एफएसएसएआई ने पैराडाइज डिस्टिलरीज का लाइसेंस 15 दिनों के लिए किया निलंबित, एक्सपायर्ड फ्लेवर और गंदगी मिली
सारांश
मुख्य बातें
खाद्य नियामक भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने 18 सितंबर 2026 को पैराडाइज डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से 15 दिनों के लिए निलंबित कर दिया। खाद्य परिसर के निरीक्षण के दौरान शराब निर्माण में एक्सपायर्ड फ्लेवर और रंगों के इस्तेमाल सहित गंभीर अनियमितताएँ सामने आने के बाद यह कड़ा कदम उठाया गया।
निरीक्षण में क्या मिला
एफएसएसएआई के बयान के अनुसार, निरीक्षण के दौरान परिसर में कई चिंताजनक खामियाँ पाई गईं। शराब निर्माण प्रक्रिया में एक्सपायर्ड फ्लेवर और रंगों का उपयोग किया जा रहा था, जिससे अंतिम उत्पाद की गुणवत्ता और उपभोक्ता सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा था।
इसके अतिरिक्त, अंतिम मिश्रण टैंक सही तरीके से बंद नहीं पाया गया। बोतल साफ करने वाली मशीन पर ग्रीस और धूल की मोटी परत जमी थी, और परिसर में टूटे हुए कांच के टुकड़े बिखरे मिले — जबकि कांच प्रबंधन की कोई नीति मौजूद नहीं थी।
संरचनात्मक और परिचालन खामियाँ
नियामक ने पाया कि परिसर में दरवाजों की खराब फिटिंग, अपर्याप्त रोशनी, दीवारों पर उखड़ता पेंट और प्लास्टर, अस्वच्छ पैकिंग व्यवस्था, अनुचित भंडारण, अप्रभावी कीट नियंत्रण और खाद्य सामग्री संभालने वाले कर्मचारियों की खराब व्यक्तिगत स्वच्छता जैसी खामियाँ भी थीं।
इससे भी आगे, चिकित्सकीय जाँच और टीकाकरण रिकॉर्ड, सुरक्षात्मक कपड़ों के उपयोग, सफाई कार्यक्रम, उपकरण रखरखाव, कीट नियंत्रण रिकॉर्ड, ग्राहक शिकायत निवारण व्यवस्था और खाद्य सुरक्षा प्रणाली ऑडिट — इन सभी पहलुओं में नियमों की अनदेखी पाई गई।
लेबलिंग नियमों की भी अनदेखी
एफएसएसएआई के अनुसार, कंपनी ने केंद्रीय लाइसेंसिंग प्राधिकरण द्वारा जारी नोटिस के बावजूद उत्पाद लेबल में आवश्यक बदलाव नहीं किए और संतोषजनक जवाब भी प्रस्तुत नहीं किया। यह चूक लाइसेंस निलंबन के निर्णय में एक अहम कारक रही।
खाद्य कारोबार संचालक (एफबीओ) को निर्देश दिया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान सभी खाद्य व्यवसाय गतिविधियाँ पूरी तरह बंद रखी जाएँ और निर्धारित समयसीमा के भीतर पाई गई कमियों को दूर किया जाए।
नेस्ले इंडिया पर भी एफएसएसएआई की कार्रवाई
गौरतलब है कि इसी दिन एफएसएसएआई ने नेस्ले इंडिया के खिलाफ उसके शिशु पोषण उत्पादों — एनएएन एक्सेला प्रो स्टेज 1 और लैक्टोजेन प्रो 1 — से जुड़े कथित नियामकीय उल्लंघनों पर तीन अलग-अलग न्यायनिर्णयन मामले शुरू किए। नियामक ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध उत्पादों और उनकी प्रचार सामग्री की जाँच में कुछ दावों पर आपत्ति दर्ज की थी।
नेस्ले इंडिया के प्रवक्ता ने इन आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा, 'एनएएन एक्सेला प्रो और लैक्टोजेन प्रो उत्पादों तथा इनके लेबल को एफएसएसएआई की विशेषज्ञ समिति से मंजूरी मिली हुई है। नोटिस के जवाब में हमने अधिकारियों को विस्तृत स्पष्टीकरण दोबारा सौंप दिया है। लेबल पर दी गई जानकारी तथ्यात्मक है और वैज्ञानिक साहित्य द्वारा समर्थित है।'
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब खाद्य सुरक्षा को लेकर उपभोक्ता जागरूकता और नियामकीय सख्ती दोनों बढ़ रहे हैं। पैराडाइज डिस्टिलरीज के पास अब 15 दिनों के भीतर सभी कमियाँ दूर कर लाइसेंस बहाली के लिए आवेदन करने का विकल्प है। एफएसएसएआई की यह कार्रवाई खाद्य और पेय उद्योग को स्पष्ट संकेत देती है कि अनुपालन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।