वंदे मातरम विवाद: भाजपा नेता गौरव वल्लभ का कांग्रेस पर प्रहार — 'राष्ट्रीय गीत नहीं, पारिवारिक गीत की परंपरा'
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 22 अगस्त — वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस के रुख और रांची में छात्रों के प्रदर्शन के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता गौरव वल्लभ ने बुधवार को कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर कड़ा हमला बोला। वल्लभ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस में राष्ट्रीय गीत की नहीं, बल्कि एक परिवार की स्तुति करने वाले 'पारिवारिक गीत' की परंपरा है।
मुख्य आरोप: तुष्टिकरण के लिए राष्ट्रीय गीत की अनदेखी
गौरव वल्लभ ने कहा कि कांग्रेस का यह रवैया बेतुका है कि वंदे मातरम के केवल दो छंद गाए जाएंगे, शेष नहीं। उन्होंने कहा, 'सिर्फ इसलिए कि आपकी तुष्टिकरण की राजनीति खराब हो जाती है — इसी कारण आजादी के बाद लगभग 60 वर्षों तक भारत के राष्ट्रीय गीत को तिरस्कृत किया गया।' उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस में पार्टी की बागडोर केवल एक ही परिवार में जन्मे लोगों को दी जाती है और उन्हें राष्ट्रहित से कोई सरोकार नहीं है।
राहुल गांधी पर अराजकता फैलाने का आरोप
वल्लभ ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे विशेष विषयों और शहरों में जाकर अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं और कथित तौर पर पैसे देकर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को बुलाकर माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब रांची में परीक्षा दर परीक्षा निरस्त हो रही है और एक पूरी पीढ़ी का भविष्य अंधेरे में धकेला जा रहा है, तो राहुल गांधी वहाँ के छात्रों की आवाज़ क्यों नहीं सुनते।
छात्रों के मुद्दे पर राहुल गांधी को चुनौती
भाजपा नेता ने कहा कि राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष के रूप में रांची के छात्रों की समस्याएँ भी सुनें। उन्होंने चेतावनी दी कि छात्रों के कंधे पर बैठकर राजनीतिक हित साधने का जो षड्यंत्र रचा जा रहा है, वह देश की जनता और छात्र दोनों भलीभाँति समझ रहे हैं। उनके अनुसार, राहुल गांधी की विश्वसनीयता तभी सिद्ध होगी जब वे रांची में सत्तारूढ़ सरकार से भी जवाब माँगेंगे।
केजरीवाल पर भी निशाना: गुरप्रीत कौर पर रिश्वत के आरोप
वल्लभ ने आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल को भी घेरा। उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी गुरप्रीत कौर पर एक दुष्कर्म के आरोपी को बचाने के लिए ₹5 करोड़ की रिश्वत माँगने का आरोप लगा है। उन्होंने पूछा कि जो केजरीवाल हर मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से बयान देते हैं, वे इस मामले में चुप क्यों हैं। उन्होंने कहा, 'परिस्थिति देखकर चयनात्मक बयानबाज़ी करना राजनीति नहीं होती।' यह आरोप कथित तौर पर लगाया गया है और अभी तक न्यायिक या जाँच एजेंसियों द्वारा सत्यापित नहीं हुआ है।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब वंदे मातरम को लेकर देशभर में राजनीतिक बहस तेज़ हो रही है और रांची में छात्र आंदोलन एक अलग राजनीतिक रंग ले रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सभी दलों की प्रतिक्रियाएँ और तेज़ होने की संभावना है।