25 अगस्त 2026
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वंदे मातरम पर BJP नेता रोहन गुप्ता का कांग्रेस पर हमला: 'डिवाइड एंड रूल' अपनाने का आरोप

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वंदे मातरम पर BJP नेता रोहन गुप्ता का कांग्रेस पर हमला: 'डिवाइड एंड रूल' अपनाने का आरोप

सारांश

BJP नेता रोहन गुप्ता ने जयपुर में कांग्रेस पर एक साथ कई मोर्चे खोले — 'वंदे मातरम' के छह छंद न गाने से लेकर राहुल गांधी के पुणे कार्यक्रम को 'दिखावा' बताने तक। उनका आरोप है कि कांग्रेस ने अंग्रेजों की 'डिवाइड एंड रूल' नीति को अपना हथियार बना लिया है।

मुख्य बातें

BJP नेता रोहन गुप्ता ने 25 अगस्त को जयपुर में कांग्रेस पर 'डिवाइड एंड रूल' नीति अपनाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि 'वंदे मातरम' के छह छंद न गाना कांग्रेस की तुष्टीकरण मानसिकता को उजागर करता है।
राहुल गांधी के पुणे में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को गुप्ता ने केवल 'पीआर एक्टिविटी' और दिखावा बताया।
गुप्ता ने सवाल उठाया कि कांग्रेस ट्रिपल तलाक कानून के विरोध में क्यों खड़ी हुई, जबकि वह महिला अधिकारों की दावेदार है।
उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर सनातन धर्म और भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाने का भी आरोप लगाया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता रोहन गुप्ता ने 25 अगस्त को जयपुर में कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने अंग्रेजों की 'डिवाइड एंड रूल' नीति को अपना लिया है। उनके अनुसार, 'वंदे मातरम' के सभी छह छंद न गाने की कांग्रेस की मानसिकता उसकी तुष्टीकरण की राजनीति को उजागर करती है।

वंदे मातरम विवाद पर BJP का रुख

रोहन गुप्ता ने कहा कि 'वंदे मातरम' वही राष्ट्रगीत है जो कभी कांग्रेस के अपने अधिवेशनों में पूरा गाया जाता था। उन्होंने कहा, 'राष्ट्रगीत का न कोई धर्म होता है और न कोई जाति — यह धर्म और जाति से परे है।' उनके अनुसार, किसी भी देश में राष्ट्रगीत की कोई पंक्ति किसी धर्म के विरुद्ध नहीं हो सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों तक कांग्रेस की वजह से राष्ट्रगीत को अपमान सहना पड़ा।

राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम पर निशाना

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा पुणे में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को रोहन गुप्ता ने महज 'पीआर एक्टिविटी' करार दिया। उन्होंने कहा कि यह ऐसी गूंज है जो कांग्रेस के अपने नेताओं को भी सुनाई नहीं देती और झारखंड की कांग्रेस-समर्थित सरकार को भी नहीं।

गुप्ता ने तर्क दिया कि अगर यह कार्यक्रम दिखावा नहीं होता, तो राहुल गांधी पहले झारखंड जाते — जहाँ कांग्रेस सत्ता में है — वहाँ छात्रों की समस्याएं सुनते और समाधान करके दिखाते। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस राज्य में कांग्रेस को सरकार चलाने का अवसर मिला है, वहाँ कुछ न करके दूसरे राज्य में जाकर उपलब्धियों की मार्केटिंग करने पर जनता कैसे भरोसा करेगी।

मनुस्मृति और ट्रिपल तलाक पर सवाल

रोहन गुप्ता ने राहुल गांधी के मनुस्मृति संबंधी बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी महिलाओं के अधिकारों की बात करते हैं, लेकिन उन अधिकारों की चर्चा में उन्हें मनुस्मृति ही क्यों दिखती है। गुप्ता ने यह भी पूछा कि ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर कांग्रेस हमेशा खामोश क्यों रही।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा ट्रिपल तलाक के विरुद्ध कानून बनाए जाने के बावजूद कांग्रेस उसके खिलाफ खड़ी हुई। उनके अनुसार, अगर कांग्रेस महिलाओं के अधिकारों की वास्तव में पैरोकार है, तो उसे मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों पर भी समान रूप से मुखर होना चाहिए।

सनातन और भगवान राम पर आरोप

गुप्ता ने यह भी कहा कि कांग्रेस नेता बार-बार सनातन धर्म का अपमान करते हैं और उनके नेता भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने कहा कि जनता राहुल गांधी और कांग्रेस की 'चाल, चरित्र और चेहरे' को भली-भाँति समझ चुकी है।

आगे की राजनीतिक तस्वीर

यह बयानबाजी ऐसे समय में आई है जब कांग्रेस और BJP के बीच सांस्कृतिक-धार्मिक मुद्दों पर टकराव तेज हो रहा है। गौरतलब है कि वंदे मातरम और राष्ट्रीय प्रतीकों को लेकर राजनीतिक विमर्श पहले भी चुनावी मौसम में केंद्र में आता रहा है। BJP के इस आक्रामक रुख से आने वाले दिनों में कांग्रेस की प्रतिक्रिया और इस विवाद का विस्तार देखना बाकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

राम, सनातन — को विपक्ष के खिलाफ राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। 'वंदे मातरम' का विवाद नया नहीं है; दशकों से इस पर बहस होती रही है और इसे चुनावी ध्रुवीकरण के लिए उठाया जाता रहा है। राहुल गांधी के झारखंड वाले तर्क में एक वैध प्रश्न है — शासन की जवाबदेही — लेकिन उसे सांस्कृतिक आरोपों की आड़ में प्रस्तुत करने से मूल मुद्दा पीछे रह जाता है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस पैटर्न को नजरअंदाज करती है कि ऐसे बयान चुनावी कैलेंडर के साथ कितनी नियमितता से आते हैं।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रोहन गुप्ता ने कांग्रेस पर 'डिवाइड एंड रूल' का आरोप क्यों लगाया?
BJP नेता रोहन गुप्ता का आरोप है कि कांग्रेस 'वंदे मातरम' के सभी छह छंद न गाकर राष्ट्रगीत को धर्म और जाति के आधार पर बाँटने की कोशिश कर रही है, जो उनके अनुसार अंग्रेजों की 'डिवाइड एंड रूल' नीति जैसी है। उन्होंने इसे कांग्रेस की तुष्टीकरण मानसिकता का प्रमाण बताया।
वंदे मातरम के छह छंद न गाने का विवाद क्या है?
'वंदे मातरम' भारत का राष्ट्रगीत है और इसके कुछ छंदों को लेकर ऐतिहासिक रूप से धार्मिक आपत्तियाँ उठती रही हैं। रोहन गुप्ता का कहना है कि जो गीत कभी कांग्रेस के अपने अधिवेशनों में पूरा गाया जाता था, उसे अब पार्टी अधूरा गाती है, जो राष्ट्रगीत का अपमान है।
राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम पर BJP ने क्या कहा?
BJP नेता रोहन गुप्ता ने पुणे में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को केवल 'पीआर एक्टिविटी' और दिखावा बताया। उन्होंने तर्क दिया कि राहुल गांधी को पहले झारखंड जाना चाहिए था — जहाँ कांग्रेस-समर्थित सरकार है — और वहाँ छात्रों की समस्याएं हल करनी चाहिए थीं।
ट्रिपल तलाक पर कांग्रेस के रुख को BJP ने क्यों उठाया?
रोहन गुप्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस महिला अधिकारों की बात तो करती है, लेकिन केंद्र सरकार के ट्रिपल तलाक विरोधी कानून का विरोध किया। उनके अनुसार, यह दोहरापन दर्शाता है कि कांग्रेस मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों पर मुखर नहीं है।
क्या BJP और कांग्रेस के बीच सांस्कृतिक मुद्दों पर यह विवाद नया है?
नहीं, वंदे मातरम, सनातन धर्म और राष्ट्रीय प्रतीकों को लेकर BJP और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव दशकों पुराना है। यह बयानबाजी अक्सर चुनावी मौसम या बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों के आसपास तेज होती है।
राष्ट्र प्रेस
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