ट्रंप का जेलेंस्की पर बड़ा हमला: 'मेरी बात मानते तो लाखों जिंदगियाँ बचतीं, बातचीत किसी और को करनी चाहिए'
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 20 अक्टूबर 2026 को यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अगर जेलेंस्की ने उनकी सलाह मानी होती, तो लाखों लोग आज जिंदा होते और यह युद्ध कब का समाप्त हो चुका होता। ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि जेलेंस्की इस संघर्ष को खत्म करने के इच्छुक नहीं हैं, और सुझाव दिया कि यूक्रेन की ओर से शांति-वार्ता की बागडोर किसी अन्य व्यक्ति को सौंपी जानी चाहिए।
ट्रंप के बयान का सार
ट्रंप प्रशासन के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट रैपिड रिस्पॉन्स 47 ने मंगलवार को उनकी बातचीत की एक वीडियो क्लिप साझा की। इसमें ट्रंप को यह कहते सुना गया: 'जेलेंस्की ऐसे व्यक्ति हैं जिन्हें यह युद्ध बहुत पहले ही खत्म कर लेना चाहिए था। अगर उन्होंने मेरी बात मानी होती, तो वह काफी पहले एक बेहतर समझौता कर सकते थे और लाखों लोगों की जिंदगी बच सकती थी। मुझे लगता है कि अब समय आ गया है कि यूक्रेन की ओर से बातचीत करने के लिए कोई और व्यक्ति आगे आए।'
ट्रंप ने आगे कहा, 'मैं रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध रुकवाने का समर्थन करता हूँ। सच कहूँ तो, जेलेंस्की हालात को बेहतर बनाने में ज्यादा मदद नहीं कर रहे हैं। मुझे लगता है कि वह इस युद्ध को खत्म नहीं करना चाहते। मैं बस यह देखना चाहता हूँ कि लोग मरना बंद करें।'
ट्रुथ सोशल पर ट्रंप का संदेश
एक दिन पहले ट्रंप ने कहा था कि उनकी सरकार युद्ध को खत्म करने के लिए बातचीत में प्रगति कर रही है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'मैं रूस-यूक्रेन युद्ध में शांति स्थापित करने के लिए बातचीत कर रहा हूँ और ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहता जो रूस को बेवजह बातचीत से दूर कर दे।' ट्रंप के अनुसार, अगर इस समय रूस पर नए आर्थिक दबाव डाले गए, तो वह बातचीत की मेज छोड़ सकता है — एक ऐसी स्थिति जिससे ट्रंप बचना चाहते हैं।
जेलेंस्की की पलटवार और यूक्रेन की अपील
दूसरी ओर, जेलेंस्की बार-बार अमेरिका से रूस पर दबाव बढ़ाने की अपील कर रहे हैं। यूक्रेन में रूसी हमले लगातार जारी हैं और जेलेंस्की का कहना है कि लोगों की जान बचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जेलेंस्की ने कहा, 'हम अमेरिका से मजबूती दिखाने और लिंडसे ग्राहम के प्रस्तावित कानून को लागू करने की अपील करते हैं। हम यूरोप से भी अपना समर्थन जारी रखने का अनुरोध करते हैं।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक रूस यह 'बेवकूफी भरा और विनाशकारी युद्ध' जारी रखता है, तब तक उसके साथ व्यापारिक संबंधों की बात नहीं हो सकती और रूस पर लगाए गए प्रतिबंध तब तक बने रहने चाहिए जब तक हत्याएं जारी हैं।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब रूस-यूक्रेन युद्ध को ढाई साल से अधिक हो चुके हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय में थकान बढ़ रही है। ट्रंप का जेलेंस्की पर यह सार्वजनिक दबाव वाशिंगटन-कीव संबंधों में एक नई दरार का संकेत देता है। गौरतलब है कि ट्रंप ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान यह दावा किया था कि वे '24 घंटे में' यह युद्ध समाप्त करा देंगे — वह वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ है। आने वाले हफ्तों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या ट्रंप वास्तव में यूक्रेन की वार्ता-टीम में बदलाव के लिए दबाव बनाते हैं।