जेलेंस्की ने ट्रंप-पुतिन डीजल डील को बताया 'कमजोर फैसला', बोले — रूस को मिलेगी युद्ध के लिए ताकत
सारांश
मुख्य बातें
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने 10 अक्टूबर 2026 को अमेरिका और रूस के बीच हुए डीजल आपूर्ति समझौते की कड़ी आलोचना करते हुए इसे 'मजबूत साझेदारों का कमजोर फैसला' करार दिया। उनका कहना है कि इस समझौते से रूस को मिलने वाली अतिरिक्त आय सीधे यूक्रेन के खिलाफ जारी युद्ध को और लंबा खींचने में इस्तेमाल होगी। यह प्रतिक्रिया ऐसे वक्त आई जब यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल फ्लोरिडा में अमेरिकी दूतों के साथ शांति वार्ता कर रहा था।
समझौते का ब्यौरा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को अपने 'ट्रुथ सोशल' पोस्ट में घोषणा की कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ एक बड़े समझौते के तहत रूस तत्काल 3 लाख टन से अधिक डीजल अमेरिकी और वैश्विक बाजार में भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और उसके उपरांत 10 लाख टन अतिरिक्त डीजल की आपूर्ति की जाएगी। ट्रंप ने दावा किया कि इससे ईंधन की कीमतों में बड़ी गिरावट आएगी।
अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने रूसी डीजल निर्यात पर लगे कुछ प्रतिबंधों में अस्थायी राहत देने वाला लाइसेंस भी जारी किया है, जिससे इस आपूर्ति व्यवस्था को लागू करने में मदद मिलेगी।
जेलेंस्की की आपत्तियाँ
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट में जेलेंस्की ने लिखा, 'पुतिन को दिए गए तोहफे न तो शांति लाएंगे और न ही सभ्य दुनिया को कोई फायदा पहुंचाएंगे।' उनका तर्क था कि रूस को पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात से कमाई का मौका देना शांति की दिशा में कदम नहीं, बल्कि मॉस्को की सैन्य क्षमता को और मजबूत करना है।
जेलेंस्की ने आगे कहा, 'रूस को पेट्रोलियम उत्पाद बेचने की अनुमति देना उस युद्ध में निवेश करने जैसा है, जिसे खत्म किया जाना चाहिए, न कि लंबा खींचा जाना चाहिए।' उन्होंने यह भी कहा कि 'इसका मतलब है इस युद्ध के लिए ज्यादा पैसा, हमारे लोगों को और ज्यादा पीड़ा पहुंचाने के लिए ज्यादा पैसा।'
वार्ता के बीच घोषणा पर सवाल
जेलेंस्की ने घोषणा के समय को लेकर गंभीर चिंता जताई। यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल उसी समय फ्लोरिडा में अमेरिकी दूतों स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के साथ दो दिवसीय वार्ता में भाग ले रहा था, जिसमें ऊर्जा ढाँचे पर हमले रोकने के लिए युद्धविराम का प्रस्ताव भी शामिल था।
जेलेंस्की ने संकेत दिया कि फ्लोरिडा में चल रही यूक्रेन-अमेरिका वार्ता शायद वाशिंगटन और मॉस्को के बीच हुए इस समझौते के लिए 'ध्यान भटकाने वाले पर्दे' की तरह इस्तेमाल की जा रही हो। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने यह भी कहा कि एक तरफ यूक्रेनी और अमेरिकी अधिकारी शांति वार्ता कर रहे थे, वहीं ट्रंप उस व्यक्ति से सौदा कर रहे थे जिसे उन्होंने 'इस युद्ध का नेता' बताया।
व्यापक भू-राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब रूस-यूक्रेन युद्ध के तीसरे वर्ष में शांति प्रयासों की कोई ठोस रूपरेखा अभी तक सामने नहीं आई है। आलोचकों का कहना है कि रूसी डीजल पर प्रतिबंधों में ढील देना उन पश्चिमी देशों के उस सामूहिक दबाव को कमजोर करता है, जो रूस की युद्धक अर्थव्यवस्था पर अंकुश लगाने के लिए वर्षों से समन्वित प्रतिबंध लगाते आए हैं। यह सौदा, यदि लागू होता है, तो रूस को तब एक नई राजस्व धारा देगा जब उसकी ऊर्जा-निर्यात आय पर पश्चिमी मूल्य सीमाओं का दबाव बना हुआ है।
जेलेंस्की ने समझौते की अपनी आलोचना का सार इस एक वाक्य में रखा: 'यह सिर्फ पुतिन को फायदा पहुंचाता है और उसे और ज्यादा लड़ाई जारी रखने की ताकत देता है।' आने वाले दिनों में यूरोपीय सहयोगियों की प्रतिक्रिया और अमेरिकी कांग्रेस के भीतर उठने वाली आवाजें इस सौदे की वास्तविक दिशा तय कर सकती हैं।