केवल सिंह ढिल्लों बने पंजाब भाजपा अध्यक्ष, 2027 चुनाव से पहले बड़ा संगठनात्मक बदलाव
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 28 मई 2026 को पंजाब में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल करते हुए केवल सिंह ढिल्लों को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी महासचिव अरुण सिंह ने इस नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा की। इससे पहले यह पद सुनील जाखड़ के पास था। यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं।
केवल सिंह ढिल्लों का राजनीतिक सफर
केवल सिंह ढिल्लों ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस से की थी। वे 2007 और 2012 में बरनाला विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर दो बार विधायक रहे। इसके बाद 2022 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामा। 2024 में उन्होंने बरनाला से उपचुनाव भी लड़ा था।
BJP में आने के बाद ढिल्लों पंजाब भाजपा के उपाध्यक्ष पद पर कार्यरत थे। राज्य में उनकी पहचान एक विकासवादी नेता के रूप में है, जो विकास कार्यों में किसी प्रकार का समझौता न करने के लिए जाने जाते हैं।
ढिल्लों का 2027 चुनाव पर दावा
प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने के बाद केवल सिंह ढिल्लों ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा शानदार प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब में सभी समुदायों के लोग मिलकर आगे बढ़ेंगे।
उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) पर भी निशाना साधते हुए कहा कि आप ने पंजाब की जनता से जो वादे किए थे, चार साल बाद भी वे सभी वादे अधूरे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल के बाद अब पंजाब में भी भाजपा सत्ता हासिल करेगी।
हरियाणा में भी नई अध्यक्ष की नियुक्ति
इसी क्रम में हरियाणा में भी भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने प्रदेश अध्यक्ष की कमान डॉ. अर्चना गुप्ता को सौंपी है। इससे पहले यह पद मोहनलाल बडौली के पास था। पेशे से डॉक्टर डॉ. अर्चना गुप्ता मौजूदा समय में प्रदेश महामंत्री पद पर कार्यरत थीं।
डॉ. अर्चना गुप्ता विश्व हिंदू परिषद में भी सक्रिय रही हैं और 2016 से 2020 तक महिला मोर्चा की जिम्मेदारी भी संभाल चुकी हैं। वे पानीपत की जिलाध्यक्ष भी रह चुकी हैं। महिलाओं के अधिकारों और आम जनता की आवाज उठाने के उद्देश्य से उन्होंने राजनीति में कदम रखा।
राजनीतिक महत्व
पंजाब और हरियाणा दोनों राज्यों में एक साथ संगठनात्मक बदलाव को भाजपा की 2027 चुनावी तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। पंजाब में जहाँ आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार है, वहाँ भाजपा के लिए यह नियुक्ति संगठन को नई ऊर्जा देने की कोशिश मानी जा रही है। आने वाले महीनों में नए प्रदेश अध्यक्षों की रणनीति और जमीनी पकड़ पर सबकी नजर रहेगी।