पंजाब BJP अध्यक्ष बने केवल सिंह ढिल्लों, बिट्टू बोले- ‘अब पंजाब में भी खिलेगा कमल’
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने 3 जून को केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि यह पार्टी के लिए ‘बहुत खुशी का मौका’ है और अब ‘कमल पंजाब में भी खिलेगा’। आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले हुई इस नियुक्ति को भाजपा की राज्य रणनीति में एक अहम बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि ढिल्लों मौजूदा संगठनात्मक ढाँचे में इस पद पर पहुँचने वाले पहले जाट सिख चेहरा हैं।
बिट्टू का बयान
बिट्टू ने कहा, ‘आज भाजपा और पंजाब के लिए बहुत खुशी का मौका है। पार्टी ने यह जिम्मेदारी दी है और चूंकि प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर सेवा दे रहे जाखड़ साहब का कार्यकाल पूरा हो गया है, इसलिए मालवा क्षेत्र से आने वाले सरदार केवल सिंह ढिल्लों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।’ राज्य में पार्टी की चुनावी महत्वाकांक्षाओं पर ज़ोर देते हुए उन्होंने जोड़ा, ‘कमल हमारा निशान है। कमल पहले से ही खिला हुआ है; अब इसे पंजाब में भी खिलना है।’
क्यों अहम है यह नियुक्ति
पार्टी सूत्रों के अनुसार, ढिल्लों का चयन गहन आंतरिक विचार-विमर्श के बाद किया गया, जिसमें तीन प्रमुख दावेदार दौड़ में थे। इनमें पंजाब भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और विधायक अश्विनी शर्मा भी शामिल बताए गए, जिन्हें राज्य में पार्टी का एक प्रमुख हिंदू चेहरा माना जाता है। कई वरिष्ठ नेताओं के नाम भी विचाराधीन थे, लेकिन आलाकमान ने अंततः ढिल्लों के नाम पर मुहर लगाई।
जाट सिख चेहरे पर दांव
पंजाब में लंबे समय तक भाजपा की कमान हिंदू नेताओं के हाथ में रही है। चुनावों से पहले एक जाट सिख चेहरे को आगे करना पार्टी की अपील का दायरा बढ़ाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि दया सिंह सोढ़ी 1997 में पंजाब भाजपा के अध्यक्ष रह चुके हैं, परन्तु आलोचकों का कहना है कि मौजूदा संगठनात्मक संरचना में ढिल्लों इस पद पर नियुक्त होने वाले पहले जाट सिख हैं।
आगे की राह
यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब भाजपा पंजाब में शिरोमणि अकाली दल से गठबंधन टूटने के बाद अपने ज़मीनी संगठन को नए सिरे से खड़ा करने में जुटी है। ढिल्लों के सामने ग्रामीण मालवा बेल्ट में पकड़ मज़बूत करने और किसान-केंद्रित मुद्दों पर पार्टी की छवि सुधारने की दोहरी चुनौती होगी।