एफएसएसएआई ने रीहान हेल्थकेयर का लाइसेंस निलंबित किया, मात्र 12% अनुपालन पर तत्काल उत्पादन बंद
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने 24 जुलाई 2026 को हेल्थ सप्लीमेंट्स और न्यूट्रास्यूटिकल्स निर्माता रीहान हेल्थकेयर का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। नियामक निरीक्षण में कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को केवल 12 प्रतिशत अनुपालन स्कोर मिला, जिसे एफएसएसएआई ने खाद्य सुरक्षा नियमों का 'अत्यंत गंभीर उल्लंघन' करार दिया। कंपनी को सभी खाद्य उत्पादन एवं कारोबारी गतिविधियाँ तत्काल बंद करने का निर्देश दिया गया है।
निरीक्षण में क्या मिला
एफएसएसएआई के अनुसार, फैक्ट्री परिसर अत्यंत अस्वच्छ और अव्यवस्थित पाया गया। मैन्युफैक्चरिंग टैंकों के नीचे गंदगी और कीचड़ जमा था, उत्पादन क्षेत्र में मकड़ी के जाले, फफूंदी, मक्खियाँ और अन्य कीड़े-मकोड़े मौजूद थे, तथा खुले में खाद्य अपशिष्ट पड़ा हुआ था।
इसके अतिरिक्त, कच्चे माल का भंडारण अव्यवस्थित था, वेंटिलेशन और रोशनी की व्यवस्था अपर्याप्त थी, इमारत के कई हिस्से क्षतिग्रस्त थे और पीने के पानी की जाँच से संबंधित कोई वैध रिपोर्ट उपलब्ध नहीं थी। नियामक के अनुसार इन परिस्थितियों से उत्पादों में क्रॉस-कंटैमिनेशन का गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा था।
सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरा
एफएसएसएआई ने विशेष रूप से चिंता जताई कि रीहान हेल्थकेयर डाइजेस्टिव सिरप, मल्टीविटामिन सिरप और अन्य सिरप-आधारित उत्पाद बनाती है — ये उच्च जोखिम वाली खाद्य श्रेणियाँ हैं जिनका सेवन बच्चों और अन्य संवेदनशील वर्गों द्वारा भी किया जाता है। नियामक ने कहा कि ऐसी अस्वच्छ परिस्थितियों में इन उत्पादों का निर्माण सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए तत्काल और गंभीर खतरा है।
नियामक की कार्रवाई और चेतावनी
एफएसएसएआई ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए स्पष्ट किया कि उत्पादन तभी पुनः शुरू किया जा सकेगा जब कंपनी सभी कमियों को दूर कर सक्षम प्राधिकारी से अनुपालन का सत्यापन करा ले। नियामक ने यह भी चेतावनी दी कि निलंबन आदेश का उल्लंघन करने पर कंपनी के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
व्यापक अभियान का हिस्सा
यह कार्रवाई एफएसएसएआई के उस व्यापक प्रवर्तन अभियान का हिस्सा है जिसके तहत हाल के महीनों में खाद्य एवं पेय कंपनियों के विरुद्ध भ्रामक दावों, लेबलिंग उल्लंघन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर कार्रवाइयाँ तेज की गई हैं। इस अभियान में कई ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को भी नोटिस जारी किए गए हैं। नियामक के अनुसार ये कदम उपभोक्ताओं की शिकायतों, स्वतः संज्ञान और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के नियमित निरीक्षण के आधार पर उठाए जा रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब न्यूट्रास्यूटिकल्स बाज़ार में अनियमित उत्पादों को लेकर उपभोक्ता चिंताएँ बढ़ रही हैं।