जीशान अंसारी की 6 साल बाद उत्तर प्रदेश रणजी ट्रॉफी टीम में वापसी, इंडिया ए में भी मिली जगह
सारांश
मुख्य बातें
लेग-स्पिनर जीशान अंसारी 6 साल के लंबे अंतराल के बाद उत्तर प्रदेश की रणजी ट्रॉफी टीम में वापसी करने जा रहे हैं। 26 वर्षीय इस खिलाड़ी ने 2020 के बाद उत्तर प्रदेश के लिए कोई रणजी ट्रॉफी मैच नहीं खेला था, लेकिन घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन की बदौलत चयनकर्ताओं ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है। टीम की आधिकारिक घोषणा जल्द की जाएगी।
टीम की संरचना
करण शर्मा की कप्तानी में घोषित होने वाली उत्तर प्रदेश रणजी टीम में रिंकू सिंह, आराध्य यादव, विकेटकीपर आर्यन जुयाल, माधव कौशिक, आदर्श सिंह, सिद्धार्थ यादव, प्रशांतवीर, कार्तिक यादव, जीशान अंसारी, वंश चौधरी, यश दयाल, कुणाल त्यागी, प्रियम गर्ग, अभिनंदन सिंह और कार्तिक त्यागी शामिल हैं। अभिषेक गोस्वामी और चिकारा को स्टैंड-बाय खिलाड़ियों के रूप में चुना गया है।
अंसारी का संघर्षपूर्ण करियर
अंसारी का सफर किसी प्रेरणादायक कहानी से कम नहीं है। 6 अक्टूबर 2017 को रेलवे के खिलाफ उत्तर प्रदेश के लिए फर्स्ट-क्लास डेब्यू के बाद उनका करियर धीमा पड़ गया था। गौरतलब है कि वह ऋषभ पंत और ईशान किशन के साथ अंडर-19 विश्व कप 2016 में भारतीय टीम का हिस्सा थे। राज्य स्तर पर सीमित मौके मिलने से उनकी प्रगति अवरुद्ध होती रही और उन्हें दूसरे रास्ते तलाशने पड़े।
लखनऊ में स्थानीय टूर्नामेंटों के अलावा, अंसारी ने कोलकाता में लीग क्रिकेट खेला और उत्तर प्रदेश के ड्रेसिंग रूम में नेट बॉलर के तौर पर मेहनत करते रहे। 2025 की शुरुआत तक राज्य टीम के करीब रहने के बावजूद मैदान पर उतरने के मौके बेहद सीमित रहे।
विजय हजारे ट्रॉफी — करियर का टर्निंग पॉइंट
अंसारी को असली सफलता विजय हजारे ट्रॉफी में मिली, जहाँ उन्होंने 8 मैचों में महज 16.52 की औसत से 21 विकेट लेकर उत्तर प्रदेश के सबसे प्रभावशाली गेंदबाजों में से एक का दर्जा हासिल किया। लेग-ब्रेक और गुगली की घातक मिश्रण शैली के चलते वे पिच धीमी होने पर और भी खतरनाक हो जाते हैं। यह उनके करियर का पहला घरेलू 50 ओवर का टूर्नामेंट था, जो इस बात को और खास बनाता है।
इस प्रदर्शन ने न केवल उत्तर प्रदेश में उनकी वापसी की राह बनाई, बल्कि राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान भी खींचा। इसके परिणामस्वरूप उन्हें इस महीने के अंत में श्रीलंका ए के खिलाफ दो अनौपचारिक टेस्ट मैचों के लिए इंडिया ए टीम में शामिल किया गया।
रेड-बॉल क्रिकेट में चुनौती
अंसारी के पास अब तक 5 फर्स्ट-क्लास मैचों का अनुभव है, जिनमें उन्होंने 17 विकेट लिए हैं और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 3/33 त्रिपुरा के खिलाफ रहा है। व्हाइट-बॉल क्रिकेट में जहाँ उन्होंने अपनी पहचान बनाई, वहीं रेड-बॉल फॉर्मेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना उनके सामने अगली बड़ी परीक्षा होगी। उनकी गेंद को दोनों दिशाओं में स्पिन कराने की क्षमता और आक्रामक रिस्ट-स्पिन शैली उत्तर प्रदेश को एक अलग किस्म का विकल्प देती है।
आगे क्या
रणजी ट्रॉफी में वापसी के साथ अंसारी उसी टीम के लिए खेलेंगे जिसके लिए उन्होंने 6 अक्टूबर 2017 को अपना फर्स्ट-क्लास करियर शुरू किया था। 2016 के अंडर-19 विश्व कप के संभावित खिलाड़ी से लेकर नेट बॉलर और फिर इंडिया ए तक — यह सफर इस बात का प्रमाण है कि घरेलू क्रिकेट में निरंतर संघर्ष और समर्पण आखिरकार मुकाम तक पहुँचाता है।