ट्रंप का बड़ा बयान: यूक्रेन में राष्ट्रपति बदले, जेलेंस्की वैश्विक तेल संकट के लिए जिम्मेदार
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 11 अक्टूबर 2026 को यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यूक्रेन में अब राष्ट्रपति बदलने का समय आ गया है और दुनिया में डीजल संकट के लिए जेलेंस्की को जिम्मेदार ठहराया। यह बयान एंड्रयूज एयर फोर्स बेस, वॉशिंगटन पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान आया, जब ट्रंप टेनेसी दौरे से व्हाइट हाउस लौट रहे थे।
ट्रंप का सीधा बयान
रूसी समाचार एजेंसी टास के अनुसार, ट्रंप ने कहा, 'मुझे लगता है कि उन्हें चुनाव कराना चाहिए। वह इस मामले का कई बार समाधान निकाल सकते थे। उन्हें चुनाव कराना चाहिए।' इससे पहले शनिवार को भी ट्रंप यही कह चुके थे कि यूक्रेन में नेतृत्व परिवर्तन का वक्त आ गया है।
सीबीएस न्यूज के अनुसार, ट्रंप ने जेलेंस्की द्वारा रूस की डीजल रिफाइनरियों को निशाना बनाने पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, 'जेलेंस्की जो चाहे कर सकते हैं, लेकिन वह यह नहीं कर सकते, क्योंकि यह पूरी दुनिया की समस्या है।' ट्रंप ने आगे जोड़ा, 'मुझे लगता है कि अब यूक्रेन को नया राष्ट्रपति मिलना चाहिए।'
वैश्विक डीजल संकट और जेलेंस्की पर आरोप
ट्रंप ने कहा कि दुनिया इस समय डीजल ईंधन की रिफाइनिंग क्षमता की कमी जैसी गंभीर चुनौती का सामना कर रही है, और यह स्थिति पर्याप्त रिफाइनरियों की अनुपलब्धता के कारण बनी है। उनके अनुसार, सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के हवाले से, जेलेंस्की को यह सब तुरंत बंद कर देना चाहिए।
गौरतलब है कि यूक्रेन, युद्धकाल में रूस की आर्थिक और सैन्य क्षमता को कमजोर करने की रणनीति के तहत, रूसी ऊर्जा सुविधाओं और डीजल रिफाइनरियों पर हमले करता रहा है। कीव इसे अपनी वैध युद्ध-नीति का हिस्सा मानता है, लेकिन ट्रंप इसे वैश्विक ऊर्जा संकट की जड़ बता रहे हैं।
रूस के साथ ट्रंप की बढ़ती नजदीकियाँ
यह बयान ऐसे समय आया है जब ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ तीन लाख टन से अधिक डीजल की आपूर्ति को लेकर एक समझौता किया है। यह ऐसी परिस्थितियाँ पैदा करता है जहाँ अमेरिकी राष्ट्रपति एक तरफ रूस के साथ ऊर्जा-सौदा करते हैं और दूसरी तरफ यूक्रेन के निर्वाचित राष्ट्रपति पर हमलों को लेकर सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताते हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब नाटो सहयोगी देश यूक्रेन को समर्थन जारी रखे हुए हैं और अमेरिका की पश्चिमी साझेदारों के साथ कूटनीतिक स्थिति पर नई बहस छिड़ने की संभावना है।
जेलेंस्की के लिए नई मुश्किल
ट्रंप के रुख में यह बदलाव यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की के लिए कूटनीतिक रूप से असुविधाजनक स्थिति खड़ी करता है। यूक्रेन युद्ध के दौरान अमेरिका ही सबसे बड़ा सैन्य और आर्थिक सहायक रहा है, और ऐसे में जब वाशिंगटन से ही नेतृत्व परिवर्तन की माँग उठे, तो यह कीव पर दबाव का स्पष्ट संकेत है।
आलोचकों का कहना है कि ट्रंप का यह रुख अमेरिका की यूक्रेन-नीति में एक बड़े बदलाव का संकेत हो सकता है, जो आने वाले हफ्तों में यूरोपीय कूटनीति को भी प्रभावित कर सकता है।
आगे क्या
यूक्रेन में मौजूदा कानूनी स्थिति के अनुसार, युद्धकाल में चुनाव कराना संभव नहीं है — यूक्रेनी संविधान में मार्शल लॉ के दौरान चुनावों पर प्रतिबंध है। ऐसे में ट्रंप की माँग को अंतरराष्ट्रीय कानून विशेषज्ञ व्यावहारिक रूप से जटिल मानते हैं। यह देखना अहम होगा कि यूरोपीय नेता और नाटो इस पर किस तरह प्रतिक्रिया देते हैं।