ट्रंप का दावा: पुतिन जेलेंस्की से ज़्यादा शांति के इच्छुक, ऊर्जा युद्धविराम पर बड़ा बयान
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 13 अक्टूबर 2026 को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए दावा किया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की तुलना में शांति समझौते के लिए कहीं अधिक तैयार नज़र आते हैं। यह बयान ऐसे समय आया जब रूस पर प्रस्तावित ऊर्जा युद्धविराम के उल्लंघन के आरोप लग रहे हैं।
ट्रंप का मुख्य बयान
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा, 'मुझे लगता है कि वास्तव में पुतिन, जेलेंस्की से ज़्यादा समझौता करना चाहते हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देश युद्धविराम की पहल का समर्थन करते हैं, हालाँकि एक पत्रकार ने उन्हें याद दिलाया कि पुतिन ने सार्वजनिक रूप से इसकी स्पष्ट सहमति नहीं दी है।
ट्रंप ने आगे कहा, 'मुझे लगता है कि दोनों इसका समर्थन करते हैं। वे समझौता करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें नहीं पता कि यह कैसे करना है। हम उन्हें समझौता करने के लिए तैयार कर लेंगे।'
जेलेंस्की की सहमति पर ज़ोर
जब ट्रंप से पूछा गया कि वे पुतिन को प्रस्तावित युद्धविराम का पालन करने के लिए कैसे मनाएंगे, तो उन्होंने पहले जेलेंस्की की सहमति को अनिवार्य बताया। ट्रंप ने कहा, 'मुझे लगता है कि पुतिन समझौता करना चाहते हैं और हमें जेलेंस्की को भी इसके लिए तैयार करना होगा।' गौरतलब है कि ट्रंप ने किसी औपचारिक समझौते का ब्यौरा नहीं दिया और यह भी स्पष्ट नहीं किया कि प्रस्तावित व्यवस्था की निगरानी और क्रियान्वयन कैसे होगा।
युद्धविराम उल्लंघन पर प्रतिक्रिया
रात भर रूस द्वारा यूक्रेन पर हमले कर युद्धविराम तोड़ने की खबरों पर ट्रंप ने कहा कि उन्हें पहले पूरी स्थिति देखनी होगी। उन्होंने कहा, 'मुझे इसकी पूरी जानकारी नहीं है, हम इस पर नज़र डालेंगे।' इसके साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि युद्धविराम उल्लंघन के लिए केवल रूस को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता — 'दोनों पक्षों की ओर से उल्लंघन हुए हैं।'
जान-माल के नुकसान का हवाला
ट्रंप ने युद्ध में हो रहे जान-माल के नुकसान का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि 'सिर्फ इस महीने इस युद्ध में 32,000 लोगों की जान गई है और यह बेहद दुखद है।' ट्रंप के अनुसार मरने वालों में अधिकांश युवा सैनिक हैं। हालाँकि उन्होंने इस आँकड़े का कोई स्रोत नहीं बताया और इसकी स्वतंत्र पुष्टि संभव नहीं हो सकी। यह ऐसे समय में आया है जब रूस-यूक्रेन युद्ध के तीसरे वर्ष में भी कूटनीतिक समाधान की राह अस्पष्ट बनी हुई है।
आगे की संभावनाएँ
जब ट्रंप से पूछा गया कि जेलेंस्की के ऊर्जा युद्धविराम का समर्थन करने की खबरों के बाद वे पुतिन को क्या संदेश देना चाहेंगे, तो उन्होंने कहा, 'देखते हैं क्या होता है। हम यह समझौता करवा लेंगे।' ट्रंप प्रशासन की यह सक्रियता संकेत देती है कि वाशिंगटन रूस-यूक्रेन वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका को आगे बढ़ाने का इरादा रखता है, भले ही ज़मीन पर संघर्ष जारी हो।