकी है। उनके पास नौसेना नहीं है। उनके पास वायुसेना नहीं है।' ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान में महंगाई 300 प्रतिशत तक पहुँच गई है — इस आँकड़े को स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया जा सका है।
रियाद हमले और फोर्ट हूड मामले पर प्रतिक्रिया
सऊदी अरब की राजधानी रियाद के एक हवाई अड्डे पर कथित हमले के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने असंतोष जताया। उन्होंने कहा, 'यह अच्छी बात नहीं है। बिल्कुल अच्छी बात नहीं है। मैं इससे खुश नहीं हूँ।'
फोर्ट हूड गोलीकांड के दोषी की फाँसी और उसके संभावित लाइव प्रसारण पर पूछे गए सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा कि उनकी प्राथमिकता सजा का अमल में आना है। उन्होंने कहा, 'मुझे इस बात से ज़्यादा फर्क नहीं पड़ता कि उसे कैसे फाँसी दी जाती है। मेरा मानना है कि उसके लिए मौत की सजा बिल्कुल उचित है।' आलोचकों का कहना है कि इस तरह की फुटेज चरमपंथी प्रचार के लिए इस्तेमाल हो सकती है।
आगे क्या होगा
ट्रंप का यह रुख अमेरिकी विदेश नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव की ओर संकेत करता है — जहाँ ऊर्जा आपूर्ति को भू-राजनीतिक गठबंधनों के ऊपर रखा जा रहा है। रूस-अमेरिका ऊर्जा समझौते का असर वैश्विक तेल बाजार पर और यूक्रेन के साथ पश्चिमी एकजुटता पर पड़ेगा, इसे लेकर आने वाले दिनों में राजनयिक प्रतिक्रियाएँ सामने आ सकती हैं।