वंदे मातरम विवाद: भाजपा नेता गौरव वल्लभ का कांग्रेस पर हमला — 'राष्ट्रीय गीत नहीं, पारिवारिक गीत की परंपरा'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता गौरव वल्लभ ने 22 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में वंदे मातरम पर कांग्रेस के रुख और रांची में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) तथा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा प्रहार किया। वल्लभ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस में राष्ट्रीय गीत की नहीं, बल्कि एक परिवार की स्तुति करने वाले 'पारिवारिक गीत' की परंपरा है।
वंदे मातरम पर कांग्रेस का रुख: भाजपा की आपत्ति
गौरव वल्लभ ने कहा कि कांग्रेस का यह कहना 'बेतुका' है कि राष्ट्रीय गीत के केवल दो छंद गाए जाएंगे, शेष नहीं। उन्होंने सवाल उठाया, 'क्यों नहीं गाएंगे? सिर्फ इसलिए कि आपकी तुष्टिकरण की राजनीति खराब हो जाती है।' वल्लभ ने आरोप लगाया कि तुष्टिकरण की राजनीति के कारण आजादी के बाद लगभग 60 वर्षों तक भारत के राष्ट्रीय गीत को 'तिरस्कृत' किया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस में पार्टी की बागडोर केवल उन्हीं लोगों को सौंपी जाती है जो एक विशेष परिवार में जन्मे हों, और इस कारण उस पार्टी का राष्ट्रहित से कोई वास्तविक संबंध नहीं है।
रांची छात्र आंदोलन पर राहुल गांधी को घेरा
वल्लभ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे 'पैसे देकर इन्फ्लुएंसर्स को बुलाकर' विभिन्न शहरों में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को रांची में परीक्षा दर परीक्षा रद्द होने से पीड़ित छात्रों की आवाज़ सुनाई नहीं देती।
'पूरी एक पीढ़ी का भविष्य अंधेरे में धकेल दिया गया है,' वल्लभ ने कहा। उन्होंने राहुल गांधी को याद दिलाया कि नेता प्रतिपक्ष के नाते उनकी जिम्मेदारी है कि वे रांची के छात्रों की बात भी सुनें। वल्लभ ने कहा कि 'छात्रों के कंधे पर बैठकर राजनीतिक हित साधने का षड्यंत्र देश की जनता और छात्र दोनों समझ रहे हैं।'
केजरीवाल पर भी निशाना: गुरप्रीत कौर पर रिश्वत का आरोप
भाजपा नेता ने आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल को भी घेरा। उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी गुरप्रीत कौर पर ₹5 करोड़ की रिश्वत लेकर एक दुष्कर्म के आरोपी को बचाने का आरोप लगा है। वल्लभ ने सवाल किया कि जो केजरीवाल 'हर मुद्दे पर बाहर आकर जवाब देते हैं,' वे इस मामले में चुप क्यों हैं।
वल्लभ ने कहा, 'सिर्फ परिस्थिति देखकर सेलेक्टिव बयानबाजी करना राजनीति नहीं होती। अरविंद जी, बाहर आकर बताइए — तब देश को आप पर विश्वास होगा।' गौरतलब है कि गुरप्रीत कौर पर लगे ये आरोप अभी तक कथित तौर पर हैं और न्यायिक जाँच का विषय हैं।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की स्थिति
यह ऐसे समय में आया है जब वंदे मातरम को लेकर राष्ट्रीय बहस एक बार फिर तेज हो गई है और रांची में छात्र आंदोलन ने राजनीतिक दलों को सक्रिय कर दिया है। भाजपा का यह आक्रामक रुख स्पष्ट करता है कि पार्टी राष्ट्रवाद और सुशासन के मुद्दों को विपक्ष के विरुद्ध प्रमुखता से उठाने की रणनीति पर चल रही है। आने वाले दिनों में कांग्रेस और AAP की प्रतिक्रिया इस राजनीतिक बहस की दिशा तय करेगी।