वंदे मातरम विवाद: 'फांसी पर चढ़ा दो, दो ही पद गाएंगे' — कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष हरिप्रसाद
सारांश
मुख्य बातें
वंदे मातरम के गायन को लेकर छिड़े राष्ट्रीय विवाद के बीच कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने मंगलवार, 18 अगस्त को नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चाहे सरकार उन्हें सलाखों के पीछे भेज दे या फांसी के फंदे पर लटका दे, कांग्रेस वंदे मातरम के केवल दो ही पद गाएगी — न कम, न ज़्यादा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी पर यह आरोप लग रहे हैं कि उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्र गीत के गायन को रोकने का इशारा किया था।
सोनिया गांधी पर लगे आरोपों का खंडन
हरिप्रसाद ने सोनिया गांधी पर लगे आरोपों को भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की 'साजिश और चालाकी भरी योजना' करार देते हुए सिरे से खारिज कर दिया। उनके अनुसार, सोनिया गांधी ने वंदे मातरम के गायन को रोकने का नहीं, बल्कि उसे सही और उचित ढंग से गाए जाने का आग्रह किया था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पैर में तकलीफ थी, इसी कारण वे लंबे समय तक खड़े नहीं हो सकते थे और सोनिया गांधी ने उनके लिए कुर्सी की मांग की थी।
आरएसएस पर पलटवार
हरिप्रसाद ने RSS की देशभक्ति पर सवाल उठाते हुए पूछा कि 'नमस्ते सदा वत्सले' की प्रार्थना के बाद RSS ने अब तक कितनी बार वंदे मातरम या राष्ट्रगान गाया है। उन्होंने यह भी कहा कि 'आजाद हिंद जिंदाबाद', 'वंदे मातरम' और 'इंकलाब जिंदाबाद' जैसे नारे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा थे और उन्होंने BJP व RSS से पूछा कि क्या उन्होंने इनमें से एक भी नारा अपनाया है। उनका कहना था कि जो लोग स्वाधीनता आंदोलन के दौरान अंग्रेजों के साथ खड़े थे, उनसे राष्ट्रभक्ति का पाठ सीखने की कोई ज़रूरत नहीं है।
राहुल गांधी के वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया
पत्रकारों ने हरिप्रसाद से उस वायरल वीडियो के बारे में भी सवाल किया जिसमें कथित तौर पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी यह कहते सुने जा रहे हैं कि पार्टी वंदे मातरम नहीं गाएगी। इस पर हरिप्रसाद ने कहा कि उन्हें इस टिप्पणी की विस्तृत जानकारी नहीं है। हालांकि, उन्होंने कांग्रेस का रुख दोहराते हुए कहा — 'एक कांग्रेस कार्यकर्ता और अध्यक्ष होने के नाते मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि हम केवल दो ही पद गाएंगे। चाहे वो हमें सलाखों के पीछे डालें या फांसी के फंदे पर लटकाएं — उन्हें जो करना हो, करने दीजिए।'
दिल्ली दौरे का उद्देश्य और हनुर मुठभेड़ पर बयान
हरिप्रसाद ने बताया कि कांग्रेस उच्च कमान ने प्रत्येक जिले के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं, जिन्होंने स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलकर संगठन की स्थिति पर रिपोर्ट तैयार की है। इन्हीं रिपोर्टों पर चर्चा के लिए उन्हें नई दिल्ली बुलाया गया था। हनुर वन मुठभेड़ में तीन कथित शिकारियों की मौत के संदर्भ में उन्होंने कहा कि मजिस्ट्रेट जांच के आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं और जांच के नतीजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्वीकार किया कि 'यह घटना नहीं होनी चाहिए थी।'
यह विवाद आने वाले दिनों में और गहरा हो सकता है, क्योंकि BJP और RSS ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के संकेत दिए हैं, जबकि कांग्रेस अपने ऐतिहासिक रुख पर कायम है।