एफएसएसएआई का बड़ा एक्शन: TCF चॉकलेट्स और शिवम एग्रो के लाइसेंस तत्काल निलंबित, कीट संक्रमण व सड़े उपकरण मिले
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने 1 अक्टूबर 2026 को गंभीर खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता उल्लंघनों के आधार पर टीसीएफ चॉकलेट्स एंड गिफ्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और शिवम एग्रो के खाद्य व्यवसाय लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए। नियामक ने दोनों कंपनियों को निलंबन अवधि के दौरान समस्त खाद्य व्यवसाय गतिविधियाँ पूर्णतः बंद रखने का आदेश दिया है।
TCF चॉकलेट्स: उपभोक्ता शिकायत से खुला पूरा खेल
एफएसएसएआई के अनुसार, टीसीएफ चॉकलेट्स एंड गिफ्ट्स के विरुद्ध कार्रवाई एक उपभोक्ता शिकायत के बाद शुरू हुई, जो एक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के ज़रिए मँगाए गए खाद्य उत्पाद से जुड़ी थी। शिकायत की जाँच के दौरान अधिकारियों को खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में कीटों का संक्रमण, बिल्ली का मल और खुले नाले जैसी अत्यंत गंभीर स्वच्छता विफलताएँ मिलीं।
परिसर में एक्सपायर्ड फूड कलर और फ्लेवर भी पाए गए। इसके अलावा सफाई में उपयोग होने वाले रसायनों को खाद्य सामग्री और कच्चे माल के अत्यंत निकट रखा गया था, जिससे संदूषण का खतरा गंभीर रूप से बढ़ गया था। खाद्य पदार्थ संभालने वाले कर्मचारियों में व्यक्तिगत स्वच्छता और सुरक्षा उपायों की भी भारी कमी देखी गई।
गौरतलब है कि पिछले निरीक्षण में भी टीसीएफ चॉकलेट्स को मात्र 14 प्रतिशत कंप्लायंस स्कोर मिला था, क्योंकि कंपनी आवश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत नहीं कर सकी थी। यह ऐसे समय में आया है जब ऑनलाइन खाद्य बाज़ार के विस्तार के साथ उत्पादन-स्थल की निगरानी एक बड़ी नीतिगत चुनौती बन चुकी है।
शिवम एग्रो: जंग लगे उपकरण, चूहों की गतिविधि और लैब का अभाव
शिवम एग्रो के परिसर में भी निरीक्षण के दौरान समान रूप से चिंताजनक स्थिति मिली। अधिकारियों ने मक्खियाँ, कचरा, रुका हुआ गंदा पानी और मकड़ियों का संक्रमण देखा। फर्श, मशीनों, दीवारों और छतों की सफाई अपर्याप्त पाई गई और चूहों की गतिविधियों के स्पष्ट संकेत भी मिले।
नियामक ने पाया कि खाद्य सामग्री और गैर-खाद्य वस्तुओं को एक साथ रखा जा रहा था तथा कई खाद्य उत्पाद गलियारों और अस्थायी भंडारण क्षेत्रों में पड़े थे। इससे भी गंभीर बात यह थी कि खाद्य तेलों के मिश्रण के लिए लोहे और फेरस धातु के टैंकों का उपयोग हो रहा था, जबकि कंपनी यह प्रमाणित नहीं कर सकी कि ये उपकरण खाद्य संपर्क के लिए सुरक्षित हैं।
एफएसएसएआई के अनुसार, कंपनी के पास कार्यशील इन-हाउस प्रयोगशाला नहीं थी और तैयार उत्पादों की नियमित जाँच के रिकॉर्ड भी प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
लेबलिंग में भी गड़बड़ी
दोनों कंपनियों में लेबलिंग संबंधी अनियमितताएँ भी सामने आईं। टीसीएफ चॉकलेट्स अपने उत्पादों पर खाद्य पदार्थों के नाम सही ढंग से नहीं दर्शा रही थी। वहीं शिवम एग्रो ने वनस्पति आधारित खाद्य तेल उत्पाद पर सर्विंग जानकारी और कोलेस्ट्रॉल संबंधी विवरण गलत तरीके से दर्ज किए थे — जो उपभोक्ताओं को गुमराह करने की श्रेणी में आता है।
एफएसएसएआई का रुख और आगे की कार्रवाई
एफएसएसएआई ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य उत्पाद मिल सकें। दोनों कंपनियों को लाइसेंस बहाली के लिए नियामकीय शर्तें पूरी करनी होंगी और पुनः निरीक्षण से गुज़रना होगा। यह कार्रवाई उपभोक्ता संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है और बाज़ार में खाद्य व्यवसायियों को चेतावनी का काम करती है।