भाजपा ने बदले चार प्रदेश अध्यक्ष: दिल्ली में हर्ष मल्होत्रा, पंजाब में केवल सिंह ढिल्लों को कमान
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 28 मई 2026 को एक साथ चार राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की घोषणा की। नई दिल्ली की कमान केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा को सौंपी गई है, जबकि पंजाब में सरदार केवल सिंह ढिल्लों को नई जिम्मेदारी दी गई है। यह संगठनात्मक फेरबदल पार्टी के आंतरिक ढाँचे को नई दिशा देने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।
किन राज्यों में हुए बदलाव
पार्टी ने दिल्ली में वीरेंद्र सचदेवा की जगह हर्ष मल्होत्रा को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। पंजाब में सुनील जाखड़ के स्थान पर सरदार केवल सिंह ढिल्लों को दायित्व सौंपा गया है। इसके अलावा, हरियाणा में डॉ. अर्चना गुप्ता और त्रिपुरा में अभिषेक देबरॉय को प्रदेश अध्यक्ष की कमान दी गई है।
सुनील जाखड़ की प्रतिक्रिया
पंजाब भाजपा के विदाई लेते अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी भावनाएँ साझा कीं। उन्होंने लिखा, "पंजाब भाजपा के अध्यक्ष के रूप में सेवा करना मेरे लिए अत्यंत गौरव और बड़ी जिम्मेदारी का विषय रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मुझ पर जताया गया विश्वास और गृह मंत्री अमित शाह से निरंतर प्राप्त मार्गदर्शन इस पूरे सफर में मेरे लिए शक्ति का स्थायी स्रोत रहा है।"
जाखड़ ने बीएल संतोष, जगत प्रकाश नड्डा और वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "पंजाब भाजपा की ताकत हमेशा राज्यभर के कार्यकर्ताओं, नेताओं और समर्थकों में रही है, जिनकी निष्ठा और सहयोग ने इस कार्यकाल को सार्थक और यादगार बनाया।" जाखड़ ने यह भी स्पष्ट किया कि पंजाब और उसके लोगों से उनका रिश्ता किसी भी पद से ऊपर है और यह आगे भी जारी रहेगा।
वीरेंद्र सचदेवा का स्वागत संदेश
दिल्ली के निवर्तमान अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने नए प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा को बधाई देते हुए लिखा, "आपके नेतृत्व में संगठन नई ऊर्जा, मजबूती और जनसेवा के नए आयाम स्थापित करेगा। पूर्ण विश्वास है कि आपके अनुभव एवं समर्पण से दिल्ली भाजपा और अधिक सशक्त होगी।"
संगठनात्मक बदलाव का संदर्भ
गौरतलब है कि भाजपा समय-समय पर राज्य स्तर पर संगठनात्मक फेरबदल करती रही है, विशेष रूप से चुनावी चक्र के बीच या बाद में। दिल्ली और पंजाब दोनों ही राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील राज्य हैं, जहाँ पार्टी अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है। हर्ष मल्होत्रा का केंद्रीय मंत्री पद पर रहते हुए दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाना संगठन और सरकार के बीच समन्वय की नई रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
आगे की राह
नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्षों के सामने अपने-अपने राज्यों में पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की चुनौती होगी। त्रिपुरा में अभिषेक देबरॉय और हरियाणा में डॉ. अर्चना गुप्ता की नियुक्ति भी इसी व्यापक पुनर्गठन का हिस्सा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, नए अध्यक्षों से संगठन विस्तार और कार्यकर्ता जुड़ाव पर विशेष ध्यान देने की उम्मीद है।