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नमन ओझा: रणजी ट्रॉफी में 351 शिकार का रिकॉर्ड, फिर भी इंटरनेशनल क्रिकेट में मौके रहे कम

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नमन ओझा: रणजी ट्रॉफी में 351 शिकार का रिकॉर्ड, फिर भी इंटरनेशनल क्रिकेट में मौके रहे कम

सारांश

रणजी ट्रॉफी में 351 शिकार का अटूट रिकॉर्ड, 146 प्रथम श्रेणी मैच और 9,753 रन — फिर भी नमन ओझा को भारतीय टीम में केवल 4 मैच मिले। घरेलू क्रिकेट की यह कहानी बताती है कि प्रतिभा और अवसर हमेशा साथ नहीं चलते।

मुख्य बातें

नमन ओझा का जन्म 20 जुलाई, 1983 को उज्जैन, मध्य प्रदेश में हुआ।
उन्होंने रणजी ट्रॉफी में विकेटकीपर के रूप में 351 शिकार किए — यह एक रिकॉर्ड है।
146 प्रथम श्रेणी मैचों में 9,753 रन , 22 शतक और 55 अर्धशतक ।
भारत के लिए केवल 1 वनडे, 2 टी20 और 1 टेस्ट — तीनों फॉर्मेट में कुल 69 रन ।
साल 2021 में क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास।
देबाशीष मोहंती ( जन्म: 20 जुलाई, 1976 ) ने 1999 विश्व कप में 6 मैचों में 10 विकेट लिए; 45 वनडे में 57 विकेट ।

रणजी ट्रॉफी के इतिहास में विकेटकीपर के रूप में सर्वाधिक शिकार करने वाले नमन ओझा घरेलू क्रिकेट के सबसे चमकदार नामों में से एक हैं। मध्य प्रदेश की तरफ से खेलते हुए उन्होंने जो रिकॉर्ड बनाए, वे आज भी अटूट हैं — लेकिन भारतीय टीम की जर्सी में उन्हें अपनी प्रतिभा साबित करने के लिए पर्याप्त अवसर नहीं मिले।

शुरुआती जीवन और घरेलू करियर की नींव

नमन ओझा का जन्म 20 जुलाई, 1983 को मध्य प्रदेश के उज्जैन में हुआ। बचपन से क्रिकेट के प्रति गहरी रुचि ने उन्हें इस खेल को पेशेवर रूप से अपनाने के लिए प्रेरित किया। साल 2000 में घरेलू क्रिकेट में कदम रखते ही उन्होंने अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

रिकॉर्ड तोड़ घरेलू प्रदर्शन

मध्य प्रदेश की ओर से खेलते हुए नमन ने 146 प्रथम श्रेणी मैचों में 9,753 रन बनाए, जिसमें 22 शतक, 55 अर्धशतक और एक दोहरा शतक शामिल हैं। बतौर विकेटकीपर उन्होंने घरेलू क्रिकेट में 351 शिकार किए — यह रणजी ट्रॉफी के इतिहास में एक विकेटकीपर द्वारा सर्वाधिक शिकार का रिकॉर्ड है। गौरतलब है कि यह उपलब्धि उन्हें भारतीय घरेलू क्रिकेट के सबसे सफल विकेटकीपर बल्लेबाजों की श्रेणी में स्थापित करती है।

इंटरनेशनल करियर: अवसर कम, प्रदर्शन सीमित

लगातार शानदार घरेलू प्रदर्शन के बाद नमन को 5 जून, 2010 को श्रीलंका के खिलाफ वनडे मैच में भारतीय टीम में डेब्यू का मौका मिला। उन्होंने भारत के लिए कुल एक वनडे, दो टी20 और एक टेस्ट मैच खेला। तीनों फॉर्मेट मिलाकर उन्होंने केवल 69 रन बनाए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई अर्धशतक या शतक नहीं जड़ सके। यह ऐसे समय में आया जब भारतीय विकेटकीपिंग की भूमिका के लिए प्रतिस्पर्धा बेहद कड़ी थी। साल 2021 में नमन ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा की।

देबाशीष मोहंती: ओडिशा का पहला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर

20 जुलाई, 1976 को जन्मे देबाशीष मोहंती ओडिशा की ओर से भारतीय टीम में जगह बनाने वाले पहले क्रिकेटर थे। मध्यम गति के इस तेज गेंदबाज ने अपने करियर के शुरुआती वर्षों में स्विंग गेंदबाजी से बल्लेबाजों को खूब परेशान किया। 1999 विश्व कप में इंग्लैंड की परिस्थितियों में वे बेहद प्रभावी रहे और 6 मुकाबलों में 10 विकेट चटकाए। जवागल श्रीनाथ के साथ उनकी जोड़ी ने भारत को कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में जीत दिलाई।

मोहंती का करियर: प्रतिभा और गुमनामी के बीच

देबाशीष ने भारत के लिए कुल 45 वनडे मैच खेले और 57 विकेट लिए। 2 टेस्ट मैचों में उन्होंने 4 विकेट हासिल किए। एक समय उन्हें टेस्ट क्रिकेट का उभरता सितारा माना जा रहा था, लेकिन गति में कमी और जहीर खान तथा आशीष नेहरा जैसे युवा गेंदबाजों के उदय ने उनकी राह रोक दी। साल 2001 में उन्होंने भारतीय जर्सी में अपना अंतिम मैच खेला — इस तरह उनका अंतरराष्ट्रीय करियर महज 4 वर्षों में सिमट गया। दोनों तरफ गेंद को स्विंग कराने की काबिलियत रखने वाले मोहंती का इस तरह छोटा करियर भारतीय क्रिकेट की उन अनकही कहानियों में से एक है जहाँ प्रतिभा और अवसर का तालमेल नहीं बैठ सका।

संपादकीय दृष्टिकोण

753 रन का रिकॉर्ड किसी भी चयन समिति को प्रभावित करने के लिए पर्याप्त होना चाहिए था, लेकिन महेंद्र सिंह धोनी के दबदबे के युग में किसी विकेटकीपर के लिए राष्ट्रीय टीम में टिकना लगभग असंभव था। देबाशीष मोहंती का मामला भी इसी श्रेणी में आता है — 1999 विश्व कप की चमक के बावजूद महज 4 साल में करियर का अंत। ये दोनों कहानियाँ बताती हैं कि भारतीय क्रिकेट की गहराई जितनी ताकत है, उतनी ही यह असंख्य प्रतिभाओं को हाशिये पर धकेलने का कारण भी बनती है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नमन ओझा का रणजी ट्रॉफी में क्या रिकॉर्ड है?
नमन ओझा ने रणजी ट्रॉफी में विकेटकीपर के रूप में 351 शिकार किए, जो इस प्रतियोगिता के इतिहास में किसी विकेटकीपर द्वारा सर्वाधिक है। उन्होंने मध्य प्रदेश की ओर से 146 प्रथम श्रेणी मैचों में 9,753 रन भी बनाए।
नमन ओझा ने भारत के लिए कितने अंतरराष्ट्रीय मैच खेले?
नमन ओझा ने भारत के लिए कुल 4 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले — 1 वनडे, 2 टी20 और 1 टेस्ट। तीनों फॉर्मेट मिलाकर उन्होंने 69 रन बनाए और कोई अर्धशतक या शतक नहीं जड़ सके।
नमन ओझा ने क्रिकेट से संन्यास कब लिया?
नमन ओझा ने साल 2021 में क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा की। उनका घरेलू करियर साल 2000 में शुरू हुआ था।
देबाशीष मोहंती कौन हैं और उनका क्रिकेट करियर कैसा रहा?
देबाशीष मोहंती ओडिशा से भारतीय टीम में जगह बनाने वाले पहले क्रिकेटर थे, जिनका जन्म 20 जुलाई, 1976 को हुआ। उन्होंने 45 वनडे में 57 विकेट और 2 टेस्ट में 4 विकेट लिए; 1999 विश्व कप में 6 मैचों में 10 विकेट उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि रही। साल 2001 में उन्होंने भारत के लिए अपना अंतिम मैच खेला।
देबाशीष मोहंती का अंतरराष्ट्रीय करियर क्यों छोटा रहा?
गति में कमी और जहीर खान तथा आशीष नेहरा जैसे युवा गेंदबाजों के उदय ने देबाशीष मोहंती को भारतीय टीम से बाहर कर दिया। उनका अंतरराष्ट्रीय करियर महज 4 वर्षों में सिमट गया, जबकि एक समय उन्हें टेस्ट क्रिकेट का उभरता सितारा माना जाता था।
राष्ट्र प्रेस
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